scorecardresearch
 
Advertisement

मां कालरात्रि व्रत कथा (Maa Kalaratri Vrat Katha)

कालरात्रि व्रत कथा

मां कालरात्रि की उपासना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है, इससे ग्रहों की बाधाएं कम हो जाती हैं, अग्नि और जल, जंतु और दुश्मनों के भय से मुक्ति मिलती है. इस प्रकार, मां कालरात्रि अपने भक्तों के जीवन से सभी प्रकार के भय और नकारात्मकता को दूर कर उन्हें आशा, शक्ति और सुरक्षा का आशीर्वाद प्रदान करती हैं.

मां कालरात्रि व्रत कथा
मां कालरात्रि व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार एक समय, रक्तबीज नाम के एक राक्षस का आतंक फैल गया था. रक्तबीज के पास एक वरदान था कि उसके शरीर से गिरने वाला हर खून की बूंद एक नए राक्षस को जन्म देती थी. यह वरदान उसे अमर बना रहा था. देवता और मनुष्य, सभी उसकी क्रूरता से पीड़ित थे. देवताओं ने इस समस्या का समाधान खोजने के लिए भगवान शिव से मदद मांगी. इस दानव का अंत केवल मां पार्वती ही कर सकती हैं.

 

भगवान शिव ने कहा. देवताओं ने मां पार्वती से प्रार्थना की. मां पार्वती ने रक्तबीज का अंत करने के लिए मां कालरात्रि को उत्पन्न किया. 

 

मां कालरात्रि ने रक्तबीज का सामना किया और युद्ध शुरू हो गया. रक्तबीज को मारना लगभग असंभव था क्योंकि उसके खून की हर बूंद एक नए राक्षस को जन्म दे रही थी, लेकिन मां कालरात्रि ने एक योजना सोची.

 

उन्होंने रक्तबीज पर आक्रमण किया और जैसे ही उसके शरीर से खून बहना शुरू हुआ, उन्होंने अपने मुंह से सारा खून पी लिया. इस तरह रक्तबीज और अधिक राक्षसों को जन्म नहीं दे पाया और अंत में, मां कालरात्रि ने उसका वध कर दिया. इस प्रकार मां कालरात्रि ने संसार को रक्तबीज के आतंक से मुक्त कराया.

 

कालरात्रि माता की आरती

 

कालरात्रि जय-जय-महाकाली। काल के मुह से बचाने वाली। 
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचंडी तेरा अवतार।

 

पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा।
खड्ग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली।

 

कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूं तेरा नजारा।
सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी।

 

रक्तदंता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुःख ना।
ना कोई चिंता रहे बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी।

 

उस पर कभी कष्ट ना आवें। महाकाली मां जिसे बचावे।
तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि मां तेरी जय।

 

------समाप्त-----

समाप्त

यह भी पढ़ें

मां कात्यायनी व्रत कथा

मां कात्यायनी व्रत कथा (Maa Katyayani Vrat Katha)

पुराणों के अनुसार माता कात्यायनी की पूजा और व्रत कथा का पाठ ...

और पढ़ें
मां स्‍कंदमाता व्रत कथा

स्‍कंदमाता व्रत कथा (Skandamata Vrat Katha)

नवरात्रि के पांचवें दिन पूजी जाने वाली स्कंदमाता का काफी महत...

और पढ़ें
मां कुष्मांडा व्रत कथा

मां कुष्मांडा व्रत कथा (Maa Kushmanda Vrat Katha)

नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा देवी की पूजा-आराधना करने ...

और पढ़ें
मां चंद्रघंटा व्रत कथा

मां चंद्रघंटा व्रत कथा (Maa Chandraghanta Aarti)

पुराणों में कहा गया है कि नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंट...

और पढ़ें
ब्रह्मचारिणी व्रत कथा

मां ब्रह्मचारिणी व्रत कथा (Maa Brahmacharini Vrat Katha)

मां ब्रह्मचारिणी की कथा और उनका तप इतना प्रेरणादायक है कि इस...

और पढ़ें
शैलपुत्री व्रत कथा

शैलपुत्री व्रत कथा (Shailaputri Vrat Katha)

पूजा के समय मां शैलपुत्री की कथा का पाठ करना बेहद शुभ माना ज...

और पढ़ें
कामदा एकादशी व्रत कथा

कामदा एकादशी व्रत कथा

कामदा एकादशी व्रत रखने से भक्तों की मनोकामना पूरी हो सकती है...

और पढ़ें
पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा

पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा

पापमोचिनी एकादशी व्रत करने से भक्त को पाप कर्मों से मुक्ति म...

और पढ़ें
आमलकी एकादशी व्रत कथा

आमलकी एकादशी व्रत कथा

आमलकी एकादशी व्रत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि क...

और पढ़ें
मंगलवार व्रत कथा

मंगलवार व्रत कथा

मंगलवार का व्रत भगवान हनुमान को समर्पित है. मान्यता है कि इस...

और पढ़ें
Advertisement
Advertisement