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ऑपरेशन सिंदूर के एक साल... हवाई ताकत कितनी बदली- राडार, फाइटर जेट, मिसाइलें, एंटी ड्रोन

एक साल में भारतीय सेना को प्रचंड हेलिकॉप्टर और ATAGS तोपें, वायुसेना को S-400 और तेजस Mk-1A, जबकि नौसेना को INS अरिदमन पनडुब्बी और युद्धपोत मिले. ड्रोन से निपटने के लिए VSHORAD और स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए.

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ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बीतने पर हमारी सेनाओं के पास बहुत हथियार मिले हैं. (Photo: ITG)
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बीतने पर हमारी सेनाओं के पास बहुत हथियार मिले हैं. (Photo: ITG)

पिछले एक साल यानी 2025-2026 में भारतीय रक्षा बलों ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. रक्षा मंत्रालय और डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने हजारों करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए. इनमें स्वदेशी हथियारों पर खास जोर रहा. भारतीय थल सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना को मिसाइलें, हेलिकॉप्टर, वॉरशिप, पनडुब्बी और एयर डिफेंस सिस्टम मिले. इसका मकसद चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से आने वाले खतरे से निपटना है.

सेना को मिले प्रमुख नए हथियार

भारतीय सेना ने पिछले साल आर्टिलरी, एंटी-टैंक और एयर डिफेंस को मजबूत किया. मार्च 2026 में 156 प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (90 सेना के लिए) मंजूर हुए, जिनकी कीमत लगभग 62700 करोड़ रुपये थी. ये हेलीकॉप्टर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में दुश्मन पर हमला करने में सक्षम हैं. 

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Indian Military new weapons 2025-2026

इसके अलावा 307 ATAGS 155mm आर्टिलरी गन सिस्टम (लगभग 7,000 करोड़ रुपये) मिले, जो दुनिया के सबसे बेहतर आर्टिलरी में से एक हैं. सेना को नाग एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम (NAMIS) के ट्रैक्ड वर्जन भी मिले, जिसमें 293 मिसाइलें और 13 कैरियर शामिल हैं. QRSAM (क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल) सिस्टम की मंजूरी भी हुई, जो ड्रोन और एयरक्राफ्ट को तेजी से नष्ट कर सकता है. 

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इसके अलावा T-90 टैंकों के लिए नए शक्तिशाली इंजन, आर्मर्ड पियर्सिंग गोला-बारूद और धनुष गन सिस्टम भी शामिल किए गए. रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन खरीदों से सेना की मारक क्षमता और रक्षा दोनों मजबूत हुई हैं. 

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वायु सेना को मिली नई ताकत

भारतीय वायु सेना (IAF) ने पिछले साल एयर डिफेंस और ट्रांसपोर्ट क्षमता बढ़ाई. DAC ने अतिरिक्त S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने की मंजूरी दी, जो लंबी दूरी तक दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को मार सकता है. मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और रिमोटली पाइलेटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (60 और) भी मंजूर हुए.

LCA तेजस Mk-1A के पहले कुछ विमान 2025-26 के अंत तक डिलीवर होने वाले हैं. C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का पहला स्वदेशी वर्जन 2026 में शामिल होगा. वायु सेना को Su-30 MKI के इंजन ओवरहॉल और आधुनिक मिसाइलें जैसे अस्त्र Mk-II भी मिलीं. ये कदम वायुसेना को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए गए. 

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Indian Military new weapons 2025-2026

नौसेना की नई उपलब्धियां

भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई जहाज और पनडुब्बियां हासिल कीं. मार्च-अप्रैल 2026 में न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन शामिल हुई, जो देश की तीसरी SSBN है. प्रोजेक्ट 17A स्टेल्थ फ्रिगेट्स जैसे INS तारागिरी और INS उदयगिरी भी शामिल किए गए.

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ASW-SWC कॉर्वेट INS अंजदीप को फरवरी 2026 में कमीशन किया गया, जो दुश्मन पनडुब्बियों को मारने में माहिर है. नौसेना को एडवांस्ड लाइटवेट टॉरपीडो, 30mm नेवल गन और अन्य हथियार भी मिले. 2026 में कुल 19 नए युद्धपोत शामिल करने की योजना है. ये कदम हिंद महासागर में बढ़ते चीन के प्रभाव का जवाब हैं.

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Indian Military new weapons 2025-2026

ड्रोन हमलों से निपटने की तैयारी

आजकल ड्रोन सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं, इसलिए भारत ने काउंटर-ड्रोन सिस्टम पर खास ध्यान दिया. रक्षा मंत्रालय ने आर्मी और एयर फोर्स के लिए 16 इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम (IDD&IS Mk-2) मंजूर किए. ये सिस्टम लेजर से 2 किलोमीटर दूर तक ड्रोन को नष्ट कर सकते हैं.

DRDO ने VSHORAD, भार्गवास्त्र और अन्य स्वदेशी सिस्टम विकसित किए, जो ड्रोन स्वार्म को रोक सकते हैं. आर्मी ने IDD&IS, लो-लेवल रडार और लॉइटरिंग मुनिशन सिस्टम हासिल किए. वायुसेना बैकपैक काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रही है. ये तैयारियां सीमा पर ड्रोन हमलों से बचाव के लिए की गई हैं.

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पिछले एक साल में भारतीय रक्षा बलों ने स्वदेशी उत्पादन और आधुनिक हथियारों पर जोर देकर अपनी तैयारियां बढ़ाईं. S-400, प्रचंड हेलिकॉप्टर, ATAGS, नई पनडुब्बियां और काउंटर-ड्रोन सिस्टम प्रमुख उपलब्धियां हैं. रक्षा मंत्रालय के अनुसार 2025 में 3.84 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर हुए. 

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