तेजस फाइटर जेट
तेजस (Tejas) एक भारतीय फाइटर जेट है (Indian Fighter Jet) जो सिंगल इंजन, डेल्टा विंग, मल्टीरोल लाइट फाइटर है. इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (DA) ने भारतीय वायु सेना और भारतीय वायु नौसेना के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर (ARDC) के सहयोग से डिजाइन किया है.
यह हल्के लड़ाकू विमान (LCA) है, जो 1980 के दशक में भारत के पुराने मिग-21 (MIG 21) लड़ाकू विमानों को बदलने के लिए शुरू हुआ था. 2003 में, LCA को आधिकारिक तौर पर "Tejas" नाम दिया गया था. यह समकालीन सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों की अपनी श्रेणी में सबसे छोटा और हल्का है. पहला तेजस स्क्वाड्रन 2016 में शुरू हुआ था (First Tejas).
तेजस के वर्तमान में तीन मॉडल हैं - तेजस मार्क 1, मार्क 1 ए और ट्रेनर एडिशन (Models of Tejas). IAF ने वर्तमान में तेजस ट्रेनर विमान सहित 40 तेजस मार्क 1 और 83 तेजस मार्क 1A का ऑर्डर दिया है. IAF की योजना सभी प्रकार के 324 विमान खरीदने की है, जिसमें तेजस मार्क 2 भी शामिल है जिसे वर्तमान में HAL द्वारा विकसित किया जा रहा है (Tejas in India).
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तेजस Mk1A के इंजन सप्लाई में देरी के लिए अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस पर पेनल्टी लगाने का फैसला किया है. GE ने 99 इंजनों में से सिर्फ 6 ही सप्लाई किए हैं. कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार हर देरी वाले इंजन पर लिक्विडेटेड डैमेजेस वसूला जाएगा. इससे तेजस Mk1A प्रोजेक्ट दो साल से ज्यादा देरी से चल रहा है.
18 तेजस Mk1A फाइटर जेट तैयार हैं, लेकिन भारतीय वायुसेना (IAF) की सख्त जांच के बाद ही इन्हें शामिल किया जाएगा. मिसाइल फायरिंग, रडार इंटीग्रेशन और वेपन कंट्रोल सिस्टम की जांच अहम होगी. GE इंजन की सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी भी प्रभावित हुई है.
भारतीय वायुसेना अप्रैल में तेजस Mk1A के ट्रायल्स शुरू करेगी. HAL ने 18 Mk1A विमान तैयार कर लिए हैं. IAF मिसाइल फायरिंग, रडार-EW इंटीग्रेशन और हथियार प्रणाली की पूरी जांच के बाद ही इन विमानों को शामिल करेगा.
भारतीय वायुसेना 'तरंग शक्ति 2.0' की तैयारी में जुटी है, जो सितंबर-अक्टूबर 2026 में राजस्थान के जोधपुर में होगी. यह बहुराष्ट्रीय अभ्यास दो हफ्ते चलेगा, जिसमें कई देशों के उन्नत फाइटर जेट्स भारतीय विमानों के साथ जटिल हवाई युद्ध अभ्यास करेंगे. 2024 के सफल संस्करण के बाद यह अभ्यास इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाएगा और भारत की वायुसेना की ताकत दिखाएगा.
राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना ने 'वायु शक्ति-2026' के मुख्य कार्यक्रम से पहले फुल ड्रेस रिहर्सल की. राफेल, सुखोई-30, मिग-29, जगुआर आदि विमानों ने सटीक बमबारी, मिसाइल अटैक और हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस दिखाए. पहली बार भव्य ड्रोन शो में देश का नक्शा और आतिशबाजी प्रदर्शित हुई. मुख्य आयोजन 27 फरवरी को होगा.
HAL ने तेजस विमान के कथित क्रैश की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए बताया कि यह केवल जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी घटना थी. वायुसेना के साथ मिलकर घटना की जांच जारी है. Mk1A विमान के तीन प्रमुख परीक्षण सफल होने के बाद ही इसे सेवा में शामिल किया जाएगा.
भारतीय वायुसेना इस साल अप्रैल में स्वदेशी तेजस Mk1A विमान का गहन तकनीकी आकलन करेगी. वायुसेना विमानों की कोर कॉम्बैट कैपिबिलिटी पर कोई समझौता नहीं करना चाहती. आकलन के बाद एक्सेप्टेंस ट्रायल शुरू होंगे, जिसके सफल होने पर विमान को फ्रंटलाइन स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा.
भारतीय वायुसेना का एक और तेजस लड़ाकू विमान महीने की शुरुआत में एक एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई है. हादसे में विमान को गंभीर नुकसान पहुंचा, हालांकि पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर बच गया. यह तेजस की तीसरी दुर्घटना है- मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक क्रैश हुआ था जबकि नवंबर 2025 की घटना में पायलट की मौत हुई थी.
प्रधानमंत्री मोदी आज यानी 14 फरवरी को असम के डिब्रूगढ़ में हाईवे पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी- ELF पर भारतीय वायुसेना के C-130J Super Hercules से लैंड किया. यह पूर्वोत्तर की रक्षा को मजबूत करेगी. राफेल, सुखोई-30, C-130J जैसे विमानों का टड-एंड-गो रिहर्सल हो चुका है. चीन सीमा के करीब होने से युद्ध में वैकल्पिक रनवे मिलेगा. देशभर में 28 ELF की योजना है. असम में 5 बनेंगे. आपदा में राहत मिलेगी.
HAL ने 5 तेजस Mk1A लड़ाकू विमान तैयार कर लिए हैं, जो इस साल भारतीय वायु सेना को डिलीवर हो सकते हैं. इंजन सप्लाई की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है. वायु सेना स्क्वाड्रन की कमी से जूझ रही है. तेजस Mk1A में AESA रडार जैसे आधुनिक फीचर्स हैं. यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लिए बड़ा कदम है.
HAL ने बताया है कि भारतीय वायुसेना के लिए 5 LCA Tejas Mk1A लड़ाकू विमान पूरी तरह तैयार हैं. जल्द सौंपे जाएंगे. 9 और विमान बनकर उड़ान भर चुके हैं. जीई से इंजन मिलते ही तैयार होंगे. इंजन आपूर्ति सुधर रही है. सभी मुद्दे तेजी से सुलझाए जा रहे.
पोखरण में 27 फरवरी को वायु शक्ति 2026 एक्सरसाइज होगी. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला बड़ा फायरपावर डेमो दिखाया जाएगा. दिन, शाम और रात के ऑपरेशंस में 277 हथियारों से 12,000 किग्रा विस्फोटक फोड़े जाएंगे. राफेल, Su-30, तेजस, प्रचंड एक्शन में दिखेंगे. आकाश और SAMAR सिस्टम भी बारूद उगलेंगे.
114 और राफेल से भारतीय वायुसेना को 6 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे, कुल राफेल 150 हो जाएंगे. स्वदेशी LCA Mk1A (10 स्क्वाड्रन), Mk2 (6-7) और AMCA (7) के साथ कुल 23-24 स्क्वाड्रन बढ़ोतरी. मौजूदा 29 से 50+ स्क्वाड्रन तक पहुंच जाएगा. चीन-पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत कॉम्बो बनेगा.
रक्षा मंत्रालय को 2026-27 के लिए ₹7.8 लाख करोड़ का बजट मिला, जो पिछले साल से काफी अधिक है. आधुनिकीकरण के लिए कैपिटल बजट ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है. प्रमुख प्रोजेक्ट्स में राफेल फाइटर जेट, नई स्टील्थ सबमरीन (प्रोजेक्ट 75I) और UAV/ड्रोन शामिल हैं. यह बजट आत्मनिर्भर भारत और सेना की मजबूती पर फोकस करता है.
तेजस Mk1A की डिलीवरी में देरी जारी है. GE ने पांचवां F-404 इंजन HAL को भेजा, लेकिन सप्लाई चेन की समस्या से पहली डिलीवरी अब 2026 में होगी. HAL ने तेजस Mk1A की पहली उड़ान भर ली है. 10 विमान तैयार हैं. भारतीय वायुसेना बेसब्री से इंतजार कर रही है.
ट्रंप फिर चमका रहे हैं 40 साल पुराने पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट फ्लीट को. लेकिन भारत को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. भारतीय वायुसेना के पास राफेल, सुखोई-30 MKI और मिराज-2000 है. इनके आगे नए पॉलिश से चमकदार हुआ F-16 भी फेल हो जाएगा. बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक IAF का दबदबा बरकरार है.
पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत आ रहे हैं. इस दौरे में ब्रह्मोस मिसाइल के नए वर्जन पर बात पक्की है. हल्का ब्रह्मोस-NG हर फाइटर जेट पर लगेगा, रेंज 400 किमी से ज्यादा. लंबी रेंज वाली ब्रह्मोस 1000-1500 किमी तक मार करेगा. हाइपरसोनिक मिसाइल प्रोजेक्ट भी शुरू होगा. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना को और खतरनाक ब्रह्मोस चाहिए. भारत-रूस की यह डील दुश्मनों की नींद उड़ा देगी.
DRDO ने चंडीगढ़ में तेजस लड़ाकू विमान की इमरजेंसी इजेक्शन सीट का हाई-स्पीड रॉकेट-स्लेड टेस्ट सफलतापूर्वक किया है. इस टेस्ट में कैनोपी का टूटना, सीट का बाहर निकलना और पैराशूट की मदद से सुरक्षित उतरना सभी प्रक्रिया सही ढंग से पूरी हुई है. इस सफलता के साथ भारत उन कुछ देशों में शामिल हो गया है जिनके पास यह अत्याधुनिक तकनीक मौजूद है. रक्षा मंत्री ने इसे देश की आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम बताया है, जो भारतीय रक्षा सुविधाओं को और मजबूत करेगा.
DRDO ने चंडीगढ़ में तेजस विमान की इमरजेंसी इजेक्शन सीट का हाई-स्पीड रॉकेट-स्लेड टेस्ट सफलतापूर्वक किया. कैनोपी का टूटना. सीट निकलना और पैराशूट से सुरक्षित उतरना सब सही रहा. भारत अब कुछ चुनिंदा देशों में शामिल, जिनके पास यह उन्नत तकनीक है. रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भरता की बड़ी सफलता बताया.
Battle Ready Bharat: भारतीय सेना ने ब्रह्मोस की नई 800+ किमी रेंज वाली मिसाइल का सफल कॉम्बैट लॉन्च किया. अब पाकिस्तान का आखिरी कोना भी निशाने पर है. हल्की, तेज और घातक यह मिसाइल जमीन, समुद्र व हवा से मार कर सकती है. ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन के 11 एयरबेस तबाह करने वाली ब्रह्मोस अब भारत की सबसे बड़ी ताकत बन गई है.
फ्रांस की सैफ्रान कंपनी अब भारत में राफेल के M88 फाइटर जेट इंजन की पूरी असेंबली और Hammer घातक मिसाइलें बनाएगी. हैदराबाद में M88 इंजन लाइन और BEL के साथ जॉइंट वेंचर से मिसाइल प्रोडक्शन होगा. 100% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, हजारों नौकरियां और आत्मनिर्भर रक्षा के लिए बड़ा कदम. भारत जल्द ही जेट इंजन बनाने वाला देश बनेगा.