मानव रहित हवाई वाहन (UAV) या मानव रहित विमान प्रणाली (UAS), जिसे आमतौर पर ड्रोन (Drone) के रूप में जाना जाता है, एक ऐसा विमान है जिसमें कोई मानव पायलट, चालक दल या यात्री नहीं होता है, बल्कि इसे दूर से नियंत्रित किया जाता है या यह स्वायत्त होता है.
ड्रोन तकनीक की शुरुआत मुख्यतः सैन्य उद्देश्यों के लिए हुई थी. पहले विश्व युद्ध में कुछ देशों ने दुश्मन की टोह लेने के लिए ऐसे उपकरणों का प्रयोग किया था. समय के साथ, तकनीक में सुधार होता गया और अब ड्रोन का उपयोग केवल सेना तक सीमित नहीं रह गया है.
ड्रोन का सबसे पहला और बड़ा उपयोग रक्षा क्षेत्र में होता रहा है. सीमा पर निगरानी, खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और दुश्मन पर सटीक हमला करने के लिए ड्रोन बेहद कारगर साबित हुए हैं.
आधुनिक किसान ड्रोन का उपयोग फसल की स्थिति देखने, कीटनाशकों के छिड़काव और खेतों की निगरानी के लिए कर रहे हैं. इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है.
बाढ़, भूकंप या अग्निकांड जैसी आपदाओं के समय ड्रोन की मदद से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया जा सकता है. इससे राहत कार्यों की योजना बेहतर ढंग से बनाई जा सकती है.
हवाई दृश्य लेने के लिए ड्रोन आजकल फिल्मों, वेब सीरीज, शादियों और आयोजनों में खूब उपयोग किए जा रहे हैं.
अमेजन और जोमैटो जैसी कंपनियां ड्रोन के माध्यम से पैकेज और खाद्य सामग्री की डिलीवरी की दिशा में काम कर रही हैं. इससे भविष्य में समय और ट्रैफिक दोनों से राहत मिल सकती है.
ईरान के पास अमेरिकी सैन्य बेड़ा अब जून 2025 से भी बड़ा हो गया है. मस्कट में वार्ता के बीच तीन E-11A, तीन ऑस्प्रे, दर्जन भर F-15 जेट, MQ-9 ड्रोन और A-10C विमान ट्रैक हुए हैं. अल-खार्ज और मुवाफ्फक सल्ती बेस पर गतिविधि बढ़ी हुई है. USS अब्राहम लिंकन कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात है. हमले की तैयारी का संकेत मिल रहे हैं.
ईरान के पास कई अंडरग्राउंड ड्रोन और मिसाइल बेस हैं. जिनमें मिसाइलों और ड्रोन को बनाया जाता है. रखा जाता है. ताकि इसपर हमला ने किया जा सके. मिसाइल सिटी की वजह से खाड़ी देशों में खलबली मच गई है. सुरंगों के अंदर मिसाइलों से लैस सैकड़ों ड्रोन्स दिख रहे हैं.
Iran US tension बढ़ा, Arabian Sea और Hormuz Strait में military activity तेज. Nuclear talks, drone incident, sanctions और diplomacy पर latest updates जानें...
अरब सागर में 3 फरवरी 2026 को ईरानी शाहेद-139 ड्रोन यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर के बहुत करीब पहुंचा. अमेरिकी चेतावनी अनसुनी करने पर कैरियर से उड़े F-35C स्टेल्थ फाइटर जेट ने इसे मिसाइल से मार गिराया. यह F-35C का पहला ज्ञात ड्रोन इंटरसेप्शन था. ईरान ने डेटा भेजने का दावा किया, लेकिन अमेरिका ने इसे खतरा मानकर सेल्फ-डिफेंस बताया.
ईरानी शाहेद-139 ड्रोन 3 फरवरी 2026 को अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन कैरियर के काफी करीब पहुंच गया था. अमेरिकी सेना ने इसे आक्रामक माना और F-35C फाइटर जेट से ड्रोन को मार गिराया. ईरान चीन के याओगान और जिलिन सैटेलाइट्स से रियल-टाइम लोकेशन, इमेज और सिग्नल डेटा ले रहा है, जिससे ड्रोन इतना सटीक पहुंच सका.
Arab Sea में USS Abraham Lincoln के करीब पहुंचे ईरानी Shahed-139 drone ने चिंता बढ़ाई. क्या China के Yaogan और Jilin satellites से Iran को real-time tracking मिली?
Arab Sea में US fighter jet ने Iranian drone मार गिराया. Nuclear talks से पहले US-Iran tension बढ़ी. क्या drone shootdown से जंग का खतरा बढ़ेगा?
रक्षा मंत्रालय को 2026-27 के लिए ₹7.8 लाख करोड़ का बजट मिला, जो पिछले साल से काफी अधिक है. आधुनिकीकरण के लिए कैपिटल बजट ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है. प्रमुख प्रोजेक्ट्स में राफेल फाइटर जेट, नई स्टील्थ सबमरीन (प्रोजेक्ट 75I) और UAV/ड्रोन शामिल हैं. यह बजट आत्मनिर्भर भारत और सेना की मजबूती पर फोकस करता है.
हजारीबाग पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से अफीम की खेती को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चलाया है. ड्रोन कैमरों की मदद से जंगलों में पोस्ते की 400 एकड़ से ज्यादा फसल को नष्ट कर दिया गया है.
Manali Snowfall Today: मनाली में ताजा बर्फबारी के बाद पहाड़ और सड़कें बर्फ की चादर में ढकीं. Drone video में दिखा शानदार नज़ारा, tourism बढ़ा, traffic प्रभावित.
Cricket Match Drone Operator बनकर कैसे कमाएं मोटा पैसा? जानें DGCA लाइसेंस, ड्रोन ट्रेनिंग, मैच में एंट्री और विदेश travel का मौका. Career in Drone ऑपरेशन की पूरी जानकारी.
इस बार कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस, ATAGS तोप, MR-SAM, आकाश मिसाइल, ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार, दिव्यास्त्र-शक्तिबाण रेजीमेंट और रोबोटिक म्यूल्स प्रदर्शित होंगे. ये स्वदेशी सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर में मारक साबित हुए. भविष्य की लड़ाइयों में दुश्मन पर घातक हमला करेंगे.
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोनों की सक्रियता के बाद सुरक्षा बलों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. साथ ही सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर और पुंछ के देगवार गांव में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद सेना ने तलाशी अभियान शुरू किया है. सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं.
IG डिफेंस को भारतीय सेना और नौसेना से स्वदेशी T-Shul Pulse एंटी-ड्रोन गन बनाने के ऑर्डर मिला है. यह हैंडहेल्ड जैमर 2 किमी रेंज में दुश्मन ड्रोन को मल्टी-बैंड डायरेक्शनल तरीके से बेकार कर देता है. पूरी तरह भारत में बना, हल्का और फ्रंटलाइन के लिए उपयुक्त है. इसके पुराने वर्जन का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी हुआ था.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हजारों स्वार्म ड्रोन्स से हमले का खतरा है. सेना 15-20 शक्तिबान रेजिमेंट्स बना रही है, जिनमें स्वार्म ड्रोन्स, लॉयटरिंग म्यूनिशन्स और लॉन्ग-रेंज UAVs होंगे. ट्रैक (पता लगाना), टारगेट (निशाना) और तबाही (नष्ट करना) की रणनीति से सेना पूरी तरह तैयार है.
जम्मू कश्मीर के LOC पर कल शाम कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए जो सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में पाकिस्तान की ओर से दाखिल हुए. सैन्य अधिकारियों के अनुसार संदिग्ध ड्रोन की पांच मूवमेंट दर्ज की गई और ये कुछ समय तक संवेदनशील इलाकों के ऊपर मंडराते रहे. राजौरी के नौशेरा सेक्टर में जवानों ने शाम करीब 6 बजकर 35 मिनट पर ड्रोन पर फायरिंग की.
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) और इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सीमा पार से ड्रोन की घुसपैठ और पाकिस्तान-अमेरिका के बीच जारी 'इंस्पायर्ड गैम्बिट 2026' अभ्यास के बीच भारतीय सेना पूरी तरह मुस्तैद है. सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रही हैं.
जम्मू कश्मीर में एलओसी पर कल शाम कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए. ये ड्रोन सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में पाकिस्तान की ओर से दाखिल हुए. सैन्य अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध ड्रोन की करीब पांच मूवमेंट सामने आई हैं. ये ड्रोन कुछ देर तक संवेदनशील इलाकों के ऊपर मंडराते रहे. राजौरी के नौशेरा सेक्टर में शाम करीब 6 बजकर 35 मिनट पर जवानों ने संदिग्ध ड्रोन पर फायरिंग की. सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में शाम करीब 7 बजकर 15 मिनट पर संदिग्ध ड्रोन आसमान में मंडराते देखे गए. जिन इलाकों में ये ड्रोन मंडरा रहे थे, वहां देर रात तक सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन जारी रहा. ये घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले सांबा जिले के पालूरा गांव में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हथियारों का जखीरा बरामद किया गया था. शक है कि ये हथियार पाकिस्तान ड्रोन के जरिये ही गिराए गए थे.
Somnath Temple : गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में स्वभिमान पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए. 10 जनवरी की शाम को इस मंदिर परिसर में ड्रोन शो हुआ, जिसमें 3 हजार ड्रोन शामिल हुए. तस्वीरों में ड्रोन की मदद से सोमनाथ मंदिर, शिवलिंग और ब्रह्मांड की इमेज तैयार की गई.
ईरान की सैन्य ताकत मध्य पूर्व में मजबूत है. 2025 ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में 16वें स्थान पर है. इसके पास हजारों मिसाइलें और ड्रोन हैं. ईरान से अमेरिका की दूरी बहुत ज्यादा है इसलिए ईरान वहां तक नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा. लेकिन अरब देशों में अमेरिकी बेस पर हमला करेगा. अमेरिका के लिए दूरी समस्या नहीं है.
रूस का दावा है कि 28-29 दिसंबर की आधी रात को यूक्रेन ने नोवगोरोड में राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर ताबड़तोड़ ड्रोन से हमला किया था, जिन्हें मार गिराया गया. रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने इसकी पुष्टि की थी.