मानव रहित हवाई वाहन (UAV) या मानव रहित विमान प्रणाली (UAS), जिसे आमतौर पर ड्रोन (Drone) के रूप में जाना जाता है, एक ऐसा विमान है जिसमें कोई मानव पायलट, चालक दल या यात्री नहीं होता है, बल्कि इसे दूर से नियंत्रित किया जाता है या यह स्वायत्त होता है.
ड्रोन तकनीक की शुरुआत मुख्यतः सैन्य उद्देश्यों के लिए हुई थी. पहले विश्व युद्ध में कुछ देशों ने दुश्मन की टोह लेने के लिए ऐसे उपकरणों का प्रयोग किया था. समय के साथ, तकनीक में सुधार होता गया और अब ड्रोन का उपयोग केवल सेना तक सीमित नहीं रह गया है.
ड्रोन का सबसे पहला और बड़ा उपयोग रक्षा क्षेत्र में होता रहा है. सीमा पर निगरानी, खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और दुश्मन पर सटीक हमला करने के लिए ड्रोन बेहद कारगर साबित हुए हैं.
आधुनिक किसान ड्रोन का उपयोग फसल की स्थिति देखने, कीटनाशकों के छिड़काव और खेतों की निगरानी के लिए कर रहे हैं. इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है.
बाढ़, भूकंप या अग्निकांड जैसी आपदाओं के समय ड्रोन की मदद से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया जा सकता है. इससे राहत कार्यों की योजना बेहतर ढंग से बनाई जा सकती है.
हवाई दृश्य लेने के लिए ड्रोन आजकल फिल्मों, वेब सीरीज, शादियों और आयोजनों में खूब उपयोग किए जा रहे हैं.
अमेजन और जोमैटो जैसी कंपनियां ड्रोन के माध्यम से पैकेज और खाद्य सामग्री की डिलीवरी की दिशा में काम कर रही हैं. इससे भविष्य में समय और ट्रैफिक दोनों से राहत मिल सकती है.
हूती हमलों के बीच सऊदी अरब मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी से जूझ रहा है. संकट की इस घड़ी में सऊदी अरब ने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से एयर डिफेंस की मदद मांगी है. दरअसल ईरान के साथ जंग की वजह से अमेरिका भी आपूर्ति संकट में है, ऐसे में सऊदी को अपने क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों से मदद मांगनी पड़ रही है.
भारत ने मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर गहरी चिंता जताई है और सऊदी अरब की संप्रभु सीमा पर हमलों की कड़ी निंदा की है.
सऊदी अरब का दावा है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले हूती ड्रोन को मार गिराया गया. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया, लेकिन उन्होंने हूतियों या ईरान का नाम नहीं लिया. इस वीडियो में समझिए मक्का ड्रोन विवाद, सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार, पाकिस्तान के बयान पर उठते सवाल और सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ सकता है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि हाल के हफ्तों में रूस के ड्रोन ने उनके विमान को दो बार निशाना बनाया. दोनों घटनाएं मोल्दोवा के एयरस्पेस में हुईं. जेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों का मकसद उन्हें ही नहीं, बल्कि विदेशी नेताओं को भी डराना हो सकता है.
सऊदी अरब हूतियों को कमजोर रखना चाहता है ताकि वे बड़े हमले न कर सकें, लेकिन इतना मजबूत भी नहीं छोड़ना चाहता कि वे पूरी तरह खत्म हो जाएं और ईरान सीधे मैदान में उतरे. साथ ही, यमन के दलदल में नहीं फंसना चाहता. बड़े आर्थिक नुकसान से बचना भी है.
सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों पर चीन की DF-15A बैलिस्टिक मिसाइल दागी. यह निशाने से चूककर रेगिस्तान में गिर गई. चीनी मिसाइल तकनीक का युद्ध में पहला संभावित इस्तेमाल विफल रहा.
इराक से आए ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पंप स्टेशनों को नुकसान पहुंचाया. पाइपलाइन बंद हो गई जिससे रोजाना 4 मिलियन बैरल तेल निर्यात खतरे में है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मंदेब प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है.
अमेरिकी स्पेस फोर्स ने पहली बार खुलेआम पुष्टि की है कि ऑर्बिट में हथियार तैनात हैं. वायुसेना सचिव ट्रोय मेंक ने कहा कि ये दुश्मन के हमलों से बचाव के लिए हैं. दो नए ड्रोन विमानों के नाम बताए गए.
रूस के नए जेट-पावर्ड गेरान-4 और गेरान-5 ड्रोन 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और 1000 किमी रेंज के साथ यूक्रेन की वायु रक्षा को चुनौती दे रहे हैं. इंटरसेप्शन दर घटकर 60% रह गई है.
CM भगवंत मान ने पाकिस्तान से लगी सीमा की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि पंजाब पुलिस और BSF मिलकर सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं. मान ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से ड्रग्स की पंजाब में तस्करी का आरोप लगाया और कांग्रेस के आंतरिक विवादों पर भी तंज कसा है.
यूक्रेन की पोलैंड सीमा के पास रूसी ड्रोन ने एक ट्रेन को निशाना बनाया. खास बात यह रही कि हमले से सिर्फ 15 मिनट पहले यात्रियों को ट्रेन खाली करने का आदेश दिया गया था. बोरिस जॉनसन और दूसरे राजनयिकों के स्टेशन से निकलने के कुछ ही देर बाद यह हमला हुआ.
हूती विद्रोही सऊदी अरब की सीमा से सटी हुई उत्तरी यमन में बैठे हैं. हाल में लाल सागर तट पर उनके कब्जे और मिसाइल हमलों से सऊदी के लिए खतरा बढ़ गया है. तेल मार्ग और सीमा सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं.
सऊदी अरब 2015 से यमन सरकार का समर्थन कर हूतियों के खिलाफ लड़ रहा है. दोनों पक्षों में सैनिकों, टैंकों, मिसाइलों और जेट्स की भारी असमानता है. हूती ड्रोन-मिसाइल पर निर्भर है. सऊदी आधुनिक हवाई ताकत वाला है.
यूक्रेनी सारगन 3000 ड्रोन ने रूसी समुद्री ड्रोन को काला सागर में डुबोया. यह दुनिया की पहली मानवरहित नौसैनिक ड्रोन जंग मानी जा रही है. नॉर्वेनियन गन से फायरिंग कर लक्ष्य नष्ट किया गया.
यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के शरूराह में ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से एक बड़ा हमला किया है, हूतियों ने इस दौरान सैन्य हथियार डिपो और कमांड रूम को निशाना बनाया. हूती प्रवक्ता ने इसे सऊदी की आक्रामकता का जवाब बताया है और चेतावनी दी है कि अगर सऊदी ने अटैक नहीं रोके तो वो और घातक हमले करेंगे.
हूतियों ने मोखा पोर्ट पर कब्जा कर लिया. ट्रंप ने सऊदी के हमले के अनुरोध को ठुकराया. अब रियाद खुद हवाई अभियान की तैयारी कर रहा है. लाल सागर शिपिंग और तेल निर्यात पर खतरा बढ़ने से तेल कीमतें चढ़ गईं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का विमान मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन हमले से बच गया. नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर ने इस घटना की पुष्टि की. जेलेंस्की नॉर्वे में एयर डिफेंस और सैन्य मदद पर चर्चा करने पहुंचे थे. मोल्दोवा के एयरस्पेस में रूसी ड्रोन घुसपैठ के कारण विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई.
ईरान अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर शाहेद ड्रोन तथा फतेह समेत बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है. सस्ते ड्रोन और मिसाइलों की बौछार से एयर डिफेंस सिस्टम को थकाया जा रहा है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा सभा में कहा कि भारत अब रक्षा आयातक नहीं बल्कि स्वदेशी हथियार निर्माता है. पानीपत सिंड्रोम खत्म, नीति प्रोएक्टिव हो गई. उत्पादन और निर्यात में जबरदस्त वृद्धि हुई है.
पूर्व डीआरडीओ प्रमुख ने सुरक्षा सभा में कहा कि पारंपरिक प्लेटफॉर्म के साथ लो-कॉस्ट ऑटोनॉमस सिस्टम का रोल बढ़ेगा. इंडस्ट्री पार्टनरशिप, स्वदेशीकरण और स्पेस क्षमता से भारत आत्मनिर्भर बन रहा है. निर्यात और इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है.
सुरक्षा सभा में अंशुमन त्रिपाठी, ब्रिगेडियर देवाशीष चौधरी और विवेक मिश्रा ने भविष्य की युद्धनीति पर चर्चा की. आत्मनिर्भरता, स्वदेशी आरएंडडी, एआई, ड्रोन और इकोसिस्टम की जरूरत पर जोर दिया. मेक इन इंडिया को जीत की कुंजी बताया.