कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games), एक अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन है जिसमें राष्ट्रमंडल राष्ट्रों के एथलीट शामिल होते हैं.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के सबसे बड़े शहर ग्लासगो में आयोजित किए जा रहे हैं. यह चौथी बार है जब स्कॉटलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहा है. इससे पहले 1970 और 1986 में एडिनबर्ग तथा 2014 में ग्लासगो में इन खेलों का आयोजन हो चुका है.
यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है जो महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन और किंग चार्ल्स तृतीय के राष्ट्रमंडल प्रमुख बनने के बाद आयोजित हो रहा है. साथ ही, डोनाल्ड रुकारे के कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (CGF) के अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला एडिशन भी है.
शुरुआत में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी, लेकिन जुलाई 2023 में बढ़ती लागत का हवाला देते हुए वहां की सरकार ने आयोजन से अपना नाम वापस ले लिया (Commonwealth Games 2026).
कॉमनवेल्थ गेम्स 4 से 15 अप्रैल 2018 तक गोल्ड कोस्ट (Gold Coast) में आयोजित किए गए थे (Commonwealth Games 2018).
यह आयोजन पहली बार 1930 में आयोजित किया गया था (First Commonwealth Games 1930) और 1942 और 1946 को छोड़कर, तब से हर चार साल में होता रहा है (Commonwealth Games in Every 4 Years). कॉमनवेल्थ गेम्स की देखरेख कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (CGF) द्वारा की जाती है, जो खेल कार्यक्रम को भी नियंत्रित करता है और मेजबान शहरों का चयन करता है (Commonwealth Games Federation).
राष्ट्रमंडल खेलों को 1930 से 1950 तक ब्रिटिश साम्राज्य खेलों के रूप में जाना जाता था. विकलांग एथलीटों को उनकी राष्ट्रीय टीमों के पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है. कॉमनवेल्थ गेम्स, पहला पूर्ण समावेशी अंतर्राष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन है, जो 2018 में, पहला वैश्विक बहु-खेल आयोजन बन गया, जिसमें पुरुषों और महिलाओं की समान संख्या में पदक शामिल थे.कॉमनवेल्थ गेम्स का निर्माण 1911 में लंदन में आयोजित एम्पायर फेस्टिवल के एक भाग के रूप में इंटर-एम्पायर चैंपियनशिप से प्रेरित था. मेलविल मार्क्स रॉबिन्सन ने ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के रूप में खेलों की स्थापना की, जो पहली बार 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में आयोजित किए गए थे. 20वीं और 21वीं शताब्दी के दौरान, खेल आंदोलन के विकास के परिणामस्वरूप राष्ट्रमंडल खेलों में कई बदलाव हुए. इनमें से कुछ समायोजनों में कॉमनवेल्थ एथलीटों के लिए स्नो और आइस स्पोर्ट्स के लिए कॉमनवेल्थ शीतकालीन खेलों का निर्माण, विकलांग कॉमनवेल्थ एथलीटों के लिए कॉमनवेल्थ पैराप्लेजिक गेम्स और 14 से 18 साल के कॉमनवेल्थ एथलीटों के लिए कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स शामिल हैं. द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 राष्ट्रमंडल खेलों को रद्द कर दिया गया था (Commonwealth Games History).
नीरज चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया. वह रुमेश पथिरागे से सिर्फ 9 सेंटीमीटर पीछे रहकर दूसरे स्थान पर रहे.
लवलीना बोरगोहेन बॉक्सिंग रिंग से कॉमनवेल्थ गेम्स का सिल्वर मेडल लेकर लौटीं, लेकिन ग्लासगो में उनके एक खास कदम ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं. अब प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक आवास पर CWG पदक विजेताओं से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की सराहना की. भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग ने सबसे अधिक पदक जीते, जिसमें सात गोल्ड भी शामिल हैं. खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए और पीएम मोदी ने उन्हें प्रोत्साहित किया.
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर मुलाकात की. उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया. भारत ने इस बार कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य शामिल हैं. प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के अनुभव सुने और उन्हें आगे भी देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया.
कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियंस से पीएम मोदी ने रविवार को मुलाकात की. पीएम ने इंस्टाग्राम पर खिलाड़ियों के साथ वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें वो कह रहे हैं, जो खेलेगा, वो खिलेगा. ऑल्वेज चीयर फॉर भारत…भारत माता की जय. देखें वीडियो.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि विराट कोहली करीब तीन साल तक उनके स्पॉन्सर रहे और मुश्किल समय में उनका पूरा साथ दिया.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म होने के बाद ग्लासगो में पाकिस्तान और युगांडा के कई खिलाड़ी लापता हो गए हैं. स्कॉटलैंड पुलिस मामले की जांच कर रही है. युगांडा के चार बॉक्सर और पाकिस्तान के मुक्केबाज कुदरतुल्लाह टीम के साथ स्वदेश नहीं लौटे. शुरुआती रिपोर्टों में कुछ खिलाड़ियों के शरण (Asylum) लेने की कोशिश की भी आशंका जताई गई है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर और 85.83 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के बाद नीरज चोपड़ा ने पहली बार खुलकर बताया कि पिछले 10 महीने उनके लिए कितने मुश्किल रहे, कैसे कई चोटों, एडक्टर मसल की परेशानी, लोअर बैक इंजरी और लंबे इंतजार के बीच वह हर दिन ट्रेनिंग करते रहे.
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपना मेडल असम के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया है. उन्होंने कहा कि अपने लोगों को मुश्किल में देखना बेहद दर्दनाक है और वह जल्द असम जाकर प्रभावित लोगों से मिलेंगी. उनके इस फैसले की पूरे राज्य में जमकर सराहना हो रही है.
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स खत्म होने के बाद पाकिस्तानी किशोर बॉक्सर कुदरतुल्लाह टीम होटल से इस तरह गायब हुआ कि उसका पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास रहा, सामान कमरे में पड़ा मिला और तय उड़ान से करीब छह घंटे पहले उसके लापता होने की पुष्टि हुई.
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन्स पदक जीतकर भारत लौटे एथलीटों का दिल्ली में भव्य स्वागत किया गया. लोगों ने खिलाड़ियों को फूल मालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर बधाई दी. इस दौरान खिलाड़ियों के परिवार वाले भी मौजूद रहे. भारत पहुंचते कई खिलाड़ियों के परिजनों ने उनका गले लगाकर स्वागत किया. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते हैं.
ग्लासगो में गोल्ड जीतने के बाद मीराबाई चानू की आंखों से खुशी के आंसू निकले, क्योंकि पेरिस 2024 की निराशा, चोट के बाद वापसी, अलग वेट कैटेगरी में शरीर को फिर से ढालने की मेहनत और 2014 वाले शहर में लौटकर मिला यह पल एक साथ जुड़ गया.
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 पाकिस्तान के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. 21 खिलाड़ियों का दल भेजने के बावजूद पाकिस्तान सिर्फ एक कांस्य पदक जीत सका. यह पिछले 36 वर्षों में पाकिस्तान का सबसे खराब प्रदर्शन रहा, जिसने देश की खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
ग्लास्गो में 11 दिनों तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो गया है, जिसमें भारत ने 39 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया. क्लोजिंग सेरेमनी में स्कॉटलैंड ने झंडा और बैटन भारत को सौंपा, जिसे 2030 के शताब्दी संस्करण की मेजबानी मिली है. ये गेम्स गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित होंगे.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 10 मेडल जीतने वाली भारतीय मुक्केबाजी टीम के सम्मान में ग्लास्गो के रेस्टोरेंट में जश्न मनाया गया. इस दौरान ओलंपिक मेडल विनर लवलीना बोरगोहेन ने रेस्टोरेंट में भारत के नक्शे में पूर्वोत्तर के गायब होने और कश्मीर का हिस्सा गलत दिखाने पर आपत्ति जताई थी. अब रेस्टोरेंट ने अपनी गलती मानकर माफी मांगी है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय मुक्केबाज ग्लासगो के एक रेस्तरां पहुंचे, जहां नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे को लेकर विवाद खड़ा हो गया. लवलीना बोरगोहेन ने नक्शे में नॉर्थ ईस्ट को सही तरीके से नहीं दिखाए जाने पर आपत्ति जताई. भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सही नक्शे के इस्तेमाल की मांग की.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने जूडो में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतकर 36 साल का इंतजार खत्म किया. इसके महज 30 मिनट बाद हर्ष सिंह ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया. वहीं यामिनी मौर्य का कम से कम रजत पदक पक्का हो गया है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के मुक्केबाजों ने इतिहास रच दिया है. पहली बार भारतीय बॉक्सरों ने एक ही संस्करण में सात गोल्ड मेडल जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है. इसके साथ ही पैरा एथलेटिक्स और ट्रैक एंड फील्ड में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 39 पदक जीतकर मेडल टैली में चौथे नंबर पर आ गया है. भारत ने मुक्केबाजी में 7 गोल्ड मेडल सहित कुल 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं. जूडो और पैरा एथलेटिक्स में भी भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें पैरा टीम ने 20 साल के सूखे को खत्म किया.
कॉमनेवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल अपने नाम किए हैं, अंकुश पंघाल, सचिन सिवाच, जैस्मिन लम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और प्रिया सांगवान ने गोल्ड मेडल जीते. वहीं लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह और नरेंद्र बेरवाल ने सिल्वर मेडल हासिल किया.
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सर जैस्मीन लंबोरिया की जीत के बाद परिवार ने एक दूसरे को बेसन के लड्डू खिलाकर बधाई दी. इसके बाद जैस्मिन की मां और पिता ने मीडिया से बातचीत की. जैस्मिन की मां ने बताया कि बेटी कोई विदेशी सप्लीमेंट नहीं बल्कि घर का दूध, दही और चूर्मा खाती है.