पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पलटवार किया. भारतीय सुरक्षाबलों ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. यह कार्रवाई रात करीब 1:30 बजे की गई और इसका उद्देश्य आतंकियों के लॉन्चपैड्स और हथियारों के भंडार को नेस्तनाबूद करना था.
इस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भी कई भारतीय सैन्य ठिकानों और रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की. हालांकि, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने पड़ोसी मुल्क के मंसूबों पर पानी फेर दिया. दूसरी ओर, भारतीय सुरक्षाबलों ने भी पाकिस्तान की हिमाकत का करारा जवाब दिया और कई आतंकी लॉन्च पैड्स और पाकिस्तानी एयरबेसों को ध्वस्त कर दिया.
रक्षा मंत्रालय को 2026-27 के लिए ₹7.8 लाख करोड़ का बजट मिला, जो पिछले साल से काफी अधिक है. आधुनिकीकरण के लिए कैपिटल बजट ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है. प्रमुख प्रोजेक्ट्स में राफेल फाइटर जेट, नई स्टील्थ सबमरीन (प्रोजेक्ट 75I) और UAV/ड्रोन शामिल हैं. यह बजट आत्मनिर्भर भारत और सेना की मजबूती पर फोकस करता है.
गणतंत्र दिवस पर भारतीय वायु सेना -IAF के नए वीडियो ने किराना हिल्स पर हमले की अफवाहें फिर जगा दी हैं. किराना हिल्स पाकिस्तान के सरगोधा के पास है, जहां उसके न्यूक्लियर ठिकाने है. वीडियो में प्रेसिजन स्ट्राइक्स दिखाए गए हैं, जो ऑपरेशन सिंदूर के हैं. IAF न पुष्टि की है, न इनकार किया है.
ऑपरेशन सिंदूर में करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान की साख गिर गई है. उसके मिलिट्री की रैंकिंग भी गिर गई है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 जारी हो गया है. अमेरिका पहले, रूस दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर है. भारत चौथे स्थान पर बरकरार है. पाकिस्तान पिछले साल 12वें पोजिशन पर था. अब 14वें स्थान पर चला गया.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने पाकिस्तान के 'न्यू नॉर्मल' और आतंकवाद के एजेंडे की धज्जियां उड़ा दी हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की करारी हार और सिंधु जल संधि के निलंबन को लेकर भारत का सख्त रुख साफ कर दिया है.
देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. आज का दिन सिर्फ देश के भविष्य की योजनाओं के लिए ही बड़ा नहीं है. बल्कि राजनीति में बड़ी खबरों का दिन रहा है. आज सबसे पहले आपको हम ऑपरेशन सिंदूर 2.0 का ट्रेलर दिखाएंगे. बताएंगे कि अब अगला युद्ध होगा तो किन हथियारों से दुश्मन के हौसले भारतीय सेना पस्त करेगी. इसके बाद सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंच चुकी उस खबर से खबरदार करेंगे, जहां केंद्र में यूजीसी का नया नियम है. आशंका सामान्य वर्ग के छात्रों के मन में है. और एससी-एसटी-पिछड़ों को भेदभाव से बचाने के नियम पर बीजेपी के सबसे बड़े वोटबैंक से जुड़े लोग सवाल कर रहे हैं. तीसरी खबर देखकर आप कहेंगे कि ये तो गजब सियासत है.
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य ताकत, स्वदेशी हथियार सिस्टम, ऑपरेशन सिंदूर की झलक और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्षों की थीम के साथ सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला.
रिपब्लिक डे परेड में क्या रहा खास. भारत ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन किया.
Republic Day 2026: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी आतंकी अड्डों और सैन्य ठिकानों पर कहर बरपाने वाले ब्रह्मोस मिसाइल को 77वें गणतंत्र दिवस परेड में शामिल किया गया. इस मिसाइल का खौफ पाकिस्तान में इतना है कि वो सिर्फ इसका नाम सुनकर कांप जाता है.
कर्तव्य पथ पर परेड में टी-90 और अर्जुन टैंक, हेलिकॉप्टर, स्पेशल फोर्सेज़, रोबोटिक डॉग्स, आधुनिक ड्रोन और स्वदेशी मिसाइल और तोप प्रणालियां शामिल होंगी. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर का इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर, हिम योद्धाओं का एनिमल कंटिन्जेंट और विभिन्न रेजिमेंट्स की मार्चिंग टुकड़ियां भी परेड में हिस्सा लेंगी.
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया जाएगा. यह परेड भारत की सैन्य शक्ति और विविधता का शानदार प्रदर्शन होगी जिसमें आकाश मिसाइल से लेकर ओ पी सिंदूर तक सभी प्रमुख सैन्य उपकरण दिखाए जाएंगे. देखें ये रिपोर्ट.
स्विस थिंक टैंक की एक रिपोर्ट ने 2025 के 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय वायुसेना (IAF) के दबदबे की पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हवाई जंग में अपनी क्षमता खो चुका था और उसे 10 मई 2025 तक युद्धविराम के लिए मजबूर होना पड़ा.
77वें गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन कर्तव्य पथ पर किया जाएगा, जिसका मुख्य विषय वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समारोह की अध्यक्षता करेंगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर कई अलग-अलग झांकियां प्रस्तुत की जाती हैं जो देश के विविध पहलुओं को दर्शाती हैं. इस बार डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की तरफ से भी एक झांकी होगी. इस झांकी में ऑपरेशन सिंदूर और सैन्य क्षेत्र से जुड़ी विशेष सामग्री और झलकियां प्रदर्शित की जाएंगी, देखें रिपोर्ट.
भारत इस 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा. इस मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देश की सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन होगा. भारतीय वायुसेना के फ्लाईपास्ट में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र होगा. इसमें राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर लड़ाकू विमान शामिल होंगे, जो पाकिस्तान के खिलाफ पिछले साल हुए सैन्य अभियान की याद दिलाएंगे.
भारत 2029 तक 52 एडवांस्ड सैन्य निगरानी उपग्रह लॉन्च करेगा, जिसकी लागत 26,000 करोड़ रुपये है. इनमें इन्फ्रारेड सेंसर से रात में भी इमेजिंग होगी. ISRO 21 और प्राइवेट सेक्टर 31 उपग्रह बनाएंगे. दिन-रात, हर मौसम में सीमा और समुद्री निगरानी मजबूत होगी. पहला उपग्रह अप्रैल 2026 में लॉन्च हो सकता है.
वेनेजुएला और इराक उदाहरण देकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि सैन्य ताकत राष्ट्रीय शक्ति का अंतिम फैसला है, लेकिन उसका इस्तेमाल करने की इच्छाशक्ति ज्यादा जरूरी है. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका बताई, जो पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर सफल रही.
इस साल गणतंत्र दिवस पर पहली बार स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी होगी. ये तोपें ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान स्थित आतंकी कैंपों के खिलाफ सफल रहीं थीं. 8 गन 52 सेकंड में 21 गोले दागेंगी. यह ब्रिटिश 25-पाउंडर गनों की जगह ले रही हैं, जो मेक इन इंडिया की मिसाल है.
इस बार कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस, ATAGS तोप, MR-SAM, आकाश मिसाइल, ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार, दिव्यास्त्र-शक्तिबाण रेजीमेंट और रोबोटिक म्यूल्स प्रदर्शित होंगे. ये स्वदेशी सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर में मारक साबित हुए. भविष्य की लड़ाइयों में दुश्मन पर घातक हमला करेंगे.
पाकिस्तान JF-17 थंडर जेट को वैश्विक डिमांड में दिखाने का प्रचार कर रहा है. रॉयटर्स ने बांग्लादेश, सूडान, इंडोनेशिया और सऊदी अरब के साथ डील की खबरें दीं, लेकिन ज्यादातर अटकलें हैं, कोई ठोस कॉन्ट्रैक्ट नहीं. असल निर्यात सिर्फ म्यांमार और नाइजीरिया तक सीमित हैं, जहां तकनीकी समस्याएं आईं है. यह सोशल मीडिया पर जीत का दावा है लेकिन हकीकत में नहीं.
कोर्ट ने सरकार को दो हफ्ते में निर्णय लेने और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही SIT को पुराने मामलों की जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. मामला कानून के तहत समय पर कार्रवाई की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर है.
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान से अब तक का सबसे बड़ा कबूलनामा सामने आया है. लश्कर के टॉप कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने माना है कि भारत की कार्रवाई में आतंकी ठिकाने तबाह हुए. रऊफ का बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है.