भारतीय वायुसेना
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) भारतीय सशस्त्र बलों का एक अंग और वायुसेना है. इसका प्राथमिक मिशन भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करना और सशस्त्र संघर्ष के दौरान हवाई युद्ध करना है (Indian Air Force Mission). भारतीय वायुसेना अपने कर्मियों और विमानों की संख्या और उससे जुड़ी संपत्तियों के आधार पर दुनिया की तमाम वायु सेनाओं में चौथे स्थान पर है (Fourth Largest Air Force in World). भारत का राष्ट्रपति भारतीय वायु सेना का सर्वोच्च कमांडर होता है (President of India Supreme Commander of Indian Air Force). वायु सेनाध्यक्ष (Air Chief Marshal) एक चार सितारा कमांडर होता है और वायु सेना का पेशेवर नेतृत्व करता है (Four-Star General). वायु सेना के मार्शल का पद अब तक सिर्फ एक बार अर्जन सिंह (Arjan Singh) को प्रदान किया गया है. 26 जनवरी 2002 को, सिंह भारतीय वायुसेना के पहले पांच सितारा रैंक के अधिकारी बने (Marshal of Indian Air Force). इसका मुख्यालय नयी दिल्ली में स्थित है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना में 1,80,000 पर्सनल और 1750 एयरक्राफ्ट हैं जो इसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना का दर्जा दिलाती है (Total Strength and Aircraft of Indian Air Force).
इसे आधिकारिक तौर पर 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश साम्राज्य की एक सहायक वायु सेना के रूप में स्थापित किया गया था (Indian Air Force Establishment), जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रॉयल उपसर्ग के साथ सम्मानित किया था. 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, रॉयल इंडियन एयर फोर्स नाम रखा गया था. 1950 में भारत सरकार ने उपसर्ग रॉयल को हटाकर इंडियन एयरफोर्स कर दिया (Indian Air Force History).
भारतीय वायुसेना पाकिस्तान के साथ चार युद्ध और चीन के साथ एक युद्ध में अपना योगदान दे चुकी है. इंडियन एयरफोर्स ने अब तक कई बड़े अभियानों को उसके अंजाम तक पहुंचाया है जिनमें ऑपरेशन विजय - गोवा का अधिग्रहण, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस और ऑपरेशन पुमलाई शामिल हैं. भारतीय वायुसेना संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन का भी सक्रिय हिस्सा रही है. इसके अलावा, भारतीय वायु सेना आपदा राहत कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेती है. इसने 2004 में सुनामी और 1998 में गुजरात चक्रवात के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए बड़े स्तर पर राहत आपरेशन चलाए (Indian Air Force Conflicts and Operations).
भारतीय वायु सेना के लिए फ्रांस से करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये में 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मेक इन इंडिया के तहत करीब 90 विमान भारत में ही बनेंगे.
नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक के बाद सरकार ने 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए वायुसेना के विमानों का उपयोग करने पर विचार शुरू कर दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस रणनीति पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम निर्णय लेंगे.
रक्षा मंत्रालय ने भारत के स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर AMCA प्रोजेक्ट के लिए तीन कंपनियों को RFP जारी कर दिया है. L&T-BEL, Tata Advanced Systems और Bharat Forge-BEML को शामिल किया गया है.
हिमाचल प्रदेश के कसौली में जंगल की आग अब एयरफोर्स स्टेशन के पास तक पहुंच गई है. एयरफोर्स ने अब आग पर काबू पाने के लिए चिनूक हेलिकॉप्टर को तैनात कर दिया है.
भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (SKAT) 26 मई 2026 को अपनी स्थापना के 30 वर्ष पूरे कर रही है. 1996 में बिदर में गठित यह टीम 800 से अधिक शानदार एयर शो कर चुकी है.
भारतीय वायुसेना राफेल और सुखोई लड़ाकू विमानों की ट्रेनिंग के लिए एडवांस 'अग्नि' मल्टी-डोमेन कॉम्बैट सिमुलेटर खरीदने जा रही है. यह सिस्टम हवा, जमीन और समुद्र के युद्ध को एक साथ सिमुलेट कर तीनों सेनाओं को ट्रेनिंग देगा.
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि ड्रोन जंद को पूरी तरह बदल चुके हैं. उन्होंने काउंटर यूएएस सिस्टम, मैन्ड-अनमैन्ड टीमिंग और रोबोटिक युद्ध की तैयारी पर जोर दिया.
DRDO और IAF ने ओडिशा तट पर स्वदेशी ग्लाइड वेपन 'TARA' का सफल परीक्षण किया. यह 450 किलो बमों को 100 किमी दूर तक सटीक हमला करने वाला ग्लाइड वेपन बनाता है.
पहलगाम हमले के एक साल बाद भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने ऑपरेशन सिंदूर को स्वर्णिम बताया. 65% स्वदेशी हथियारों से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया.
एक साल में भारतीय सेना को प्रचंड हेलिकॉप्टर और ATAGS तोपें, वायुसेना को S-400 और तेजस Mk-1A, जबकि नौसेना को INS अरिदमन पनडुब्बी और युद्धपोत मिले. ड्रोन से निपटने के लिए VSHORAD और स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए.
अमेरिकी डिफेंस एक्सपर्ट जॉन स्पेंसर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में 72 घंटे में भारत ने हवाई श्रेष्ठता हासिल कर ली. पाकिस्तान हवाई ऑपरेशन करने में कमजोर हो गया. सटीक हमलों ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा को बर्बाद कर दिया.
ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर वायुसेना ने 'न भूलने, न माफ करने' का संकल्प दोहराया. प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय संकल्प के साथ, सेना ने स्पष्ट किया कि आतंकियों और उनके मददगारों को ट्रैक कर पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा.
ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर भारतीय वायुसेना और सेना ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया. सेना ने कहा कि भारत दुश्मनों और आतंक के मददगारों को पहचानकर जवाब देना जानता है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ने सूचना और तकनीक को मिलाकर युद्धनीति बदल दी है. अब स्मार्ट फेंसिंग और AI निगरानी से बॉर्डर मैनेजमेंट बेहद मजबूत हुआ है, जिससे सेना दुश्मन का मुंह तोड़ने के लिए तैयार है.
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद भारत अब पाकिस्तान पर फिर एयर स्ट्राइक कर सकता है. अगर जरुरत पड़ी तो. नए तेजस जेट, प्रचंड हेलिकॉप्टर और एडवांस युद्धपोतों के साथ हमारी सेनाएं पहले से कहीं अधिक घातक हो चुकी हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने स्वदेशी तकनीक से जमीन, आकाश और जल में सुरक्षा अभेद्य की है. तेजस, प्रचंड और आत्मनिर्भर उत्पादन के दम पर भारत अब बाहरी निर्भरता छोड़कर भविष्य की हर सैन्य चुनौती के लिए तैयार हो रहा है.
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद भारत ने सीमा, हवा और समुद्री सुरक्षा में तकनीक व स्वदेशी क्षमता पर जोर बढ़ाया है. जानिए अब देश की रक्षा तैयारियों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद खुफिया विफलता, सुरक्षा चूक और धीमे रिस्पॉन्स पर सवाल उठे. जानिए पांच बड़ी कमियां और भविष्य के लिए भारत ने सुरक्षा रणनीति में क्या बदलाव किए.
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत का ₹92,000 करोड़ का रणनीतिक प्रोजेक्ट है. इसमें पोर्ट, एयरपोर्ट, टाउनशिप और पावर प्लांट बनेंगे. यह हिंद महासागर में भारत की सुरक्षा और व्यापार को मजबूत करेगा, लेकिन पर्यावरण और आदिवासी प्रभाव को लेकर विवाद हो रहा है.
सिद्धार्थनगर में भारतीय वायुसेना ने पानी की टंकी पर 16 घंटे से फंसे दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया. रील बनाने के लिए कुल 5 बच्चे पानी की टंकी पर चढे थे. सीढ़ी टूटने से तीन बच्चे नीचे गिर गए, जिनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हैं.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड्स बनाने का औपचारिक प्रस्ताव सौंप दिया है. तीनों सेनाओं के चीफ्स से विस्तृत चर्चा के बाद तैयार यह प्रस्ताव चार स्टार थिएटर कमांडर नियुक्त करेगा. वेस्टर्न (पाकिस्तान), नॉर्दर्न (चीन) और मैरीटाइम कमांड बनेंगे. इससे तीनों सेनाओं का एकीकरण होगा. फैसले तेज होंगे. संयुक्त ऑपरेशन मजबूत होंगे.