उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जनपद मुजफ्फरनगर में रविवार दोपहर अचानक मौसम ने ऐसी अप्रत्याशित करवट बदली कि पूरा शहर हैरान रह गया. दोपहर करीब 3 बजे आसमान में अचानक काले-घनघोर बादलों का डेरा जम गया और दिन में ही ऐसा अंधेरा छा गया मानो रात के 9 बज गए हों.
काली घटाओं के साथ आई तेज आंधी और झमाझम बारिश ने न केवल वाहनों की रफ्तार थाम दी, बल्कि अचानक गिरे तापमान ने लोगों को वक्त से पहले कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया.
दिन में जलानी पड़ीं हेडलाइट्स
मौसम के इस बिगड़े रूप के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़कों पर गुजर रहे चार पहिया और दो पहिया वाहनों को दिन में ही हेडलाइट्स जलाकर रेंग-रेंग कर चलना पड़ा.
भीषण आंधी-तूफान के चलते शहर के मुख्य मार्गों विशेषकर कंपनी बाग क्षेत्र के आसपास धूल का गुबार उड़ने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई घंटों तक चले इस तूफानी मौसम और मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों व शहर के सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई. देखें VIDEO:-
'लगता है अबकी बार रामलीला स्वेटर पहनकर देखनी पड़ेगी'
मौसम के इस अचानक बदलाव पर शहर के स्थानीय नागरिक एवं अधिवक्ता शलभ गुप्ता ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, ''आज शाम करीब 3 बजे अचानक मौसम ने पूरी करवट बदली और दिन में ही बिल्कुल रात का माहौल बन गया. काली घटा और घनघोर अंधेरे के बीच तेज बारिश हुई. आंधी-तूफान इतना तगड़ा था कि कंपनी बाग के आगे से निकलना तक मुश्किल हो गया था, धूल आंखों में लग रही थी और गाड़ियां लाइट जलाकर चलानी पड़ीं.''
शलभ गुप्ता ने ठंड के आगाज पर बात करते हुए आगे कहा, ''अत्यधिक ठंड बढ़ गई है और लगता है कि इस बार सर्दी वक्त से पहले आ गई है. जब हम छोटे थे, तब सुनते और देखते थे कि लोग रामलीला में स्वेटर पहनकर और कंबल लेकर जाते थे. आज के इस मौसम को देखकर लग रहा है कि इस बार भी हमें रामलीला स्वेटर पहनकर ही देखनी पड़ेगी.''
अचानक बढ़ी सिहरन, जनजीवन हुआ प्रभावित
तेज हवाओं और बरसात के इस मेल ने मुजफ्फरनगर में अचानक से मौसम का मिजाज बदलकर रख दिया है. जहां एक तरफ बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं वक्त से पहले बढ़ी इस सिहरन ने प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क कर दिया है.