scorecardresearch
 

Gen Z Shopping Technique: दिवाली से पहले ही शॉपिंग की प्लानिंग, Gen Z कहां खर्च कर रही है पैसा?

दीवाली पर जेन जी की खरीदारी का तरीका हर सामान के लिए अलग है. खासकर फैशन में जेन जी पहले से तैयारी करने के साथ अचानक खरीदारी भी करती है. स्टडी के मुताबिक, 68% जेन जी दिवाली पर कपड़े खरीदने की योजना बना रही है. जानिए जेन जी कपड़े खरीदने से पहले क्या सोचती है और कैसे तय करती है कि क्या खरीदना है.

Advertisement
X
दीवाली शॉपिंग में जेन जी कहां करती है कितना खर्च?
दीवाली शॉपिंग में जेन जी कहां करती है कितना खर्च?

हमारे देश में जितनी खरीदारी त्यौहारों पर होती है उतनी शायद ही कभी और होती है. और त्यौहार अगर दीवाली का हो तो शॉपिंग डबल हो जाती है. दीवाली पर पूजा पाठ से लेकर इलैक्ट्रॉनिक्स, ज्वैलरी और फर्नीचर तक हर तरह की खरीदारी की जाती है. पहले की पीढ़ियां ज्यादातर दुकानों से खरीदती थी क्योंकि तब ऑनलाइन शॉपिंग इतना फेमस नहीं था. लेकिन अब की पीढ़ी अपनी लगभग सब काम ऑनलाइन ही करती है. लेकिन क्या उनके खरीदने का तरीका एक जैसा है या वो इस पर निर्भर करता है कि वो खरीदते क्या है? हाल ही में हुए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए है. 

स्नैपचैट और GWI के एक ज्वाइंट स्टडी के मुताबिक,  इलैक्ट्रॉनिक से जुड़ा सामान खरीदते वक्त जेन जी सबसे ज्यादा प्लानिंग के साथ काम करती है. 55% लोग दीवाली से पहले ही उनहें क्या खरीदना है इस चीज की प्लानिंग कर चुके होते है. फिर चाहे वो लैपटॉप हो. टीवी हो, वॉच हो या फोन हो. वहीं 52% कन्ज्यूमर्स कुछ भी खरीदने से पहले अपने फैमिली या फ्रैंड्स से राय लेते है. उन्हें क्या लेना चाहिए, किस रेंज में लेनी चाहिए. 

पहले से ही कर लेते है ऑनलाइन रिसर्च

स्टडी में ये भी सामने आया कि कोई भी सामान खरीदने से पहले 50% लोग पहले ही उस प्रोडक्ट या सामान के बारे में रिसर्च कर सब कुछ जान लेते है. कोई सामान किस ब्रांड का बेस्ट है, किस जगह या किस प्लेटफॉर्म पर उसका क्या प्राइज है. इनमें से 45% कस्टमर कोई भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी हर पैमाने पर तुलना करते हैं और फिर किसी सामान को खरीदने के लिए आगे बढ़ते हैं. सामान के दाम से लेकर क्वालिटी और फीचर्स तक जब तक सब कुछ बेस्ट ना मिल जाए जेन जी अपना कम्पैरिजन जारी रखती है. 

Advertisement

दीवाली पर सबसे ज्यादा बिकते हैं फोन?

दीवाली पर शायद जितने ज्यादा फोन बिकते होंगे उतना ही शायद कुछ और बिकता होगा. हम दीवाली के आसपास लगभग हर घर में देखते है किसी न किसी के पास नया फोन होता है. स्नैपचैट और GWI की ज्वाइंट स्टडी भी यही बताती है. आकड़ों के मुताबिक 71 % जेन जी दीवाली पर फोन खरीदने का इरादा रखते है.

ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पर्सनल केयर में भी जमकर खर्च

बात जब ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पर्सनल केयर की आती है तो यहां आकड़ें कुछ अलग कहते है. स्टडी के मुतातबिक ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदते वक्त दूसरों की एडवाइज और सोशल मीडिया का असर जेन जी पर ज्यादा दिखता है. बात जब पर्सनल केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स को खरीदने की होती है तो जेन जी ज्यादा से ज्यादा एडवाइज लेना या रिसर्च करना पसंद करती है .

स्टडी के मुताबिक, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पर्सनल केयर का सामान खरीदने के लिए 53% जेन जी पहले से ही अपनी प्लानिंग बनाकर रखती है कि उसे फेस्टिव सीजन से पहले क्या-क्या लेना चाहिए. वहीं 49% जेन जी दीवाली से पहले नए प्रोडक्ट के लिए इंस्पिरेशन लेते है. अलग-अलग जगहों पर देखकर उनके के लिए क्या सही रहेगा क्या गलत.  45% कन्ज्यूमर्स दूसरे लोगों की राय देखते है और चीजों को बेहतर समझने की कोशिश करते है. और करीब 29%  जेन जी स्टोर जाकर किसी प्रोडक्ट की फोटो या वीडियो फैमिली और फ्रैंड्स को भेजकर उनका ओपिनियन लेते है.

Advertisement

क्विक कॉमर्स तक आते-आते कहानी बिल्कुल अलग हो जाती है. क्विक कॉमर्स पर जेन जी ज्यादातर जरूरत की चीजें तुरंत खरीदती है. 61% परिवार के लिए दिवाली का सामान खरीदते हैं. इसमें स्नैक्स और मिठाई 74%, पूजा का सामान 65%, फूल-सजावट 64% और दीये और मोमबत्तियां 61% जैसी चीजें सबसे ज्यादा शामिल हैं. यानी यहां ज्यादा रिसर्च की जरूरत नहीं पड़ी  वहीं सामान सीधा ऑर्डर कर दिया,

दिवाली पर जेन जी की खरीदारी में फैशन सबसे बड़ी कैटेगरी है. स्टडी के मुताबिक, 68% जेन जी दिवाली पर कपड़े खरीद रहे हैं या खरीदने का इरादा रखते हैं. इनमें 46% लोग पहले से कपड़ों की खरीदारी प्लान करते हैं, जबकि 49% लोग प्लानिंग के साथ-साथ अचानक भी खरीदारी कर लेते हैं. वहीं, 43% लोग दिवाली से कम से कम एक महीने पहले ही अपने कपड़ों की तैयारी शुरू कर देते हैं. यानी जेन जी के लिए दिवाली फैशन की खरीदारी प्लानिंग और अचानक खरीदारी, दोनों का मिक्स है.

याग्नेश रवि, एड सॉल्यूशंस लीड इंडिया, Snapchat के मुताबिक, जेन जी की दिवाली शॉपिंग सिर्फ किसी प्रोडक्ट को देखकर खरीद लेने तक सीमित नहीं है. वे पहले किसी चीज को देखते और उसके बारे में जानकारी लेते हैं, फिर अपने करीबी दोस्तों और परिवार से उसकी राय लेते हैं. यानी जेन जी के लिए खरीदारी का फैसला करते टाइम भरोसेमंद लोगों की राय और उनकी मंजूरी काफी मायने रखती है. रवि का कहना है कि ब्रांड्स के लिए भी सिर्फ अपना प्रोडक्ट दिखाना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें उन बातचीत और पलों का हिस्सा बनना होगा, जहां जेन जी किसी चीज को खोजती, उसके बारे में चर्चा करती और आखिर में उसे खरीदने का फैसला करती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement