मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और शहर है और इस जिले का मुख्यालय भी यहीं है. यह सहारनपुर मंडल का एक हिस्सा है. इस जिले का क्षेत्रफल 4,008 वर्ग किलोमीटर है (Geographical Area).
मुजफ्फरनगर जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, मुजफ्फरनगर (Lok Sabha constituency) और बिजनौर चुनाव क्षेत्र का आंशिक हिस्सा आता है. साथ ही, इसमें छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं (Assembly constituency).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक मुजफ्फरनगर की जनसंख्या (Population) 41 लाख से ज्यादा है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1,034 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 889 है. यहां की 69.12 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. मुजफ्फरनगर में पुरुष 78.44 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 58.69 फीसदी है (literacy).
शाहजहां के शासनकाल में, सन् 1633 में मुजफ्फरनगर की स्थापना हुई थी. ब्रिटिश राज के दौरान यह, आगरा और अवध के संयुक्त राज्य के अंतर्गत मेरठ डिवीजन का जिला था (History).
उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित मुजफ्फरनगर को 'भारत का चीनी का कटोरा' (The Sugar Bowl of India) लोकप्रिय नाम से जाना जाता है. इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. यह जिला चीनी और गुड़ उत्पादन और व्यापार व्यवसाय का एक महत्वपूर्ण केंद्र है. मुजफ्फरनगर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर है जिसमें चीनी, स्टील और कागज प्रमुख उद्योग हैं. यहां 8 चीनी मिलें हैं. इस जिले की 40 फीसदी से अधिक आबादी कृषि में लगी हुई है. आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कृषि जीडीपी (GDP) मुजफ्फरनगर में है, साथ ही यहां यूपी का सबसे बड़ा अन्न भंडार भी है (Economy).
यहां की मूल भाषा खड़ी बोली है जो हिन्दी की हरियाणवी बोली से काफी मिलती-जुलती है (Language).
मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के ICU में भर्ती एक मरीज की कथित तौर पर दूसरे मरीज के तीमारदार ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. मामूली विवाद से शुरू हुई घटना ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है.
यूपी के मुजफ्फरनगर में कुछ लोगों ने युवक-युवती की जमकर पिटाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि एक रेस्टोरेंट में युवक-युवती को साथ देखने के बाद कुछ लोगों ने युवक का नाम पूछा तो उसने अपना नाम आशु शर्मा बताया. हालांकि कुछ ही देर में पता चला कि आशु शर्मा नाम बताने वाला युवक हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है और लड़की हिंदू है. देखें.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में युवक-युवती के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिला परिषद मार्केट में भीड़ ने युवक को घेरकर पीटा, जबकि युवती उसे बचाने की कोशिश करती रही. पुलिस दोनों को सुरक्षित थाने ले गई है और पूरे मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रही है.
इस बार कांवड़ यात्रा में सिर्फ पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा. मुजफ्फरनगर में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान करीब 2500 AI आधारित CCTV कैमरे फेस डिटेक्शन और क्राउड रीडिंग तकनीक से हर गतिविधि पर नजर रखेंगे. वहीं ATS, ब्लैक कमांडो, ड्रोन, बम निरोधक दस्ता और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम भी 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगी.
ज्ञानवापी मामले में फैसला देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर ने मुजफ्फरनगर में तीन महीने के भीतर 13 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. इन फैसलों की न्यायिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा हो रही है. कल ही 16 साल बाद एक किसान की हत्या के मामले में पूर्व प्रधान सहित दो अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाते हुए एक- एक लाख रुपये का भी जुर्माना लगाया है.
मुजफ्फरनगर में एक मानसिक रूप से बीमार युवक को कथित तौर पर 8 महीनों तक बंधक बनाकर जबरन मजदूरी कराने और मारपीट करने का मामला सामने आया है। लापता युवक प्रदीप कुमार शर्मा रेलवे स्टेशन पर बेहोशी की हालत में मिला, जिसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।
मुजफ्फरनगर में मानसिक रूप से बीमार एक युवक के साथ कथित तौर पर आठ महीने तक बंधक बनाकर जबरन खेतों में काम कराने और मारपीट करने का मामला सामने आया है. युवक बेहोशी की हालत में रेलवे स्टेशन पर मिला, जिसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे.
मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 16 साल पुराने किसान राजबीर सिंह हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. न्यायाधीश रवि दिवाकर की अदालत ने प्रधानी चुनाव की रंजिश में हत्या करने वाले पूर्व प्रधान सहदेव और प्रमोद को फांसी की सजा सुनाई है. दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
मुजफ्फरनगर के जड़ौदा गांव में कथित धर्म परिवर्तन की सूचना पर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 12 लोगों को हिरासत में लिया और जांच शुरू की।शिकायत के आधार पर 14 आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जड़ौदा गांव में कथित धर्म परिवर्तन की सूचना पर हंगामा मच गया. पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है. शिकायत के आधार पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है.
मुजफ्फरनगर के फुलत स्थित मदरसा दारुल उलूम रहिमिया पर महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने हजारों हिंदू युवक-युवतियों के कथित धर्मांतरण और करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की है. वहीं, मुजफ्फरनगर पुलिस ने एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में LIU, IB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच टीम गठित की है. पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी.
मुजफ्फरनगर में बिजली कटौती और कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज होने से नाराज कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग के चीफ विनोद कुमार को जमकर फटकार लगाई. मंत्री ने तल्ख लहजे में कहा कि 'नेता बनने का शौक है तो नौकरी छोड़ दो. इसके बाद नाराज अफसर बैठक से उठकर जाने लगे थे.
मुजफ्फरनगर जिले में बिजली कटौती से नाराज लोगों द्वारा बिजलीघर पर हंगामा करने के बाद बड़ा सियासी ड्रामा सामने आया है. सूबे के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार का बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर को धमकी भरा फोन करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के तीर्थस्थल शुक्रताल में गंगा स्नान के दौरान तीन अलग-अलग हादसों में 10 वर्षीय बालिका समेत तीन श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. बिजनौर निवासी मनीष को बचाने के प्रयास में उसका दोस्त राजन भी डूब गया और उसकी मौत हो गई. वहीं बागपत के हिमांशु और बिजनौर की रागिनी की भी जान चली गई. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जांच जारी है.
मुजफ्फरनगर में सामने आई बंधुआ मजदूरी की घटना सिर्फ एक फैक्ट्री की कहानी नहीं है, बल्कि आधुनिक भारत के विकास के दावों पर गंभीर सवाल है. यहां मजदूरों को नौकरी का लालच देकर कैद रखा गया, उनसे अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया गया और विरोध करने पर बेरहमी से पीटा गया.
मुजफ्फरनगर की जिस फैक्ट्री से 12 कथित बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया, वहां की कहानी सिर्फ रेस्क्यू ऑपरेशन तक सीमित नहीं है. आरोप है कि मजदूरों को करीब दो साल तक बंधक बनाकर जबरन काम कराया गया, उनके साथ अमानवीय व्यवहार हुआ और इस दौरान कुछ मजदूरों की मौत भी हुई. इन आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है. फिलहाल मुक्त कराए गए मजदूरों को पुनर्वास योजना के तहत 30-30 हजार की मदद देकर घर भेजा गया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक फैक्ट्री में 12 बंधुआ मजदूरों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था. उन्हें नौकरी का लालच देकर लाया गया, लेकिन वहां वे महीनों तक भूखे-प्यासे, लंबे समय तक काम करते हुए कैद थे.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक झोला बनाने वाली फैक्ट्री से 13 बंधुआ मजदूरों का रेस्क्यू किया गया है. मजदूरों को मोटी सैलरी का लालच देकर लाया गया था, लेकिन वहां उनके मोबाइल और आधार कार्ड छीन लिए गए थे. मजदूरों को पिटबुल कुत्तों की निगरानी में रखा गया था और उनकी लाठी-डंडों से पिटाई की जाती थी.
मुजफ्फरनगर में प्रशासन और श्रम विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक फैक्ट्री से 13 मजदूरों को मुक्त कराया गया है. सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने छापेमारी कर लोगों को बाहर निकाला और मामले की जांच शुरू की. पीड़ितों ने काम की परिस्थितियों को लेकर कई आरोप लगाए हैं. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है. अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मंगलवार रात मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया. जुलूस मोती महल से शुरू होकर खालापार और शिव चौक से होते हुए वापस पहुंचा. सुरक्षा के मद्देनजर शिव चौक स्थित मंदिर को लाल कपड़े से ढककर बैरिकेडिंग की गई और भारी पुलिस बल तैनात रहा.
दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के एक गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है, जो साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खाते मुहैया कराते थे. वे बेरोजगार और आर्थिक रूप से परेशान लोगों को शिकार बनाते थे.