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दुनिया के सबसे बड़े मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी- 2026 होगा सबसे गर्म

प्रमुख वैज्ञानिक जेम्स हानसेन ने भविष्यवाणी की है कि 2026 अब तक का सबसे गर्म साल रहेगा. ग्लोबल वार्मिंग के साथ सुपर अल-नीनो मिलने से पारा 2024 के रिकॉर्ड को तोड़ देगा. भारी गर्मी और चरम मौसम का खतरा है.

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दुनिया के सबसे प्रमुख मौसम वैज्ञानिक जेम्स हानसेन ने भविष्यवाणी की है 2026 अब तक दुनिया का सबसे गर्म साल होगा. (Photo: ITG)
दुनिया के सबसे प्रमुख मौसम वैज्ञानिक जेम्स हानसेन ने भविष्यवाणी की है 2026 अब तक दुनिया का सबसे गर्म साल होगा. (Photo: ITG)

प्रमुख जलवायु वैज्ञानिक डॉ. जेम्स हानसेन ने भविष्यवाणी की है कि साल 2026 पृथ्वी का अब तक का सबसे गर्म साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और एक बहुत शक्तिशाली अल-नीनो का मिला-जुला प्रभाव इस साल तापमान को नया रिकॉर्ड तोड़ने पर मजबूर कर देगा. 

2024 अभी तक का सबसे गर्म साल रहा है, लेकिन 2026 उससे भी आगे निकल जाएगा. यह सिर्फ एक अनुमान नहीं बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों और मॉडलों पर आधारित चेतावनी है. साल 2024 में पूरी दुनिया का औसत तापमान औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया था.

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यह पहली बार हुआ जब पृथ्वी ने यह आंकड़ा पार किया. 2025 भी बहुत गर्म रहा और इसे तीसरे या दूसरे सबसे गर्म साल के रूप में दर्ज किया गया. अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि 2026 में स्थिति और बिगड़ सकती है. 

James Hansen Hottest Year 2026

जेम्स हानसेन कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं. उन्होंने 1988 में अमेरिकी कांग्रेस को पहली बार चेतावनी दी थी कि मानव गतिविधियां पृथ्वी को गर्म कर रही हैं. अब उनकी नई रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 न सिर्फ 2024 का रिकॉर्ड तोड़ेगा बल्कि 2027 और भी गर्म हो सकता है.

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अल-नीनो क्या है? 

अल-नीनो एक प्राकृतिक मौसम की घटना है. यह प्रशांत महासागर में होता है. सामान्य दिनों में पूर्वी प्रशांत महासागर (दक्षिण अमेरिका के पास) का पानी ठंडा रहता है. लेकिन अल-नीनो आने पर यह पानी बहुत गर्म हो जाता है. गर्म पानी फैलता है और हवाओं का रुख बदल जाता है. 

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इससे पूरी दुनिया का मौसम प्रभावित होता है. कुछ जगहों पर भारी बारिश और बाढ़ आती है तो कुछ जगहों पर सूखा पड़ता है. गर्मी भी बहुत बढ़ जाती है. अल-नीनो आमतौर पर हर 2 से 7 साल में आता है. 9 से 12 महीने तक रहता है. जब यह बहुत मजबूत होता है तो उसे सुपर अल-नीनो कहते हैं.

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2025 के दूसरे आधे हिस्से में अल-नीनो शुरू हो जाएगा. कई मॉडल इसे सुपर अल-नीनो बता रहे हैं. इसका पूरा असर 2026 में दिखेगा.

 James Hansen Hottest Year 2026

जेम्स हानसेन की भविष्यवाणी क्यों महत्वपूर्ण?

हानसेन और उनकी टीम ने महासागर के ऊपरी 300 मीटर पानी के तापमान का अध्ययन किया. मार्च 2026 में यह तापमान सामान्य से 1 डिग्री से ज्यादा गर्म था. अप्रैल में यह 1.6 डिग्री तक पहुंच गया. यह संकेत देता है कि अल-नीनो सामान्य नहीं बल्कि बहुत मजबूत होगा.

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उन्होंने कहा कि 2026 में वैश्विक तापमान 2024 से 0.06 डिग्री या उससे ज्यादा ऊपर जा सकता है. यह अंतर छोटा लगता है लेकिन इतिहास में यह काफी है नया रिकॉर्ड बनाने के लिए. हानसेन का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग अब तेज हो रही है. अल-नीनो उसकी आग में घी डालने का काम करेगा.

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ग्लोबल वार्मिंग और अल-नीनो का खतरनाक गठजोड़

ग्लोबल वार्मिंग मानव द्वारा बनाई गई समस्या है. कोयला, पेट्रोल, गैस जलाने, जंगल काटने और कारखानों से निकलने वाली गैसों ने पृथ्वी को गर्म कर दिया है. CO2 और अन्य ग्रीनहाउस गैसें गर्मी को फंसाती हैं. 

अल-नीनो प्राकृतिक है लेकिन जब यह ग्लोबल वार्मिंग के साथ मिलता है तो समस्या दोगुनी हो जाती है. गर्म महासागर पहले से गर्म वातावरण को और गर्म कर देते हैं. हानसेन का मानना है कि एरोसोल (वायु प्रदूषण) कम होने से भी वार्मिंग तेज हुई है क्योंकि प्रदूषण पहले कुछ हद तक गर्मी रोकता था. अब वह ढाल हट रही है.

 James Hansen Hottest Year 2026

भारत और दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

भारत जैसे देशों में अल-नीनो का असर बहुत गंभीर हो सकता है. गर्मी की लहरें लंबी और तेज होंगी. दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में तापमान 45-50 डिग्री तक पहुंच सकता है. मानसून प्रभावित होगा. कुछ जगहों पर भारी बारिश और बाढ़ आएगी तो कुछ जगहों पर सूखा पड़ेगा. कृषि पर असर पड़ेगा. फसलें सूख सकती हैं या ज्यादा पानी से बर्बाद हो सकती हैं. 

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दुनिया भर में... 

  • ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में सूखा.
  • दक्षिण अमेरिका में भारी बारिश.
  • अमेरिका और यूरोप में असामान्य मौसम.
  • आर्कटिक क्षेत्र में और तेज पिघलाव.
  • समुद्री तूफान ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं.

पिछले सुपर अल-नीनो के सबक

2015-16 का सुपर अल-नीनो बहुत खतरनाक था. तब भी रिकॉर्ड गर्मी पड़ी थी. अब 2026-27 में और मजबूत अल-नीनो आने की आशंका है. वैज्ञानिक चिंता जता रहे हैं कि बार-बार ऐसे घटनाक्रम से मौसम का पैटर्न हमेशा के लिए बदल सकता है.

 James Hansen Hottest Year 2026

क्या हम तैयार हैं?

यह भविष्यवाणी हमें चेतावनी देती है. हमें जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए. कोयला और जीवाश्म ईंधन कम करना. सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा बढ़ाना. जंगल बचाना. कम प्रदूषण फैलाना. शहरों को गर्मी से बचाने के लिए ग्रीन कवर बढ़ाना, ठंडे छत वाले घर बनाना और पानी का सही प्रबंधन जरूरी है.

जेम्स हानसेन जैसे कई वैज्ञानिक चिंतित हैं. NOAA और ECMWF जैसे संगठनों के मॉडल भी अल-नीनो की मजबूत संभावना दिखा रहे हैं. हालांकि कुछ वैज्ञानिक कहते हैं कि अभी पक्का नहीं कहा जा सकता. वसंत ऋतु में भविष्यवाणी मुश्किल होती है. फिर भी ज्यादातर सहमत हैं कि 2026 बहुत गर्म रहेगा.

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अगर 2026 सबसे गर्म साल बना तो 2027 और भी गर्म हो सकता है. ला नीना (ठंडा चरण) बाद में आएगा जो थोड़ी राहत दे सकता है लेकिन लंबे समय में समस्या बनी रहेगी. तिब्बत के पठार, हिमालय की बर्फ पिघलने, समुद्र के स्तर बढ़ने जैसी समस्याएं और तेज होंगी. करोड़ों लोगों की जिंदगी, खेती, पानी और स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ेगा.

2026 की यह चेतावनी सिर्फ एक साल की नहीं है. यह पूरी सदी की दिशा बताती है. अगर हम अब नहीं सुधरे तो आने वाले साल और भयानक होंगे. डॉ. हानसेन और अन्य वैज्ञानिक हमें बता रहे हैं - पृथ्वी अब धैर्य खो रही है. हमें तुरंत कार्रवाई करनी होगी. सरकारों, कंपनियों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा.

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