हीटवेव की सीमा तब पूरी होती है जब किसी मौसम केंद्र का अधिकतम तापमान मैदानी इलाकों में कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस, तटीय इलाकों में 37 डिग्री और पहाड़ी इलाकों में 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है. गर्मी के मौसम में जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर होता है तब हवा काफी गर्म हो जाती है, जिसके कारण लू लगने का खतरा बना रहता है (Heatwaves).
इस मौसम में भारत के दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव का खतरा बना रहता है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) इस बीच रेड अलर्ट जारी करता रहता है.
दिल्ली, चंडीगढ़ और इन राज्यों के अन्य प्रमुख शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाती है.
2026 में इतिहास का सबसे शक्तिशाली अल नीनो आ चुका है. इसके कारण भारत सहित कई देशों में भीषण सूखा, हीटवेव और अफ्रीका में भारी बाढ़ आएगी, जिससे वैश्विक खाद्य कीमतें बढ़ेंगी. बेतरतीब मौसम होगा. डरावनी गर्मी होगी.
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और अगले 5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के और हिस्सों तक पहुंच सकता है. वहीं देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बरकरार है.
एल निनो हमारे देश के मॉनसून और कृषि क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को आगाह करते हुए जल संरक्षण के बड़े उपाय करने के निर्देश दिए हैं. एल निनो के कारण मॉनसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे खरीफ फसलों की पैदावार कम हो सकती है.
भारत में गर्मी अब पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक होती जा रही है. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 13 सालों में हीटवेव यानी लू वाले दिनों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है. इसका मतलब है कि अब लोगों को ज्यादा दिनों तक तेज और जानलेवा गर्मी झेलनी पड़ रही है.
जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में हीटवेव की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. पिछले 13 वर्षों में हीटवेव वाले दिन दोगुने हो गए हैं. 2013 में 100 दिन थे, जो अब 200 दिनों तक पहुंच गए हैं.
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार रात तेज बारिश, गरज और धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया. इस दौरान हवाएं इतनी तेज चलीं कि पिछले कई दशकों के कुछ सबसे शक्तिशाली झोंके दर्ज किए गए. हालांकि, बारिश उतनी नहीं आई, जितनी उम्मीद की जा रही थी. देखें...
केरल, कर्नाटक, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मॉनसूनी बारिश का दौर जारी है, जबकि उत्तर भारत में आज दिल्ली, यूपी और हरियाणा के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने का अलर्ट है.
दिल्ली NCR के लोगों को एक बार गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है. बीते तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली है. मौसम विभाग की मानें तो अभी तापमान में और इजाफा हो सकता है. गर्मी के कारण कर्तव्य पथ पर सन्नाटा पसरा है. अमूमन यहां पर सैलानियों का तांता लगा रहता है. देखें ये रिपोर्ट.
एक तरफ मॉनसून दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय होकर झमाझम बारिश करा रहा है, तो दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्से अभी भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं. मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते के लिए बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और हीटवेव को लेकर कई राज्यों में चेतावनी जारी की है.
गर्मियों में दही, रायता और कढ़ी में से कौन है ज्यादा फायदेमंद? जानिए एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर को ठंडक, बेहतर पाचन और हाइड्रेशन के लिए कौन-सा विकल्प सबसे बेहतर है. एक्सपर्ट्स की राय में, गर्मियों में नियमित रूप से दही या खीरे-पुदीने का रायता लेना ज़्यादा फायदेमंद हो सकता है, जबकि कढ़ी को संतुलित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है
विश्व मौसम विज्ञान संगठन की नई चेतावनी ने दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं. रिपोर्ट के अनुसार, अल-नीनो की परिस्थितियां तेजी से विकसित हो रही हैं और इसका असर वैश्विक मौसम पैटर्न पर पड़ सकता है. कई क्षेत्रों में तापमान बढ़ने, सूखे और असामान्य बारिश की आशंका जताई गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में मौसम से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं, जिसके लिए समय रहते तैयारी जरूरी होगी.
देशभर में मौसम का मिजाज बदल गया है. उत्तर भारत में बारिश से गर्मी से राहत मिली है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर कई राज्यों में बढ़ सकता है और तापमान 47 डिग्री तक पहुंच सकता है.
Rajasthan Weather: राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से इस हफ्ते भारी बारिश और आंधी की संभावना है, जिससे तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहेगा और हीटवेव की स्थिति कम होगी.
दिल्ली गर्मी के बाद रात में खुद को ठंडा करने की क्षमता खो रही है. 25 मई 2026 को पिछले 14 साल की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जो गरीब लोगों के लिए जानलेवा हो रही है.
देशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. उत्तर भारत में बारिश से गर्मी से राहत मिली है, जबकि पहाड़ों पर बर्फबारी जारी है. राजस्थान में धूल भरी आंधी ने असर डाला है. IMD के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में तापमान 44 से 47 डिग्री तक पहुंच सकता है.
Kal ka Mausam: मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ लू और भीषण गर्मी से राहत देगा. राजस्थान में तेज धूलभरी आंधी का अलर्ट जारी है जबकि दिल्ली-NCR में हल्की बारिश की संभावना है. वहीं, दो दिन बाद नया विक्षोभ सक्रिय होगा जिससे हिमालय क्षेत्र में बारिश और मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है
IMD Weather Today: उत्तर भारत के कई शहरों में हुई बारिश ने गर्मी में राहत दी है लेकिन राजस्थान में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है. दिल्ली समेत कई राज्यों में अगले पांच दिन तक भीषण गर्मी नहीं रहेगी, लेकिन मध्य भारत और दक्षिणी हिस्सों में हीटवेव की चेतावनी जारी है.
देशभर में बढ़ती गर्मी का असर अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रहा. रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण लोगों की बिजली पर निर्भरता बढ़ गई है. दिल्ली समेत कई शहरों में बिजली की सबसे ज्यादा मांग अब शाम और रात के समय दर्ज की जा रही है. बदलते मौसम और गर्म रातों ने बिजली खपत के पुराने पैटर्न को बदल दिया है, जिससे ऊर्जा प्रबंधन की नई चुनौतियां सामने आ रही हैं.
दिल्ली में मई में जमीन का तापमान 60°C तक पहुंच रहा है. हीट मैप दिखाता है कि शहर का 76% क्षेत्र गंभीर हीट-स्ट्रेस में है. गरीब, मजदूर, स्ट्रीट वेंडर और झुग्गीवासी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगले पांच साल बेहद गर्म हो सकते हैं. ग्लोबल तापमान लगातार बढ़ रहा है और इससे हीटवेव, सूखा और बाढ़ जैसी समस्याएं बढ़ेंगी. वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगर कार्बन उत्सर्जन नहीं रोका गया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.
देशभर में बढ़ती गर्मी अब रातों को भी बेचैन कर रही है. दिल्ली में Night Temperature बढ़ने से बिजली की खपत का पैटर्न बदल गया है. अब Power Demand दोपहर की बजाय शाम और रात में पीक पर पहुंच रही है. लोग देर रात तक AC और कूलर चलाने को मजबूर हैं.