तूफान एक प्राकृतिक वातावरण या खगोलीय पिंड के वातावरण की एक अशांत स्थिति है. इस दौरान तेज हवाएं, बवंडर, ओले गिरना, गरज और बिजली के साथ आंधी, बारिश, भारी बर्फीली बारिश या तूफान, चक्रवाती हवाओं का सामना करना पड़ता है (Storm).
तूफान तब बनते हैं जब कम दबाव का केंद्र उसके आसपास के उच्च दबाव की प्रणाली के साथ विकसित होता है. इस स्थित में हवाओं का निर्माण होता है और इसके परिणामस्वरूप क्यूम्यलोनिम्बस (cumulonimbus) जैसे तूफानी बादलों का निर्माण होता है. क्यूम्यलोनिम्बस बादल अक्सर गरज भरे तूफान के समय आकाश में बने घने बादल होते हैं (Creation of Storm).
तूफान केवल पृथ्वी पर ही नहीं आते; पर्याप्त वातावरण वाले अन्य ग्रह भी तूफानी मौसम से गुजरते हैं, खाल कर गैसीय ग्रहों पर. इसका उदाहरण बृहस्पति पर दी ग्रेट रेड स्पॉट (The Great Red Spot) है (Storm on Jupiter).
अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों के अनुसार अल-नीनो 2026-27 के दौरान वैश्विक मौसम को प्रभावित कर सकता है. भारत में कम बारिश और ज़्यादा गर्मी की आशंका है, जबकि कई क्षेत्रों में बाढ़ का जोखिम बढ़ सकता है. जानिए इसके संभावित असर.
दिल्ली-NCR में तेज धूलभरी आंधी और बारिश से मौसम बदल गया है. पालम में हवा की रफ्तार 92 किमी/घंटा दर्ज की गई. IMD ने कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मौसम में बदलाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है.
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. IMD के अनुसार, जून के शुरुआती दिनों में बारिश सामान्य से 64% कम रही. एक्सपर्ट्स इसे अस्थायी ‘मॉनसून पॉज़’ मान रहे हैं और जल्द सुधार की उम्मीद जता रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है.
बारिश से पहले आसमान में काले बादल क्यों दिखाई देते हैं, इसके पीछे एक दिलचस्प साइंस छुपा है. जब बादलों में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, तो वे घने हो जाते हैं और सूरज की रोशनी को रोक लेते हैं. इसी वजह से बादल काले या भूरे नजर आते हैं और बारिश की संभावना बढ़ जाती है.
दिल्ली एनसीआर में अचानक आए आंधी तूफान और बारिश के पीछे पाकिस्तान में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन बड़ा कारण बना. मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर की नमी और भीषण गर्मी के कारण मौसम अस्थिर हुआ. तेज हवाओं और बारिश से लोगों को राहत मिली लेकिन जनजीवन और उड़ानों पर असर पड़ा.
दिल्ली-NCR में तेज हवाओं और बारिश से मौसम सुहाना हुआ. IMD ने 17 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. जानिए दिल्ली में मॉनसून कब पहुंचेगा और अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा. IMD का अनुमान है कि दिल्ली-NCR में मॉनसून 25 से 30 जून के बीच दस्तक दे सकता है.
IMD उत्तर-पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश का अलर्ट जारी किया है. 11 और 12 जून को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (50-60 kmph) और ओला गिरने की संभावना है.
देश के कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने मौसम में बदलाव को लेकर नया अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने 8 से 12 जून तक आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है. इसी के साथ कुछ जगहों पर 70-80km/h की स्पीड से हवा चलने का भी अनुमान लगाया गया है.
तिब्बत के 5000 मीटर ऊंचे इलाके में फोटोग्राफर शूचांग ने हाई-स्पीड कैमरे से रेड स्प्राइट्स की शानदार तस्वीरें कैद कीं. ये ऊपरी वायुमंडल में तूफानों से बनने वाली बिजली हैं, जो लाल जेलीफिश जैसे दिखते हैं.
इस बार देश में बारिश कम हो रही है, लेकिन आंधी-तूफान और तेज हवाएं ज्यादा आ रही हैं. मुख्य कारण अल-नीनो, जलवायु परिवर्तन और वायुमंडलीय अस्थिरता है. इससे छिटपुट बारिश के साथ आंधियां बढ़ गई हैं.
देशभर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है. 2-3 दिनों से उत्तर भारत के तमाम शहरों में हुई बारिश से गर्मी से राहत बनी हुई है. दूसरी ओर उत्तराखंड और हिमाचल के ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है. उधर, रविवार को राजस्थान में फिर धूल भरी आंधी और तेज हवाओं ने जनजीवन प्रभावित कर दिया.
तपती जमीन और आग बरसते आसमान की कठिनाइयों के साथ मई का महीना विदा लेने को है. लेकिन जाते जाते ये महीना ये ऐलान कर रहा है कि चुनौतियां अभी और भी हैं. 47 डिग्री तापमान पर जलते चुबते दिन और 30 डिग्री से ऊपर के तापमान में उबलती रातों के बीच वैज्ञानिकों की ओर से संकेत ये भी मिल रहे हैं राहत के दिन करीब हैं.
राजस्थान के कई शहरों में आज मौसम बिगड़ा है. भारी आंधी-तूफान चल रही है. चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर में रेतीले बवंडर से आफत आई है. इस दौरान चूरू में डरावना मंजर देखने को मिला. धूल का इतना विशाल गुबार उठा कि दिन में ही अंधेरा छा गया. देखें वीडियो.
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है. लेकिन अब लोगों को राहत मिलने के संकेत हैं. लेकिन पहले गर्मी से आफत और अब मौसम के बदले मिजाज से मुसीबत. बीती शाम से उत्तर भारत समेत देश के कई इलाकों में मौसम ऐसा बदला कि तेज बारिश ने सब कुछ अस्त-व्यस्त कर दिया. बारिश से कहां-कहां कैसा हाल रहा देखिए रिपोर्ट.
उत्तर भारत में आज शाम से गरज-चमक के साथ बारिश और तेज धूल भरी आंधी का अलर्ट जारी किया है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी UP में 70 किमी/घंटा तक हवाएं चल सकती हैं.
दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में 4 दिन बारिश, धूलभरी आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी हुआ है. जानिए नौतपा का वैज्ञानिक महत्व और मौसम का ताजा अपडेट. वैज्ञानिक दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान धरती के ज़्यादा गर्म होने से निम्न दबाव क्षेत्र बनता है, जो मानसून की नमी भरी हवाओं को आकर्षित करने में मदद करता है.
उत्तर प्रदेश में भीषण तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से 117 लोगों की मौत हुई हैं. 130 KMPH हवाओं ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है.
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2026 में एक बहुत मजबूत अल-नीनो बनने वाला है, जो इतिहास के सबसे खतरनाक अल-नीनो में से एक हो सकता है. दुनिया भर में बाढ़, सूखा और रिकॉर्ड गर्मी का खतरा बढ़ जाएगा.
उत्तर प्रदेश में चक्रवात और तूफानों से करीब 100 लोगों की मौत हुई है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत की राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी को संवेदना संदेश भेजा है.
विशेष में आज बात करेंगे..उस आंधी तूफान की जिसने कल यूपी में बहुत कहर बरपाया है... आपको जानकर हैरानी होगी कि इस आंधी तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से यूपी में 104 लोगों की मौत हो गई.. और ये तो सरकारी आंकड़े हैं... जो अभी अपडेट हो ही रहे हैं... सड़कों से पेड़ उखड़ गए.. गाड़ियों के ऊपर गिर गए.. घरों की दीवारें गिर गईं, टिन शेड उखड़ गए.. और जो भी इसकी चपेट में आया.. वो मारा गया... 104 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. देखें विशेष.
बरेली के बाजार में झुमका गिरने की बातें तो आपने सुनी होगी. लेकिन तूफान में आदमी उड़ जाए, इस बात पर भरोसा तो नहीं होता. लेकिन ये सच है. बरेली में आए जोरदार तूफान में एक शख्स 50 फीट हवा में उछल गया. टीन शेड के साथ ऐसा उड़ा कि अस्पताल जाने की नौबत आ गई. घटना के बाद आजतक की टीम जब मौके पर पहुंची तो शख्स की पहचान नन्हें मियां के तौर पर हुई.