तूफान एक प्राकृतिक वातावरण या खगोलीय पिंड के वातावरण की एक अशांत स्थिति है. इस दौरान तेज हवाएं, बवंडर, ओले गिरना, गरज और बिजली के साथ आंधी, बारिश, भारी बर्फीली बारिश या तूफान, चक्रवाती हवाओं का सामना करना पड़ता है (Storm).
तूफान तब बनते हैं जब कम दबाव का केंद्र उसके आसपास के उच्च दबाव की प्रणाली के साथ विकसित होता है. इस स्थित में हवाओं का निर्माण होता है और इसके परिणामस्वरूप क्यूम्यलोनिम्बस (cumulonimbus) जैसे तूफानी बादलों का निर्माण होता है. क्यूम्यलोनिम्बस बादल अक्सर गरज भरे तूफान के समय आकाश में बने घने बादल होते हैं (Creation of Storm).
तूफान केवल पृथ्वी पर ही नहीं आते; पर्याप्त वातावरण वाले अन्य ग्रह भी तूफानी मौसम से गुजरते हैं, खाल कर गैसीय ग्रहों पर. इसका उदाहरण बृहस्पति पर दी ग्रेट रेड स्पॉट (The Great Red Spot) है (Storm on Jupiter).
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिजली कड़कने या आंधी-तूफान की स्थिति में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है.
उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ का कहर जारी है. हिमालयी इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. वहीं, राजस्थान के कोटा में करंट से एक युवक की मौत हो गई और मध्य प्रदेश के खरगोन में ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है.
सिसिली के निस्केमी शहर में तूफान 'हैरी' की भारी बारिश से 4 km लंबी चट्टान ढह गई. इससे सैकड़ों घर पहाड़ी के किनारे लटक गए. 1500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. कोई मौत नहीं हुई, लेकिन स्थिति गंभीर है. स्कूल बंद हैं. इटली सरकार ने इमरजेंसी घोषित की है और राहत कार्य शुरू किए हैं.
ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों में भीषण हीट वेव ने दस्तक दी है, जिससे तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. वहीं यूनाइटेड किंगडम (UK) में तूफान गोरट्टी ने काफी असर डाला है. दुनिया भर में मौसम का कहर देखने को मिल रहा है.
सुमात्रा में साइक्लोन सेन्यार ने 836 लोगों की जान ली. 40 साल में 74% जंगल कट चुके हैं, खासतौर से पाम ऑयल और कागज उद्योग के लिए. बारिश में बिना जड़ों वाली मिट्टी खिसकी. कटे लट्ठे बहकर घर तोड़ते चले गए. जंगल होते तो यह तबाही 70% तक कम होती.
अमेरिका के उत्तर-पूर्वी इलाकों में सदी में एक बार आने वाली भयंकर बाढ़ अब हर साल आएगी. समुद्र का बढ़ता जलस्तर और तेज होते तूफान इसके जिम्मेदार हैं. नई रिसर्च कहती है कि 2100 तक न्यूयॉर्क-बोस्टन जैसे शहरों में हर साल बाढ़ आएगी. हमें अभी कार्बन उत्सर्जन कम करना होगा वरना तबाही तय है.
चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में 390+ लोगों की जान ली. 10 लाख लोगों को प्रभावित किया और 20 साल की सबसे भयानक बाढ़ लेकर आया. अब तमिलनाडु-चेन्नई में भारी बारिश से 3 मौतें हो चुकी हैं. सैकड़ों उड़ानें रद्द हुई है. जलवायु परिवर्तन से ऐसे चक्रवात, टाइफून और हरिकेन तेज व घातक हो रहे हैं.
श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से भारी तबाही के बाद भारत ने 28 नवंबर को ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया. 53 टन राहत सामग्री. NDRF की 80 सदस्य टीम. भीष्म क्यूब, हेलीकॉप्टर बचाव और मेडिकल टीम भेजी गई. अब तक 150+ लोग बचाए गए. 2000+ भारतीय सुरक्षित वापस लाए गए. भारत ने फिर साबित किया कि पड़ोसी पहले, हम साथ हैं.
Cyclonic Storm Ditwah: चक्रवाती तूफान दित्वा भले ही कमजोर होकर गहरे निम्न दबाव में बदल चुका है लेकिन इसका असर तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में दिखाई दे रहा है. तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, कडलूर और रानीपेट समेत कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है.
चक्रवाती तूफान दित्वा श्रीलंका में भारी तबाही के बाद भारत की तरफ बढ़ रहा है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रशासन ने भारी अलर्ट जारी किया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं. तमिलनाडु में कई इलाकों में बाढ़ और नुकसान हुआ है, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है. देखें विशेष.
दुनिया का मौसम इस समय पूरी तरह बेकाबू हो चुका है. जमीन से 20-30 km ऊपर बहने वाली हवा यानी QBO नवंबर में ही पलट गई, जो आमतौर पर जनवरी-फरवरी में बदलती है. भारत समेत पूरी दुनिया पर 2025-26 में इसका भयंकर असर पड़ेगा. यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब भी बाढ़, ठंड और सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं. यह कोई स्थानीय मौसम नहीं, पूरा ग्लोबल सिस्टम टूटने की शुरुआत है.
तूफान दित्वा ने श्रीलंका में भयानक तबाही मचाई है. इस तूफान के कारण कम से कम 123 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. राहत कार्य तेजी से जारी है ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके. वर्तमान में यह तूफान भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते कई फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं. कोलंबो में लगभग 300 भारतीय यात्री तीन दिनों से फंसे हुए हैं क्योंकि साइक्लोन के कारण सभी उड़ानें प्रभावित हुई हैं.
चक्रवाती तूफान दित्वा बंगाल की खाड़ी में तेजी से गहरा रहा है. ये तूफान कल सुबह उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों से टकराएगा. खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से तमाम इंतजाम किए गए हैं. देखें विशेष.
चक्रवाती तूफान दित्वा ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है. तूफान के कारण शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 56 लोगों की मौत और 23 लोग लापता बताए जा रहे हैं.
Cyclone Ditwah के कारण 29 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच देश के कुछ हिस्सों में भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश बताई गई है. मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश की चेतवानी दी है और तटीय क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है. आइए जानते हैं कहां-कहां भारी बारिश हो सकती है?
Cyclone Ditwah ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है. बाढ़-भूस्खलन में अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है.कई घर बह गए हैं और सड़कें टूट गई हैं. सरकार ने पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है और राहत कार्य जारी है. तूफान दित्वा अब भारत के तटवर्ती राज्यों की ओर बढ़ रहा है.
बंगाल की खाड़ी में दो चक्रवात सक्रिय हैं. सेन्यार कमजोर हो चुका है, लेकिन दितवा तेजी से मजबूत हो रहा है. तमिलनाडु, पुडुचेरी व दक्षिण आंध्र में 28-30 नवंबर तक भारी-अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है. IMD हर 6 घंटे अपडेट जारी कर रहा है.
Cyclone Senyar Tracker: चक्रवाती तूफान सेन्यार इंडोनेशिया से होकर अब दक्षिण-पूर्व दिशा में बढ़ रहा है. इसके असर से अंडमान-निकोबार, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, माहे और रायलसीमा में अगले 2 दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) ने सतर्क रहने की सलाह दी है.
कैलिफ़ोर्निया में भारी बारिश और तूफान का कहर देखने को मिला है. शक्तिशाली तूफान और बारिश से बड़े जान-माल का नुकसान हुआ है. इससे अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके आलावा कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. देखें US से जुड़ी बड़ी खबरें.
ताइवान में फंग-फोंग तूफान ने भारी तबाही मचाई है. इस तूफान ने बड़े पैमाने पर कृृषि क्षित्र को नुकसान पुहंचाया है और इस तूफान की गंभीरता को देखते हुए ताइवान के सभी विमानो को रद्द कर दिया गया है. वहीं ऑस्ट्रेलिया, इटली और चीन में कुदरत का करिश्मा दिखा जब लोगों को आसमान में औरोरा लाइट्स देखेने को मिला.
फिलीपींस में तूफान कलमाएगी से भयानक तबाही हुई है. मौतों का आंकड़ा 90 से ऊपर पहुंच गया है. सेबू प्रांत में 76 लोग बाढ़-भूस्खलन से मारे गए, 26 लापता हैं. 3 लाख बेघर, उड़ानें रद्द. राष्ट्रपति मार्कोस ने राहत तेज करने के आदेश दिए. तूफान अब वियतनाम की ओर जा रहा है. जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाई चुनौती.