तूफान एक प्राकृतिक वातावरण या खगोलीय पिंड के वातावरण की एक अशांत स्थिति है. इस दौरान तेज हवाएं, बवंडर, ओले गिरना, गरज और बिजली के साथ आंधी, बारिश, भारी बर्फीली बारिश या तूफान, चक्रवाती हवाओं का सामना करना पड़ता है (Storm).
तूफान तब बनते हैं जब कम दबाव का केंद्र उसके आसपास के उच्च दबाव की प्रणाली के साथ विकसित होता है. इस स्थित में हवाओं का निर्माण होता है और इसके परिणामस्वरूप क्यूम्यलोनिम्बस (cumulonimbus) जैसे तूफानी बादलों का निर्माण होता है. क्यूम्यलोनिम्बस बादल अक्सर गरज भरे तूफान के समय आकाश में बने घने बादल होते हैं (Creation of Storm).
तूफान केवल पृथ्वी पर ही नहीं आते; पर्याप्त वातावरण वाले अन्य ग्रह भी तूफानी मौसम से गुजरते हैं, खाल कर गैसीय ग्रहों पर. इसका उदाहरण बृहस्पति पर दी ग्रेट रेड स्पॉट (The Great Red Spot) है (Storm on Jupiter).
भारतीय मौसम विभाग ने 15 से 18 सितंबर तक दिल्ली-NCR, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. गरज-चमक और तेज हवाओं की भी आशंका है.
साल 2026 के आखिरी तीन महीने समंदर के लिहाज से अहम हो सकते हैं. अक्टूबर से दिसंबर के बीच 3 ट्रॉपिकल साइक्लोन बनने का अनुमान है. इसरो के मुताबिक इन तूफानों की ताकत सामान्य से काफी ज्यादा रह सकती है.
अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ा है. वहीं प्रशांत महासागर में दो शक्तिशाली तूफान तेजी से बढ़ रहे हैं. इन मौसमी बदलावों पर वैज्ञानिक लगातार नजर रखे हुए हैं.
चीन के फुजियान प्रांत में तूफान गैनारी के बाद भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. लॉन्गयान शहर की सड़कें पानी में डूब गईं, गाड़ियां फंस गईं और कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया.
पश्चिमी प्रशांत में तूफानों की एक साथ एंट्री ने मौसम पर नजरें बढ़ा दी हैं. यहां 8 साल बाद अगस्त चार तूफान एक साथ एक्टिव हैं. इनमें सौडेल सबसे ताकतवर है, जिसकी हवा 165 किमी/घंटे तक पहुंच रही है.
इटली के फोर्ली एयरपोर्ट पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए तेज तूफानी झोंकों ने जमकर तबाही मचाई. महज 10 मिनट के डाउनबर्स्ट ने एयरपोर्ट के रनवे पर खड़े कई छोटे विमानों को पलट दिया. कुछ विमान अपनी जगह से कई मीटर तक खिसक गए, जबकि टर्मिनल और हैंगर को भी नुकसान पहुंचा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
अमेरिका के इंडियाना में आए तेज तूफान-बाढ़ से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल है. राज्य के गवर्नर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की. ट्रंप ने इंडियाना की ओर से मांगी गई राष्ट्रपति आपातकाली घोषणा को मंजूरी देने की बात कही है जिससे राज्य को संघीय मदद मिल सकेगी.
प्रशांत महासागर में मौसम ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है. 5 ट्रॉपिकल सिस्टम एक्टिव हैं. दो नए सिस्टम बन सकते है. अब नजर सिर्फ तूफानों पर नहीं, बल्कि भारतीय मॉनसून में होने वाले संभावित बदलाव पर भी है.
आसमान से बरसी 9 दिन की बारिश ने मनीला की नदी में कचरे का ढेर लगा दिया. अब पानी के अंदर उतरकर सफाई हो रही है. भारी बारिश ने उत्तरी फिलीपींस में बाढ़ और लैंडस्लाइड बढ़ाए, जिनमें 16 लोगों की जान गई.
अब तूफान समुद्र से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर तक पहुंच चुका है जिसके चलते लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा.अब डॉल्फिन कमजोर हो चुका है, लेकिन चीन के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है.
टाइफून डॉल्फिन ने बंगाल की खाड़ी से कई मॉनसून सिस्टम छीन लिए और नमी सोख रहा है. फिर भी स्थानीय लो प्रेशर सिस्टम बन सकते हैं, जो अगस्त के बाकी दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश लाएंगे.
पश्चिमी प्रशांत में तूफान डॉल्फिन चीन में लैंडफॉल कर चुका है. चान-होम जापान की ओर बढ़ रहा है. मारियाना के पास तीन अन्य सिस्टम एक्टिव है. ये मॉनसून को प्रभावित कर सकते हैं.
चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा तूफान डॉल्फिन अब बड़ा खतरा बन चुका है. तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच शंघाई में 1300 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है.
दिल्ली में 7 अगस्त की भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव, मकानों को नुकसान और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं. दिल्ली फायर सर्विस को 24 से अधिक कॉल मिलीं. IMD ने रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना जताई है. वीडियो में जानें कहां कैसे हैं हालात.
भूकंप के झटकों से उबर भी नहीं पाया था जापान, अब टाइफून डॉल्फिन ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है. तेज हवाएं, भारी बारिश और ऊंची लहरों के खतरे के बीच लाखों लोग अलर्ट पर हैं.
क्लाउड मैप में पूरा भारत सफेद दिखने का मतलब है घने मॉनसूनी बादलों का फैलाव. जून में कमजोर मॉनसून के बाद जुलाई में नया एक्टिव फेज शुरू हुआ है, जिससे उत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश हो रही है.
IITM पुणे की स्टडी में खुलासा हुआ कि भारत में मॉनसून की औसतन 25% बारिश जमीन तक पहुंचने से पहले ही वाष्प बन जाती है. जानिए इसका मौसम, कृषि और जल संसाधनों पर क्या असर पड़ सकता है. भविष्य में पूरे देश में इसी तरह के अध्ययन किए जाएंगे, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रक्रिया के प्रभाव को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा.
तूफान बावी अब जापान, ताइवान और चीन की तरफ बढ़ गया है. उसकी ताकत कमजोर हुई है लेकिन तबाही ला सकता है. तेज हवाओं से ज्यादा अब चिंता भारी बारिश की है.
सूरत में भारी बारिश और बाढ़ से 47 लोगों की मौत हुई. प्रशासन के मुताबिक अब जलभराव खत्म हो चुका है. प्रभावित परिवारों को 4 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि शहर में राहत और सफाई अभियान जारी है.
दुनिया 2035 में नहीं पहुंची है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है उस समय के मौसम की डरावनी झलक अभी दिख रही है. आने वाले महीनों में कई देशों में रिकॉर्ड गर्मी, सूखा, बाढ़ और जंगलों में आग जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं.
महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में भारी बारिश से वेण्णा नदी पर बना पुल टूट गया. कई पर्यटक फंस गए, जबकि राहत और बचाव अभियान जारी है. 24 घंटे में 513 मिमी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ. वीडियो में देखें पूरा वायरल क्लिप जिसमें कार को भी क्रेन की मदद से बाहक निकाला गया.