पृथ्वी के वायुमंडल के नीचे और उसके ऊपर होने वाली सभी प्राकृतिक और मानवनिर्मित घटनाओं की वैज्ञानिक खबरें. अंतरिक्ष, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य संबंधी रिसर्च, नदी, ग्लेशियर, पहाड़, पर्यावरण, वन्य जीव, जैव विविधता, मौसम, ऊर्जा, जेनेटिक्स. कुछ भी हो. यहां होने वाले बदलाव, उनसे होने वाले असर. इंसानों की वजह से बदल रहा मौसम या बदला लेती धरती. या बेवजह की बाढ़ या ग्लेशियर के टूटने से आई आपदा. हर खबर पर पैनी नजर. आपको मिलेगी यहां साइंस की स्टोरी, एनालिसिस, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
Cyclone Murasu Live Updates: चक्रवात मुरासु गंभीर चक्रवाती तूफान बन चुका है. यह बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के नेल्लोर-नरसापुर तट पर ओंगोल के पास लैंडफॉल की आशंका है. हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा रहेगी.
दिल्ली का AQI सोमवार को 349 पहुंचकर बहुत खराब श्रेणी में आ गया. दो दिन हुई बारिश की राहत अब खत्म हो चुकी है. पराली जलाने से और शांत हवा से प्रदूषण बढ़ा है. अगले दिनों स्मॉग और बढ़ने की आशंका है.
वेस्ट पाम बीच के पास लियरजेट 60 हादसे में तेजी से बढ़ते तूफान, बर्फ जमने और हवा के झटकों का हाथ हो सकता है. पायलटों ने रास्ता बदला था. जांच चल रही है. मौसम बड़ा कारण लगता है.
चीन ने 2030 से पहले चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजने की विस्तृत योजना बताई. दो रॉकेट से लैंडर और तीन ताइकोनॉट जाएंगे. तीन दिन रुककर रोज स्पेसवॉक करेंगे. टेस्ट जारी हैं.
रूस के रासवेत उपग्रह समूह का दूसरा उपग्रह वायुमंडल में जल गया. जुलाई में लॉन्च हुआ रासवेत-3 नंबर 17 अक्टूबर 30 को गिर गया. स्टारलिंक का विकल्प बनाने की कोशिश में रूस को फिर चुनौती मिली है.
बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन तेज होकर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ बन गया है. यह 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचेगा. नाम भारत द्वारा सुझाया गया है. भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी है.
नासा का स्विफ्ट ऑब्जरवेटरी 22 साल काम करने के बाद वायुमंडल में प्रवेश करने वाला है. इसे बचाने वाला मिशन फेल हो गया. 6 नवंबर के आसपास यह पृथ्वी में गिरेगा. अधिकांश हिस्सा जल जाएगा, जबकि इसका वैज्ञानिक आंकड़ा वर्षों तक उपयोगी रहेगा.
बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया गहरा हो रहा है. यह जल्द डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान बन सकता है. 2 नवंबर शाम तक आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंचने की संभावना है.
ISRO ने NVS-03 सैटेलाइट का सफलापूर्वक लॉन्च कर दिया है. श्रीहरिकोटा से GSLV-F18 रॉकेट से सैटेलाइट ने रात 11.31 बजे उड़ान भरी. ये सैटेलाइट भारत के अपने नेविगेशन सिस्टम को मजबूत करेगा.
भारत अपने नेविगेशन सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाने जा रहा है. ISRO का GSLV-F18 रॉकेट NVS-03 सैटेलाइट लेकर उड़ान भरेगा. इससे NavIC की सेवाएं बेहतर होंगी और GPS पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है. अंडमान सागर का लो-प्रेशर एरिय डिप्रेशन बन सकता है. तटीय आंध्र प्रदेश में 2-3 नवंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है.
अक्टूबर में ही मौसम ने दिसंबर वाली ठंड का एहसास करा दिया है. दिल्ली में चार साल का सबसे ठंडा दिन दर्ज हुआ, तो पहाड़ों पर बर्फबारी और देश के कई राज्यों में बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है.
भूटान की शिंताफू झील फटने की चेतावनी 5 साल पहले ही वैज्ञानिकों ने दे दी थी. इसकी वजह से संकोश नदी में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. अलीपुरद्वार में 10 हजार लोग शिफ्ट किए गए है. NDRF-SDRF तैनात है.
भूटान के पुनाखा में मो छू नदी में आए फ्लैश फ्लड से एक सोलर इरिगेशन लिफ्टिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचा है. इसके चलते सोलर प्रोजेक्ट ने काम करना बंद कर दिया है.
चक्रवात अर्नब की बारिश ने ओडिशा के गंजम जिले में मुश्किलें बढ़ा दी हैं. करीब 300 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं. लोगों को निकालने के लिए एयरलिफ्ट की तैयारी है, लेकिन खराब मौसम बचाव अभियान में रुकावट बन सकता है.
हिमालय में होटल, घर और सड़कें तेजी से बन रही हैं, लेकिन इन इलाकों में बाढ़ और ग्लेशियर झीलों के फटने का खतरा भी बढ़ रहा है. नई स्टडी ने चेतावनी दी है कि करीब 3 लाख लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं.
Cyclone Arnab Live Updates: प्रचंड चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र तट पर लैंडफॉल कर चुका है. 125-150 किमी/घंटा हवाएं चल रही हैं. कई जगहों पर बाढ़ और भारी बारिश हो रही है. 84 हजार लोग शिफ्ट किए गए हैं. रेस्क्यू शेल्टर तैयार है.
एक तितली, जिसके पंखों पर बनी हैं उल्लू जैसी बड़ी-बड़ी आंखें. ये निशान सिर्फ देखने में अलग नहीं हैं, बल्कि शिकारियों को भ्रमित करने में भी मदद कर सकते हैं. जानिए, प्रकृति की इस अनोखी तितली के पंखों का क्या है राज.
चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र तट पर लैंडफॉल कर कमजोर हो गया. अब यह डीप डिप्रेशन के रूप में उत्तर की ओर बढ़ रहा है. इसके असर से दिल्ली-NCR में बारिश और सिक्किम में बर्फबारी हुई. आंध्र में 5 मौतें हुईं. अगले दिनों में पूर्वी-उत्तरी भारत में बारिश संभव है.
तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद जमीन पर टूटने के निशान मिले हैं. वैज्ञानिकों ने जांच में 3.5 मीटर तक ऊंचाई में बदलाव, जमीन में दरारें और रेत में पानी भरने के संकेत पाए हैं.
समुद्र की ऊंची लहरें, तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश… साइक्लोन अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है. कहीं सड़कें टूट गईं, तो कहीं समुद्र की लहरों ने किनारे की जमीन को काट दिया. तस्वीरों में तूफान की तबाही का हाल देखिए.