पृथ्वी के वायुमंडल के नीचे और उसके ऊपर होने वाली सभी प्राकृतिक और मानवनिर्मित घटनाओं की वैज्ञानिक खबरें. अंतरिक्ष, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य संबंधी रिसर्च, नदी, ग्लेशियर, पहाड़, पर्यावरण, वन्य जीव, जैव विविधता, मौसम, ऊर्जा, जेनेटिक्स. कुछ भी हो. यहां होने वाले बदलाव, उनसे होने वाले असर. इंसानों की वजह से बदल रहा मौसम या बदला लेती धरती. या बेवजह की बाढ़ या ग्लेशियर के टूटने से आई आपदा. हर खबर पर पैनी नजर. आपको मिलेगी यहां साइंस की स्टोरी, एनालिसिस, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
ऑस्ट्रेलिया के हीर्ड द्वीप पर घातक H5N1 बर्ड फ्लू ने 13000 से अधिक एलिफैंट सील के बच्चों को मार डाला है. यह वहां की 75% आबादी है, जिससे पूरे समुद्री ईकोसिस्टम पर खतरा मंडरा रहा है.
दुबई, मुंबई, शेनझेन, लागोस, मेक्सिको सिटी और सिएटल शहरों की 'नब्ज' का पता चला है. जैसे किसी जीवित प्राणी की. स्टडी करने वालों ने इस नब्ज को कभी तेज और कभी धीमा पाया.
एशिया 1991-2025 में दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है. 2025 दूसरा सबसे गर्म वर्ष रहा. भीषण गर्मी, बाढ़, सूखा और पिघलते ग्लेशियर ने एशिया को जलवायु संकट की फ्रंटलाइन पर खड़ा कर दिया है.
चीन की मिलिट्री यूनिवर्सिटी ने 0.3 ग्राम का मच्छर जैसा ड्रोन बनाया है. यह बिना रडार की पकड़ में आए इमारतों में घुसकर जासूसी कर सकता है. लोग इसकी वजह से प्राइवेसी और निगरानी को लेकर चिंतित हैं.
इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में मंगलवार को 6.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिससे पालू शहर में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं. अस्पतालों से मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. प्रशासन ने आफ्टरशॉक्स की चेतावनी दी है.
कच्छ के एक गांव में कुछ लोग सोने की तलाश में थे. वो एक जगह पर सोना खोज रहे थे, तभी उन्हें हड़प्पा सभ्यता के बेशकीमती अवशेष मिले. जब उन्होंने यह बात पुरातत्वविदों को बताई तो वो भी हैरान रह गए. लेकिन यहां से कई शानदार चीजें मिली हैं.
2026 में इतिहास का सबसे शक्तिशाली अल नीनो आ चुका है. इसके कारण भारत सहित कई देशों में भीषण सूखा, हीटवेव और अफ्रीका में भारी बाढ़ आएगी, जिससे वैश्विक खाद्य कीमतें बढ़ेंगी. बेतरतीब मौसम होगा. डरावनी गर्मी होगी.
दक्षिणी कैलिफोर्निया की सैन एंड्रियास-सैन जैसिंटो फॉल्ट लाइनों पर दबाव 1000 सालों के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया है. दोनों फॉल्ट्स मिलकर एक महाभूकंप ला सकते हैं, जिससे भारी तबाही की आशंका है.
अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों के अनुसार अल-नीनो 2026-27 के दौरान वैश्विक मौसम को प्रभावित कर सकता है. भारत में कम बारिश और ज़्यादा गर्मी की आशंका है, जबकि कई क्षेत्रों में बाढ़ का जोखिम बढ़ सकता है. जानिए इसके संभावित असर.
भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अचानक बेहद कमजोर हो गया है, जिससे देश में 64% बारिश की कमी दर्ज की गई है. ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी हवाओं के दबाव के कारण यह 'मॉनसून पॉज' आया है.
ग्लोबल वार्मिंग के बीच ग्रीनलैंड के पास महासागर का एक हिस्सा तेजी से ठंडा हो रहा है. यानी समंदर का इंजन के कमजोर हो रहा है, जिससे भविष्य में मॉनसून ठप होने और यूरोप में हिमयुग का खतरा है.
मौसम की एजेंसियों ने 2026 में अल-नीनो के आने की पुष्टि की है, जिससे भारत में मॉनसून सामान्य से 10% कम रहने की आशंका है. इसलिए जुलाई-अगस्त में मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में सूखा रह सकता है.
प्रशांत महासागर में मौसम का महादानव अल-नीनो शुरू हो गया है. लेकिन अगस्त-सितंबर में पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल बनने की संभावना है, जो अल-नीनो को कमजोर कर, भारत में अच्छे मॉनसून की उम्मीद जगाता है.
पाकिस्तान में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण दिल्ली-NCR में अचानक धूल भरा तूफान, बिजली चमकने और बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने 'रेड अलर्ट' जारी कर सावधानी बरतने की सलाह दी है.
गॉडजिला एल नीनो के कारण जुलाई से सितंबर के बीच गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र सहित भारत के पश्चिमी हिस्सों में सूखे का भारी खतरा है. देश में गंभीर जल संकट और कृषि को नुकसान हो सकता है.
चीनी वैज्ञानिकों ने हिंद महासागर में 53 लाख साल पुराना दुनिया का सबसे बड़ा 'व्हेल कब्रिस्तान' खोजा है. ये कंकाल गहरे समुद्र के दुर्लभ जीवों के लिए भोजन और विकास का इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं.
वैज्ञानिकों ने पहली बार इंसानी आंख में 'ER-100' दवा इंजेक्ट कर बुढ़ापा हटाने का ऐतिहासिक ट्रायल शुरू किया है. इससे इंसानी उम्र के बढ़ने के असर को रोका जा सकेगा. बुढ़ापे को पलटा जा सकेगा.
जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में हीटवेव की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. पिछले 13 वर्षों में हीटवेव वाले दिन दोगुने हो गए हैं. 2013 में 100 दिन थे, जो अब 200 दिनों तक पहुंच गए हैं.
IMD उत्तर-पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश का अलर्ट जारी किया है. 11 और 12 जून को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (50-60 kmph) और ओला गिरने की संभावना है.
फिलीपींस में 7.8 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई. 41 लोगों की मौत हो गई. 500 से ज्यादा घायल हुए. 2500 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. भूकंप के बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है.
दक्षिणी फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप में 41 लोगों की मौत हो गई और 450 से अधिक घायल हैं. मलबे के कारण कई इलाके कट गए हैं. सुनामी लहरों का वीडियो वायरल हो रहा है.