पृथ्वी के वायुमंडल के नीचे और उसके ऊपर होने वाली सभी प्राकृतिक और मानवनिर्मित घटनाओं की वैज्ञानिक खबरें. अंतरिक्ष, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य संबंधी रिसर्च, नदी, ग्लेशियर, पहाड़, पर्यावरण, वन्य जीव, जैव विविधता, मौसम, ऊर्जा, जेनेटिक्स. कुछ भी हो. यहां होने वाले बदलाव, उनसे होने वाले असर. इंसानों की वजह से बदल रहा मौसम या बदला लेती धरती. या बेवजह की बाढ़ या ग्लेशियर के टूटने से आई आपदा. हर खबर पर पैनी नजर. आपको मिलेगी यहां साइंस की स्टोरी, एनालिसिस, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
आर्कटिक की ठंडी हवा से नियाग्रा फॉल्स जम गया है. बर्फ की मोटी परत ने झरने के किनारे, चट्टानें और धुंध को ढक लिया, लेकिन नीचे पानी तेजी से बह रहा है. तापमान -20°C से नीचे, विंड चिल -55°C तक पहुंच गया है. यह दुर्लभ नजारा देखने हजारों पर्यटक अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं. प्रकृति का खूबसूरत लेकिन एक्सट्रीम विंटर दृश्य दिख रहा है.
पूर्वी डीआर कांगो की रुबाया कोल्टन खदान में भारी बारिश से भूस्खलन आया, जिसमें 200 से ज्यादा लोग मारे गए. एम23 मिलिशिया के कब्जे वाली यह खदान दुनिया की 15 से 30 फीसदी कोल्टन सप्लाई करती है. जिसका इस्तेमाल स्मार्टफोन और लैपटॉप बनाने में होता है. मौतें बढ़ सकती हैं, बचाव कार्य जारी है.
यूनियन बजट 2026-27 में चार प्रमुख टेलीस्कोप सुविधाओं का ऐलान किया गया है- ये हैं नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप (NLST) पैंगोंग झील पर, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड टेलीस्कोप (NLOT), हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप (HCT) का अपग्रेड और अमरावती में COSMOS-2 प्लैनेटेरियम. लद्दाख की साफ आसमान का फायदा उठाकर भारत एस्ट्रोनॉमी में विश्व स्तर पर मजबूत होगा.
जापान के होक्काइडो में भयंकर बर्फीले तूफान से सड़कें बंद हो गई हैं. न्यू चितोसे एयरपोर्ट पर दर्जनों फ्लाइट्स कैंसल हुई. 7000 यात्री रातभर फंसे रहे. अमोरी शहर में जनवरी में 167 सेमी बर्फ गिरी. 81 साल का रिकॉर्ड टूटा है. सी ऑफ जापान इफेक्ट और ग्लोबल वार्मिंग से भारी बर्फबारी बढ़ी है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए इम्पोर्ट होने वाले सामानों पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी छूट को 2035 तक बढ़ा दिया है. सभी प्लांट्स (बड़े-छोटे, SMR सहित) पर लागू होगा. इससे प्रोजेक्ट लागत 5-10% कम होगी. निवेश बढ़ेगा. जॉब्स आएंगे और क्लीन एनर्जी लक्ष्य (2047 तक 100 GW) तेजी से पूरा होगा.
रूसी जासूसी उपग्रह 'लुच' 30 जनवरी 2026 को ग्रेवयार्ड ऑर्बिट में टूटकर बिखर गया. 2014 में लॉन्च हुआ यह सैटेलाइट GEO में अन्य उपग्रहों की जासूसी करता था. स्विस कंपनी s2A Systems ने इसके टूटने का वीडियो जारी किया. अंतरिक्ष विशेषज्ञ जोनाथन मैक्डॉवेल का मानना है कि स्पेस डेब्री से टक्कर हुई है. इससे GEO क्षेत्र में कचरे का खतरा बढ़ा है.
हिमालय में ग्लेशियल झीलों की संख्या बढ़ रही है. यानी केदारनाथ और चमोली जैसे हादसों की आशंका भी. IIT रुड़की के वैज्ञानिकों स्टडी की है, जिसमें पता चला है कि हिमालय में 2022 तक 31,698 ग्लेशियल झीलें थीं. जो 2016 से 2024 तक 5.5 फीसदी बढ़ गई हैं. ग्लेशियल झीलों के फटने से 93 लाख लोग खतरे में हैं.
WMO के अनुसार जनवरी 2026 चरम गर्मी, ठंड, बर्फबारी और बारिश का महीना रहा. रूस में 140 साल की रिकॉर्ड बर्फबारी हुई. कामचटका में 2 मीटर+ बर्फ गिरी. भारत में देरी से बर्फबारी लेकिन अब पहाड़ ढके हुए हैं. ऑस्ट्रेलिया-चिली में हीटवेव और जंगल की आग लगी हुई है. मोजाम्बिक में बाढ़ से लाखों प्रभावित हैं. जलवायु परिवर्तन से ऐसी आपदाएं बढ़ रही हैं.
नासा का आर्टेमिस-II मिशन फरवरी 2026 में लॉन्च होगा. चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन स्पेसक्राफ्ट में SLS रॉकेट से चंद्रमा के पास जाएंगे. वे फिगर-8 फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी से उड़ान भरेंगे. चंद्रमा के फार साइड से गुजरेंगे लेकिन लैंडिंग नहीं करेंगे. मिशन 10 दिन का है जो सुरक्षा टेस्ट और आर्टेमिस-III (चंद्रमा लैंडिंग) की तैयारी है.
निपाह वायरस के दो मामले पश्चिम बंगाल में मिले हैं. दोनों एक अस्पताल में काम करने वाले 25 वर्षीय नर्स हैं. पुरुष मरीज रिकवर कर रहा है. महिला क्रिटिकल हैं. 196 कॉन्टैक्ट्स की जांच की गई है. कोई नया केस नहीं मिला है अभी तक. मौत का रेट 40-75% है लेकिन अभी तक कोई कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है. एशियाई देशों ने एयरपोर्ट स्क्रीनिंग बढ़ाई गई है.
लद्दाख के हानले में 19-20 जनवरी की रात आसमान लाल हो गया. ये सौर तूफान की वजह से हुआ. यह भारत के सैटेलाइट्स, पावर ग्रिड, GPS और डिजिटल सिस्टम के लिए खतरा है। Aditya-L1 से चेतावनी मिल सकती है, लेकिन तैयारी जरूरी है. इसे इग्नोर नहीं किया जा सकता.
Ladakh Hanle में दिखा red sky और aurora, वजह बना powerful solar storm. Experts के मुताबिक इससे satellites, GPS, power grid और digital systems को खतरा. जानें Aditya-L1 की चेतावनी और India पर असर.
प्रलय की घड़ी यानी डूम्सडे क्लॉक अब मिडनाइट से सिर्फ 85 सेकंड पहले सेट की गई है – इतिहास में सबसे करीब. वैज्ञानिकों ने रूस, चीन, अमेरिका की आक्रामकता, यूक्रेन-मिडिल ईस्ट युद्ध, न्यूक्लियर संधियों का टूटना, AI के खतरे, डिसइंफॉर्मेशन और जलवायु परिवर्तन को मुख्य वजह बताया है. वैश्विक लीडरशिप की कमी से खतरा बढ़ रहा है. न्यूक्लियर युद्ध का जोखिम ज्यादा है.
सिसिली के निस्केमी शहर में तूफान 'हैरी' की भारी बारिश से 4 km लंबी चट्टान ढह गई. इससे सैकड़ों घर पहाड़ी के किनारे लटक गए. 1500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. कोई मौत नहीं हुई, लेकिन स्थिति गंभीर है. स्कूल बंद हैं. इटली सरकार ने इमरजेंसी घोषित की है और राहत कार्य शुरू किए हैं.
प्लेन क्रैश में मौतें ज्यादा होती हैं लेकिन हेलिकॉप्टर क्रैश खतरनाक होते हैं. अजित पवार और विजय रूपाणी ने प्लेन क्रैश में अपनी जान गंवाई. सीडीएस विपिन रावत और वाईएस राजशेखर रेड्डी ने हेलिकॉप्टर क्रैश में. पिछले 5 सालों में प्लेन क्रैश से करीब 1000+ मौतें हुई हैं. हेलिकॉप्टर से 100-200 लोग मारे गए हैं. लेकिन प्रति फ्लाइट घंटे या सेक्टर के हिसाब से हेलिकॉप्टर क्रैश 5-8 गुना ज्यादा घातक हैं.
ग्रीनलैंड की बर्फ के नीचे अमेरिका का टॉप सीक्रेट बेस कैम्प सेंचुरी 1959 में बनाया गया था. यह प्रोजेक्ट आइसवर्म का कवर था, जिसमें बर्फ के नीचे 600 न्यूक्लियर मिसाइलें छिपाने की योजना थी. 1967 में बेस छोड़ दिया गया. जहरीला कचरा यानी डीजल, रेडियोएक्टिव पदार्थ और PCB वहीं छोड़ दिया गया. अब जलवायु परिवर्तन से बर्फ पिघल रही है, जिससे कचरे के बाहर आने का खतरा है.
केंटकी के टीजे हूवर द्वितीय को 2021 में ब्रेन डेड घोषित किया गया. ऑर्गन निकालने की सर्जरी के दौरान वह अचानक हिलने-डुलने और रोने लगा. सर्जरी रुक गई और वह जीवित बच गया, हालांकि न्यूरोलॉजिकल नुकसान पहुंचा है. यह दुर्लभ घटना मौत की परिभाषा, ब्रेन डेथ टेस्ट और ऑर्गन डोनेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
अमेरिका, रूस, यूरोप में जनवरी आफत वाली सर्दी ला रही है. उत्तरी ध्रुव पर बनने वाले पोलर वॉर्टेक्स की वजह से ये हो रहा है. जेट स्ट्रीम भी बिगड़ी हुई है, जिससे बर्फबारी को मदद मिल रही है. आर्कटिक हवा नीचे आ रही है. मैक्सिको की खाड़ी से नमी मिल रही है. इसलिए बर्फीली बारिश भी हो रही है.
भारत 2029 तक 52 एडवांस्ड सैन्य निगरानी उपग्रह लॉन्च करेगा, जिसकी लागत 26,000 करोड़ रुपये है. इनमें इन्फ्रारेड सेंसर से रात में भी इमेजिंग होगी. ISRO 21 और प्राइवेट सेक्टर 31 उपग्रह बनाएंगे. दिन-रात, हर मौसम में सीमा और समुद्री निगरानी मजबूत होगी. पहला उपग्रह अप्रैल 2026 में लॉन्च हो सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करें या न करें. लेकिन बर्फ से भरी ये जमीन खुद-ब-खुद अमेरिका-कनाडा की तरफ जा रहा है. यानी हर साल लगभग 2 सेंटीमीटर साइड में उत्तर-पश्चिम की तरफ खिसक रहा है. साथ ही सिकुड़ भी रहा है. बर्फ पिघलने से बेडरॉक पर दबाव कम हो रहा है, जिससे वहां की धरती बदल रही है.
हिमालय में जलवायु संकट गहरा रहा है. सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि इस सर्दी में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जंगलों में आग की घटनाएं बहुत बढ़ गई हैं. पिछले साल की तुलना में हजारों ज्यादा आग लगीं, क्योंकि बर्फबारी और बारिश लगभग नहीं हुई. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह बदलते मौसम का पैटर्न है.