पृथ्वी के वायुमंडल के नीचे और उसके ऊपर होने वाली सभी प्राकृतिक और मानवनिर्मित घटनाओं की वैज्ञानिक खबरें. अंतरिक्ष, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य संबंधी रिसर्च, नदी, ग्लेशियर, पहाड़, पर्यावरण, वन्य जीव, जैव विविधता, मौसम, ऊर्जा, जेनेटिक्स. कुछ भी हो. यहां होने वाले बदलाव, उनसे होने वाले असर. इंसानों की वजह से बदल रहा मौसम या बदला लेती धरती. या बेवजह की बाढ़ या ग्लेशियर के टूटने से आई आपदा. हर खबर पर पैनी नजर. आपको मिलेगी यहां साइंस की स्टोरी, एनालिसिस, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
मॉनसून एक्टिव है. अब भी डिप्रेशन बना हुआ है. पूर्वी भारत में ये सक्रिय हो रहा है. अगले कुछ दिनों में बारिश में कोई बड़ा ब्रेक नहीं आएगा. पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा की संभावना है.
एथेंस के पास जंगल की आग बुझा रहे दो हेलिकॉप्टर हवा में टकराए. एक पायलट की मौत हो गई है. तेज हवाओं से आग फैल रही है, लोगों की निकासी जारी है.
प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा और उनकी टीम ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में फंस गई थी. जिसकी अंतिम तस्वीर बेस कैंप से ली गई थी. पुर्जा की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है. उनका शव मिल चुका है.
ऑक्टोपस की पकड़ इतनी मजबूत क्यों होती है कि उसे छुड़ाना मुश्किल हो जाता है? जानिए इंसानों से चिपकने की वजह क्या है और ऐसे समय में क्या करना चाहिए.
समुद्र में ऑक्टोपस के इंसान से चिपकने का वीडियो वायरल है. जानिए ऑक्टोपस की पकड़ इतनी मजबूत क्यों होती है, वह इंसानों से क्यों चिपकता है और ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं. दुनिया में ऑक्टोपस की 300 से ज़्यादा प्रजातियां हैं. ये अपनी बुद्धिमत्ता, रंग बदलने की क्षमता और खतरे के समय स्याही छोड़कर बच निकलने की खासियत के लिए जाना जाता है.
प्रसिद्ध नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर एवलांच में मारे गए. वे दस सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे थे. यह पर्वतारोहण जगत के लिए बड़ा नुकसान है.
जापान में आए एक भूकंप का असर कार से लेकर चिप बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों पर पड़ा. आखिर धरती के झटकों ने ग्लोबल सप्लाई चेन को कैसे प्रभावित कर दिया?
गुजरात में बारिश सिर्फ बढ़ नहीं रही, बल्कि खतरा भी बढ़ा रही है. रेड अलर्ट के बीच जानिए आखिर कौन सा मौसम सिस्टम इसकी वजह बना और अगले 48 घंटे क्यों माने जा रहे हैं सबसे अहम.
जुलाई में मॉनसून ने बाजी पलटी, अब अगस्त में क्या होगा? IMD ने सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है. अल-नीनो का असर जारी रहेगा, जबकि IOD मॉनसून के लिए राहत ला सकती है.
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है. इसमें फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और एनर्जी स्टोरेज पर 5070 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 5000 मेगावाट क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन यानी एवलांच के बाद विश्वविख्यात पर्वतारोही निर्मल पुर्जा सहित 10 पर्वतारोही लापता हैं. चार लोगों के शव मिले हैं. पुर्जा ने 2019 में 14 आठ-हजारी चोटियों को 6 माह में फतह किया था.
जंगलों की आग सिर्फ गर्मी की वजह से नहीं बढ़ रही. नई स्टडी बताती है कि क्लाइमेट चेंज ने स्पेन और फ्रांस में आग फैलाने वाले मौसम को पहले से ज्यादा खतरनाक बना दिया है.
यहां जिस नीले झींगा मछली की फोटो आप देख रहे हैं. वो 10 करोड़ में एक बार दिखती है. बेहद दुर्लभ कॉटन कैंडी लॉब्स्टर. इसे हाल ही में एक मछुआरे ने अमेरिका के न्यू हैंपशायर तट के पास पकड़ा. जांच करने पर पता चला कि ये तो लगभग न दिखने वाले जीवों में से एक है.
बारिश की हर नई बौछार के साथ खतरा बढ़ता जा रहा है. असम में बाढ़ ने हजारों घरों को घेर लिया है, जबकि जम्मू-कश्मीर और नागालैंड में लैंडस्लाइड लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है.
एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, दूसरी तरफ बेकाबू जंगल की आग. फ्रांस और स्पेन में फैली लपटों ने 2.20 लाख लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया. वैज्ञानिक इसे बदलते मौसम का गंभीर संकेत मान रहे हैं.
दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट फिर उड़ा. 20 स्टारलिंक सैटेलाइट अंतरिक्ष में पहुंचे और कई बड़े टेस्ट भी पूरे हुए. स्टारशिप की यह उड़ान फ्यूचर के मून-मार्स मिशनों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
भीषण गर्मी ने जंगलों की आग को ऐसा बढ़ाया कि स्पेन को इतिहास में पहली बार नेशनल इमरजेंसी घोषित करना पड़ा. हालात इतने गंभीर हैं कि फ्रांस में भी हजारों लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा.
लगातार बरसते बादल, पानी में डूबती सड़कें और राहत-बचाव में जुटी टीमें. गुजरात में आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ घंटों की बारिश ने पूरे इलाके की रफ्तार थाम दी?
पानी लगातार घट रहा है. अमेरिका के दो सबसे बड़े जलाशयों की हालत ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है. सवाल सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि बिजली, खेती और करोड़ों लोगों की सप्लाई तक का भी है.
हीटवेव के बाद अब जंगल की आग नई चुनौती बनकर सामने आई है. तेजी से फैलती लपटों ने हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर कर दिया.
मॉनसून ने गुजरात में कहर बरपाया, 14 घंटे में 400-450 मिमी बारिश से बाढ़ आई. वैज्ञानिकों ने अल-नीनो का हौवा खड़ा किया लेकिन नेगेटिव पीडीओ को अंडरएस्टीमेट किया, जिसने मॉनसून को मजबूत बनाया.