तापमान
तापमान (Temperature) एक भौतिक फेनोमेनन है जो गर्म और ठंडे को व्यक्त करता है. यह सभी पदार्थों में मौजूद तापीय ऊर्जा की अभिव्यक्ति है, जो गर्मी की घटना का स्रोत है. ऊर्जा का प्रवाह, जब एक शरीर दूसरे के संपर्क में होता है जो ठंडा या गर्म हो सकता है.
देश के कई हिस्सों में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अगले एक हफ्ते तक पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों और तटीय राज्यों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
UP Monsoon Update: यूपी में मानसून के सक्रिय होने की पूरी संभावना है. मौसम विभाग ने 21 जुलाई तक कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है.
Himachal Weather: मौसम विभाग ने चंबा, शिमला, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू सहित कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 19 से 22 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में बारिश की संभावना है, जिससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना हुआ है.
न्यूयॉर्क में न आग लगी, न जंगल जले... फिर भी लोग धुएं से परेशान हैं. वजह है कनाडा के जंगलों में लगी भीषण आग, जिसका असर अब हजारों किलोमीटर दूर दिख रहा है.
Delhi-NCR Weather Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह-सुबह आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर हल्की बारिश भी हुई है. मौसम में बदलाव से गर्मी और उमस से राहत मिली है. IMD के मुताबिक, 17 जुलाई को आंशिक बादल छाए रहने के साथ मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है.
राजधानी दिल्ली में मॉनसून के बीच भी गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है. गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले करीब दो साल में जुलाई का सबसे अधिक तापमान है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है.
IMD Weather Forecast: मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 जुलाई के बाद मॉनसून की ट्रफ दक्षिण की ओर खिसकने से उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में फिर मॉनसून की बारिश हो सकती है. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी और हरियाणा तक लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है.
मॉनसून की रफ्तार एक बार फिर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
फ्रांस में तीन न्यूक्लियर रिएक्टर बंद करने पड़े. वजह थी बढ़ती गर्मी और नदियों का बढ़ता तापमान. अब सवाल है कि क्या भारत के परमाणु बिजलीघरों के सामने भी कभी ऐसी स्थिति आ सकती है?
मौसम वैज्ञानिकों ने कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में 17 से 20 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. IMD के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में उमस भरा मौसम रहेगा.
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठे घने बादलों का एक बड़ा व्हाइट जोन भारत की ओर बढ़ रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह मॉनसून की नमी से भरा हुआ है और उत्तर, मध्य तथा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश ला सकता है.
UP Weather: उत्तर प्रदेश में 17 से 19 जुलाई के बीच मॉनसून की गतिविधियां तेज होंगी. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. पूर्वी और पश्चिमी यूपी के जिलों में वीकेंड पर बादल छाए रहेंगे और बारिश के साथ गर्मी से राहत मिलेगी
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कुमेय नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जिससे सीमावर्ती शहर पारसी-पारलो सर्कल जलमग्न है. लगातार बारिश के कारण स्कूलों,दफ्तरों और घरों में पानी भर गया है. इलाके की कई कॉलोनियों और गांवों की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं. भूस्खलन और कटाव ने सड़कों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है.
यूरोप में आई हीटवेव को लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ा दावा किया है. क्लाइमेट चेंज ने गर्मी इतनी बढ़ा दी कि करीब 1500 लोगों की मौत इससे जुड़ी पाई गई.
Monsoon 2026: जुलाई का महीना चल रहा है, लेकिन भारत के कई हिस्सों में मॉनसून की बारिश अब भी नाकाफी है. एक्टिव मॉनसून सिस्टम के बावजूद नॉर्थ इंडिया के ज्यादातर इलाकों में बादल नजर नहीं आ रहे हैं. जबकि पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हैं. राजस्थान में धूल भरी आंधी की संभावना है, जबकि दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्य रहेगा.
मॉनसून ब्रेक की स्थिति बनने से अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश में कमी के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में तापमान बढ़ सकता है.
Monsoon Havoc: मौसम विभाग के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में मॉनसून ने भारी कहर बरपाया है. बीते दिन, गुरुवार को तेज बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और पानी भरने की घटनाओं में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. सड़कें पानी में डूब गईं, पेड़ उखड़ गए और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया.
दुनिया 2035 में नहीं पहुंची है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है उस समय के मौसम की डरावनी झलक अभी दिख रही है. आने वाले महीनों में कई देशों में रिकॉर्ड गर्मी, सूखा, बाढ़ और जंगलों में आग जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं.
Himachal Pradesh Rain: हिमाचल प्रदेश में भारी मॉनसून की बारिश के कारण 75 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है. बिजली वितरण ट्रांसफार्मर और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. मौसम विभाग ने शिमला, सिरमौर, सोलन सहित कई जिलों में 10 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना जताई है.