तापमान
तापमान (Temperature) एक भौतिक फेनोमेनन है जो गर्म और ठंडे को व्यक्त करता है. यह सभी पदार्थों में मौजूद तापीय ऊर्जा की अभिव्यक्ति है, जो गर्मी की घटना का स्रोत है. ऊर्जा का प्रवाह, जब एक शरीर दूसरे के संपर्क में होता है जो ठंडा या गर्म हो सकता है.
Kal Ka Mausam : कल 2 अगस्त को यूपी के सभी 75 जिलों में मौसम का बदला हुआ रूप देखने को मिलेगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) लखनऊ के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून फिर सक्रिय हो रहा है.
जुलाई में मॉनसून ने बाजी पलटी, अब अगस्त में क्या होगा? IMD ने सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है. अल-नीनो का असर जारी रहेगा, जबकि IOD मॉनसून के लिए राहत ला सकती है.
कल का मौसम (1 अगस्त): यूपी के अधिकांश जिलों में IMD के अनुसार 1 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है. हालांकि राहत की बात यह है कि किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है. मौसम विभाग ने वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है.
जंगलों की आग सिर्फ गर्मी की वजह से नहीं बढ़ रही. नई स्टडी बताती है कि क्लाइमेट चेंज ने स्पेन और फ्रांस में आग फैलाने वाले मौसम को पहले से ज्यादा खतरनाक बना दिया है.
यूपी में 31 जुलाई को भी मानसून सक्रिय रहेगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कहीं-कहीं इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. हालांकि आज किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है. किसानों और आम लोगों को जलभराव, फिसलन और आकाशीय बिजली से सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
UP Weather Tomorrow, 31 July 2026: यूपी में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी जरूर पड़ी है, लेकिन कई जिलों में शुक्रवार (31 जुलाई) को बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां पूर्वी यूपी की तुलना में अधिक सक्रिय रहेंगी. 31 जुलाई के लिए किसी भी हिस्से में येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं की गई है.
यूपी में भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अगस्त के पहले सप्ताह से मानसून फिर सक्रिय होगा और यूपी के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. 1 जून से 29 जुलाई तक सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि,पूर्वी यूपी में सबसे ज्यादा बारिश की कमी दर्ज की गई है.
UP Weather Today: यूपी में 30 जुलाई को मानसून सक्रिय रहेगा. मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत और बिजनौर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. आईएमडी ने जलभराव, बिजली गिरने और खराब दृश्यता को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है.
यूपी में 30 जुलाई को मानसून सक्रिय रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी, मध्य और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, नोएडा समेत कई शहरों में बारिश का असर देखने को मिलेगा. लोगों को आकाशीय बिजली, जलभराव और तेज बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
UP Rain Today: उत्तर प्रदेश में आज मानसून का असर तेज रहेगा. आईएमडी ने ललितपुर में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत, रामपुर, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बांदा, चित्रकूट, झांसी, महोबा और हमीरपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा 42 जिलों में गरज-चमक का खतरा भी बना हुआ है.
एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, दूसरी तरफ बेकाबू जंगल की आग. फ्रांस और स्पेन में फैली लपटों ने 2.20 लाख लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया. वैज्ञानिक इसे बदलते मौसम का गंभीर संकेत मान रहे हैं.
भीषण गर्मी ने जंगलों की आग को ऐसा बढ़ाया कि स्पेन को इतिहास में पहली बार नेशनल इमरजेंसी घोषित करना पड़ा. हालात इतने गंभीर हैं कि फ्रांस में भी हजारों लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा.
पानी लगातार घट रहा है. अमेरिका के दो सबसे बड़े जलाशयों की हालत ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है. सवाल सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि बिजली, खेती और करोड़ों लोगों की सप्लाई तक का भी है.
हीटवेव के बाद अब जंगल की आग नई चुनौती बनकर सामने आई है. तेजी से फैलती लपटों ने हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर कर दिया.
सिर्फ 16 दिनों में 20 हजार से ज्यादा मौतें. फ्रांस से आए नए आंकड़ों ने दिखा दिया कि हीटवेव अब सिर्फ बढ़ता तापमान नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जान लेने वाला बड़ा क्लाइमेट क्राइसिस बन चुकी है.
पूरे देश में मॉनसूनी बादल दिख रहे हैं. बारिश भी हो रही है. लेकिन दिल्ली सूखी है. मध्य भारत में मॉनसून की स्थिति और पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी में बारिश नहीं हो रही.
इसरो की सैटेलाइट तस्वीरों में बंगाल की खाड़ी से अरब सागर तक फैला पूरा मॉनसूनी सिस्टम दिखा है, जिसने कई राज्यों में फिर से बारिश की रफ्तार बढ़ा दी.
23 जुलाई को पिछले दिनों की तुलना में मानसूनी गतिविधियां उत्तर प्रदेश में कमजोर रहने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि 26 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय हो सकता है.
जापान में बढ़ती गर्मी ने मौसम विभाग की शब्दावली बदल दी है. 40°C पार करने वाले दिनों के लिए अब नई 'ब्रूटली हॉट डे' कैटेगरी बनाई गई है, जो लगातार बढ़ते तापमान की गंभीरता को दिखाती है.
देश के कई हिस्सों में जहां जुलाई की गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं लद्दाख के वारी ला पास पर ताजा बर्फबारी ने सबका ध्यान खींच लिया. आखिर गर्मियों के बीच यहां बर्फ क्यों गिरी?
10 जुलाई के बाद सुस्त पड़े मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. कई मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से दिल्ली-एनसीआर में तेज़ बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का दौर शुरू हो गया है.