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'आज पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा...', राहुल गांधी बोले- संविधान बचाने को साथ आएं लोग

राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. उन्होंने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है. इस मार्च में INDIA ब्लॉक के कई नेताओं के शामिल होने की संभावना है.

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प्रोटेस्ट के समर्थन में राहुल गांधी का ऐलान (Photo: PTI)
प्रोटेस्ट के समर्थन में राहुल गांधी का ऐलान (Photo: PTI)

दिल्ली में शनिवार को हुए प्रदर्शन पर लाठीचार्ज के आरोपों के बाद कांग्रेस ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. राहुल गांधी ने इस मार्च को किसी एक पार्टी का प्रदर्शन बनाने के बजाय देश के नागरिकों की आवाज बनाने की अपील की है. उनका कहना है कि पार्टी, जाति, धर्म, लिंग और राज्य की पहचान से ऊपर उठकर लोग भारतीय नागरिक के तौर पर मार्च में शामिल हों. विपक्ष इस दौरान मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर वोट चोरी के आरोपों, SIR पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेगा. हालांकि, CJI सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया है.

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शनिवार को दिल्ली में हुए प्रदर्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए लोगों को पुलिस और बीजेपी से जुड़े लोगों ने पीटा. राहुल ने लिखा, 'यह वह भारत नहीं है, जिसे हम चाहते हैं.' उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोग नफरत या गुस्से के साथ नहीं, बल्कि अपनी बात रखने के लिए आए थे.

अपने संदेश में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल और मोहन भागवत का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग भारत की आवाज को दबा नहीं सकते. उन्होंने लोगों से कहा, 'डरो मत.' उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोमवार के मार्च में प्यार, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ शामिल हों.

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की तीन मांगें

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सोमवार को होने वाले मार्च के पीछे चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की नाराजगी है. कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लंबे समय से वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं. SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. अब विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर मुख्य न्यायाधीश के सामने अपनी मांगें रखी जाएं. इस मार्च में छात्र, युवा, विपक्षी दलों के नेता, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और संविधान में भरोसा रखने वाले नागरिक शामिल हो सकते हैं. इस दौरान मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपा जाएगा. इसमें तीन प्रमुख मांगें रखी जाएंगी - वोट चोरी पर रोक लगे, एसआईआर की प्रक्रिया रोकी जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें.

हालांकि, वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों को लेकर लगाए गए ये विपक्ष के आरोप हैं. विपक्ष चाहता है कि इन शिकायतों पर कार्रवाई हो और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाए.

INDIA ब्लॉक ने सांसदों को दिल्ली बुलाया

इस मार्च में राहुल गांधी के साथ ममता बनर्जी समेत विपक्ष के दूसरे वरिष्ठ नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है. INDIA ब्लॉक ने अपने सांसदों को सोमवार दोपहर एक बजे तक दिल्ली पहुंचने के लिए कहा है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी विपक्षी सांसदों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से मार्च में शामिल होने की अपील की है. प्रदर्शन के दौरान मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी.

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यानी यह केवल दिल्ली में हुए प्रदर्शन के विरोध तक सीमित नहीं है. विपक्ष इस मार्च के जरिए चुनाव आयोग की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी शिकायतों को बड़े स्तर पर उठाना चाहता है.

'दिल्ली में ऐसा प्रदर्शन होगा, जैसा पहले नहीं देखा'

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि सोमवार को दिल्ली में ऐसा प्रदर्शन होगा, जैसा राजधानी ने पहले नहीं देखा होगा. बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी की 'छात्रों की गूंज' को लेकर की गई टिप्पणी पर माथेर ने आरोप लगाया कि बीजेपी असल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चेन्नई में छात्रों के कार्यक्रम के दौरान जो मुद्दे उठाए थे, कांग्रेस उन्हें आगे भी उठाती रहेगी.

झारखंड की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों पर सामने आकर सफाई देनी चाहिए. तिर्की ने सवाल किया कि एक अधिकारी के बचाव में राजनीतिक दल क्यों सामने आ रहा है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एसआईआर के विरोध में दिल्ली जा रहे हैं.

खड़गे और बघेल ने भी उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक के अलंद और महादेवपुरा जैसे क्षेत्रों में वोट चोरी का मुद्दा उठा चुके हैं. खड़गे का दावा है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर जानकारी सामने आने के बावजूद सरकार और चुनाव आयोग ने इस पर ध्यान नहीं दिया.

वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सोमवार के मार्च में शामिल होने के लिए देशभर से सांसद, विधायक और जिला अध्यक्ष दिल्ली पहुंचेंगे. बघेल ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ईवीएम से छेड़छाड़ हुई, जबकि दूसरी जगहों पर मतदाता सूची से लोगों के नाम हटा दिए गए.

इन बयानों से साफ है कि विपक्ष सोमवार के मार्च को केवल एक विरोध प्रदर्शन के तौर पर नहीं देख रहा. वह वोट चोरी के आरोपों, एसआईआर और चुनाव आयोग की भूमिका को एक साथ उठाकर इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करना चाहता है.

अब सोमवार के मार्च पर नजर

राहुल गांधी ने इस मार्च के जरिए लोगों को पार्टी की पहचान से ऊपर उठकर शामिल होने का संदेश दिया है. दूसरी ओर, INDIA ब्लॉक के नेता और कार्यकर्ता भी दिल्ली में जुटने की तैयारी कर रहे हैं. विपक्ष की योजना मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर हस्तक्षेप की मांग करने की है.

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हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और 'INDIA' गठबंधन के नेताओं के साथ मुलाकात के आवेदन को अस्वीकार कर दिया है. CJI दफ्तर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को CJI ने ईमेल के जरिए विपक्षी नेताओं को इस फैसले और इसके पीछे की वजह की जानकारी दी.

अब देखना होगा कि सोमवार को मार्च में कितने लोग शामिल होते हैं और ज्ञापन सौंपने के बाद विपक्ष आगे क्या कदम उठाता है. फिलहाल राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग की भूमिका का मुद्दा उठाते रहेंगे.

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