ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) भारत के चुनाव आयुक्त रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई बैठक में अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के तौर पर ज्ञानेश कुमार के नाम पर मुहर लगी है. अगले सीईसी के तौर पर नियुक्ति के लिए कानून मंत्रालय ने अधिसूचना भी जारी कर दी है. 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी मार्च 2024 से चुनाव आयुक्त के रूप में काम कर रहे हैं. मौजूदा सीईसी राजीव कुमार के 18 फरवरी 2025 को रिटायरमेंट के बाद वह पदभार ग्रहण करेंगे.
वह केरल कैडर 1988-बैच के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. 31 जनवरी, 2024 को वह भारत के सहकारिता सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए.
ज्ञानेश कुमार पहले केंद्र में संसदीय कार्य सचिव थे और 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के दौरान गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया था. कुमार ने यूपीए सरकार के दौरान 2007 से 2012 तक रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (रक्षा उत्पादन) के पद पर रहे.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले नौकरशाहों के तबादलों को लेकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक हस्तक्षेप करार दिया है.
विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. विपक्ष ने दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस पेश करने के लिए जरूरी आंकड़ों को पार कर लिया है.
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग.विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस सौंपा है. इस नोटिस पर लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. नियमों के मुताबिक लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जिसे विपक्ष ने पार कर लिया है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से बड़ा कदम उठाया है. विपक्षी गठबंधन INDIA के 193 सांसदों ने उनके खिलाफ हटाने का नोटिस प्रस्तुत करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं. विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता दर्शाते हुए सशक्त कदम उठाया है. टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने इस मामले पर आजतक से बातचीत की. देखें वीडियो.
विपक्षी गठबंधन INDIA के कुल 193 सांसदों ने उनके खिलाफ हटाने का नोटिस लाने के लिए हस्ताक्षर किए हैं. यह नोटिस शुक्रवार को संसद के किसी एक सदन में पेश किया जा सकता है.
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया है. टीएमसी के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान को कांग्रेस, एसपी और AAP का समर्थन मिला है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के इस्तीफे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखा हमला बोला है. कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राज्यपाल के इस्तीफे के मामले में 'दाल में कुछ काला है'. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो 'लोक भवन' को भी 'भाजपा भवन' बना दिया जाएगा.
मोदी सरकार और विपक्ष के बीच शह-मात का खेल जारी है. संसद के बजट सत्र में विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का काम किया तो अब टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की स्टैटेजी बनाई है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को विरोध का सामना करना पड़ा. कोलकाता के एक मंदिर में पूजा करने पहुंचे, जहां प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने सख्त रुख दिखाया है. चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा है कि लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समीक्षा बैठक में राज्य में नारकोटिक्स एडवाइजरी कमेटी की कमी पर भी सवाल उठाए गए हैं.
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक तकरार तेज हो चली है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाराजगी जताने के बाद ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो एक दूसरे के खिलाफ हमलावर थे ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कोलकाता यात्रा में टीएमसी को अपना एजेंडा आगे बढ़ाने का मौका मिल गया है.
पूर्व चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को काले झंडे दिखाए गए.
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है. टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अभद्र व्यवहार और अहंकार का आरोप लगाया है. वहीं, बीजेपी ने चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर बंगाल में सात-आठ चरणों के बजाय केवल एक या दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की है.
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कोलकाता में विरोध प्रदर्शन हुआ और कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए. वह आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए तीन दिन के दौरे पर यहां आए हैं.
केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरा शनिवार को कोच्चि में संपन्न हो गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मलयालम में अपना परिचय देते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का भरोसा दिया. राज्य में नई सरकार चुनने के लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव किस चरण में होंगे, इसका अंतिम फैसला चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के समय सामने आएगा. उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य का पूरा चुनावी अमला निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रलोभन-मुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियों की समीक्षा के लिए तीन दिवसीय दौरा शुरू किया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम गुवाहाटी पहुंची, जिसमें डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विनीत जोशी भी शामिल हैं.
पश्चिम बंगाल के लोगों से ममता बनर्जी ने वादा किया था कि जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगी. और, चुनाव से पहले का वादा पूरा भी कर दिया है. ममता बनर्जी ने कोई नई दलील नहीं पेश की है. जो आरोप वो लगाती रही हैं, फर्क ये है कि वही सब सुप्रीम कोर्ट में कहा है. वहां हुआ ये कि उनके सामने ही चुनाव आयोग के वकील ने बंगाल सरकार के असहयोग का पुलिंदा पेश कर दिया.
SIR के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की पहल की है. ममता बनर्जी कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष का सपोर्ट चाहती हैं, लेकिन बंगाल में बीजेपी से अकेले मुकाबला करना चाहती हैं.
संसद के बजट सत्र के दौरान बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसद में राहुल गांधी तो सड़क पर ममता बनर्जी के निशाने पर हैं. बिहार चुनाव के दौरान राहुल गांधी चुनाव आयोग की SIR के खिलाफ मुहिम चला रहे थे, अब पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी अपना अभियान चला रही हैं.
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने उनपर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा. मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती. एक दिन तो आपको जाना ही होगा... बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?