ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) एक पूर्व IAS अधिकारी हैं. 19 फरवरी 2025 को ज्ञानेश कुमार ने भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला. वह 2023 में बने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम के तहत नियुक्त होने वाले पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. 2026 में ज्ञानेश कुमार अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव सहायता संस्थान के सदस्य देशों की परिषद की अध्यक्षता भी कर रहे हैं. इस जिम्मेदारी के तहत भारत ने लोकतंत्र और पेशेवर चुनाव प्रबंधन से जुड़े विषयों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है.
उनका जन्म 27 जनवरी 1964 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था. वह 1988 बैच के केरल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रहे हैं. उन्होंने कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया से बिजनेस फाइनेंस का अध्ययन किया और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पर्यावरण अर्थशास्त्र की शिक्षा ली.
प्रशासनिक सेवा के दौरान ज्ञानेश कुमार ने केंद्र और केरल सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. केरल में उन्होंने उप कलेक्टर, जिला कलेक्टर और विभिन्न विकास तथा प्रशासनिक संस्थाओं में प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया. उन्होंने कोच्चि नगर निगम के नगर आयुक्त और केरल राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली. केंद्र सरकार में उन्होंने रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर काम किया. इसके अलावा गृह मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में भी उन्होंने अलग अलग जिम्मेदारियां निभाईं.
ज्ञानेश कुमार जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया में भी शामिल रहे. जनवरी 2020 में उन्हें गृह मंत्रालय में जिम्मेदारी दी गई, जहां अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़ी संस्था श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की स्थापना की प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही.
31 जनवरी 2024 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें 15 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया. इस दौरान उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव सहित जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों से जुड़ी निर्वाचन प्रक्रिया में जिम्मेदारी निभाई.
रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस महारैली में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए. विपक्ष ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया, जबकि बीजेपी ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताते हुए रोहतक और दिल्ली में जवाबी पदयात्राएं निकालीं. सवाल है क्या विपक्ष की इस महारैली से ज्ञानेश कुमार पर इस्तीफे का दबाव बढ़ेगा? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली की. देश की आजादी के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब कांग्रेस सत्ता के खिलाफ सड़कों पर उतरी है. क्या कांग्रेस इस आंदोलन को जनआंदोलन में बदल पाएगी, और बीजेपी के सामने अपने प्रदर्शनों से कोई असर पैदा कर पाएगी? देखें ये स्पेशल शो.
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ एक महारैली की. इस दौरान राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया. विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाया. वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के विरोध का जवाब देते हुए दिल्ली और हरियाणा में विरोध प्रदर्शन किए.
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने रामलीला मैदान में रविवार को SIR में हुई गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महारैली की. राहुल गांधी, ममता बनर्जी, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव समेत INDIA ब्लॉक के कई नेताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला.
इंडिया गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रामलीला मैदान पर मोर्चा संभाला तो वहीं बीजेपी सिख दंगों को मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए सड़कों पर उतरी. इतना ही नहीं, बीजेपी की 'संविधान बचाओ अराजकता हटाओ' रैली की तस्वीरें भी सामने आईं. कैसे आज सड़कों पर सियासी संग्राम देखने को मिला, देखें विशेष.
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन ने 'वोट बचाओ देश बचाओ' रैली के साथ बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया. राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने रैली को संबोधित करते हुए सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. दूसरी तरफ बीजेपी ने भी विपक्ष की इस रैली के जवाब में पदयात्राएं निकालीं. सवाल है कि विपक्ष और सरकार की इस आर-पार का अंजाम क्या होने वाला है? देखें हल्ला बोल.
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया. इसी दौरान एक छोटे कद के अधेड़ कार्यकर्ता को दारोगा गोद में उठाकर बस तक ले गए, जिसका वीडियो चर्चा में है. वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को लोकतंत्र और संविधान का मजाक बताया.
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की महारैली में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला. उन्होंने वोट चोरी, चुनावी धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए. राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाना हमारी प्राथमिकता है.
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हुई है और 2024 के चुनाव के बाद 11.53 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए. राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और संविधान, लोकतंत्र तथा आर्थिक समानता की रक्षा का संकल्प दोहराया. हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान से राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन का सरकार और मुख्य चुनाव आयोग के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन हुआ. तो दूसरी तरफ हरियाणा के रोहतक में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा। राहुल गांधी कहते हैं कि वोट चोरी हुई. वहीं, बीजेपी का कहना है कि विपक्ष लोकतंत्र को बदनाम कर रहा है. यानी अब लड़ाई सिर्फ SIR की नहीं, नैरेटिव की भी है. सवाल है, क्या बीजेपी केवल राजनीतिक जवाब दे रही है या तथ्यों के आधार पर विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है? देखें दंगल.
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी ने रामलीला मैदान से कहा कि ये लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं है, बल्कि देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों के अधिकारों और आवाज को बचाने का संकल्प है. रैली के दौरान चुनाव प्रणाली और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. राहुल ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
इस बयान में देश की संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता, किसानों के अधिकार, युवाओं के रोजगार और आर्थिक असमानता पर बात की गई है. आरोप लगाया गया है कि देश का धन कुछ बड़े उद्योगपतियों के पास केंद्रित हो गया है, जबकि गरीब किसानों और छोटे व्यापारियों को कर्ज के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है. देश में सभी नागरिकों के लिए समान अवसर और न्याय की वकालत की गई है.
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विशाल रैली में भाग लिया. मंच से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेताओं ने देश की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए. नेताओं ने आरोप लगाया कि 2024 चुनाव के बाद करोड़ों वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए. यह रैली युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से आयोजित की गई.
दिल्ली के रामलीला मैदान में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने वोट चोरी, लोकतंत्र लूटने और बीजेपी के बंगाल में राजनीतिक दबाव बनाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने 'जॉनी-जॉनी' कविता की तर्ज पर बीजेपी और ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा.
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने एक विशाल शक्ति प्रदर्शन का आयोजन किया है. इस रैली के दौरान इंडिया अलायंस के तमाम दिग्गज नेता एकजुट नजर आ रहे हैं. राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, फारूक अब्दुल्ला और संजय राउत समेत कई बड़े नेता एक साथ इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. विपक्ष का मुख्य आरोप है कि चुनावों में वोट की हेराफेरी की जा रही है. इसी मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने वोट बचाओ देश बचाओ का नारा दिया है.
विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने राजधानी दिल्ली में अपनी एकजुटता का बड़ा संदेश देने के लिए विरोध मार्च निकाला है. राहुल गांधी, अखिलेश यादव, शशि थरूर, सचिन पायलट और डी राजा सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेता इस विशाल काफिले में शामिल हुए. तीन खुले ट्रकों और बसों में सवार होकर नेता रामलीला मैदान की ओर आगे बढ़ते दिखाई दिए. इस रैली का मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी के उस आरोप का करारा जवाब देना है, जिसमें विपक्ष में एकजुटता की कमी की बात कही जाती रही है.
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की विशाल महारैली आयोजित की गई. इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर वोट चोरी और चुनावी साजिश के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आगामी यूपी चुनावों में बीजेपी का हार तय है.
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के घटकों ने एक विशाल रैली का आयोजन किया है. इस प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और वामपंथी दलों सहित विभिन्न विपक्षी दलों के हजारों कार्यकर्ता और नेता पहुंचे हैं. तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे दूर-दराज के राज्यों से कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं.
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की तरफ से एक विशाल महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें इंडिया गठबंधन के 20 से भी अधिक राजनीतिक दल शामिल हुए. इस रैली में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, और डी राजा समेत विपक्ष के कई शीर्ष नेता एक ही मंच पर दिखाई दिए. रामलीला मैदान समर्थकों और कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम से पूरी तरह पट गया. सड़कों पर हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों के कारण ट्रैफिक भी बुरी तरह प्रभावित रहा और कनाट प्लेस तक भारी भीड़ देखने को मिली.
विपक्षी दलों के 'इंडिया' गठबंधन ने रामलीला मैदान में बड़ी रैली का आयोजन किया, जिसमें कई प्रमुख नेता शामिल हुए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, शशि थरूर और गौरव गोगोई सहित कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने एक विशाल महारैली का आयोजन किया. इस प्रदर्शन में देश भर से समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के हजारों कार्यकर्ता पहुंचे. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और देश के अन्य हिस्सों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने दल के झंडे और टोपियों के साथ उत्साह दिखाया. रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और शशि थरूर सहित कई प्रमुख नेता एक साथ नजर आए.