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Bihar Election Result 2025 Live: गोपालपुर विधानसभा सीट पर JD(U) को दोबारा मिली जीत
Gopalpur Assembly Election Result Live: गोपालपुर में VIP पीछे, JD(U) आगे! जानें वोटों का अंतर कितना
Gopalpur Vidhan Sabha Result Live: गोपालपुर विधानसभा सीट पर JD(U) विशाल जीत की ओर! जानिए VIP कितना पीछे?
Bihar Assembly Election Results 2025 Live: दिग्गज कैंडिडेट्स के क्या हैं हाल?
Gopalpur Vidhan Sabha Result Live: गोपालपुर में JD(U) कैंडिडेट Shailesh Kumar निकले सबसे आगे
Gopalpur Vidhan Sabha Result Live: गोपालपुर में JD(U) कैंडिडेट Shailesh Kumar निकले सबसे आगे
गोपालपुर, बिहार के भागलपुर जिले के नौगछिया अनुमंडल में स्थित एक प्रखंड है. यह भागलपुर शहर से मात्र चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो राज्य के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में से एक है. गोपालपुर धीरे-धीरे एक स्थानीय व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर रहा है, विशेष रूप से रेशम उत्पादन में, जिसे भागलपुरी सिल्क के नाम से जाना जाता है. इसके बावजूद, गंगा नदी के निकट होने के कारण यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि-आधारित है, क्योंकि इस क्षेत्र की मिट्टी उपजाऊ एल्यूवियल (जलोढ़) मिट्टी है.
1957 में स्थापित गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र, भागलपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. इसमें गोपालपुर, नौगछिया, रंगराचौक और इस्माइलपुर प्रखंड शामिल हैं. गोपालपुर के आस-पास के अन्य प्रमुख कस्बों में साबौर (5 किमी), नौगछिया (16 किमी) और बांका (20 किमी) शामिल हैं.
2020 के विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र में 2,70,432 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2024 के लोकसभा चुनावों में बढ़कर 2,77,227 हो गए. 2020 में यहां अनुसूचित जाति के मतदाता 6.97%, अनुसूचित जनजाति के 1.1% और मुस्लिम मतदाता 7.3% थे. गोपालपुर क्षेत्र का केवल 12.81% हिस्सा शहरी है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह एक ग्रामीण बहुल निर्वाचन क्षेत्र है.
पिछले 68 वर्षों में गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से कुल 16 बार विधायक चुने गए हैं. शुरुआती आठ चुनावों में कांग्रेस और सीपीआई का वर्चस्व रहा. कांग्रेस ने पांच बार और सीपीआई ने तीन बार जीत दर्ज की. इसके बाद भाजपा और जनता दल ने एक-एक बार जीत हासिल की, और फिर यह सीट जदयू और राजद के बीच का मुकाबला बन गई.
राजद ने 2000 और फरवरी 2005 में सीट जीती, लेकिन अक्टूबर 2005 से लेकर अब तक जदयू ने लगातार चार बार इस सीट पर जीत दर्ज की है. गोपाल मंडल उर्फ नरेंद्र कुमार नीरज, जो एक ओबीसी समुदाय से आते हैं, ने इस सीट को जदयू का गढ़ बना दिया है.
गोपाल मंडल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रबल समर्थक माने जाते हैं. यह कहना मुश्किल है कि उन्हें बार-बार टिकट उनकी वफादारी के कारण दिया जाता है या इसलिए कि पार्टी को लगता है कि उनके बिना यह सीट जीतना कठिन होगा. हालांकि, गोपाल मंडल के कई विवादों ने उनकी छवि एक विवादास्पद और असभ्य जनप्रतिनिधि की बना दी है.
2016 में एक वीडियो सामने आया जिसमें वे भोजपुर जिले में एक शादी समारोह के दौरान बार बालाओं के साथ नाचते दिखे. पहले उन्होंने वीडियो को फर्जी बताया, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वीडियो असली है और उन्होंने कहा कि वे जन्मजात कलाकार हैं.
2021 में एक और वीडियो में वे दिल्ली से पटना की ट्रेन यात्रा के दौरान एसी कोच में केवल अंडरवियर में घूमते नजर आए. उन्होंने इसका कारण पेट दर्द बताया और कहा कि बार-बार टॉयलेट जाने के कारण ऐसा करना पड़ा.
भले ही गोपाल मंडल लगातार जीतते रहे हों, जदयू की जीत में भाजपा की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता. 2015 में जब जदयू और भाजपा अलग-अलग लड़े थे, तब जीत का अंतर घटकर केवल 5,169 वोट रह गया था. लेकिन 2020 में जब दोनों दल फिर से साथ आए, तो यह अंतर बढ़कर 24,461 वोट हो गया. यह दिखाता है कि 1990 में एकमात्र जीत के बावजूद, भाजपा का इस क्षेत्र में एक मजबूत जनाधार है.
2024 के लोकसभा चुनाव में गोपालपुर खंड में एनडीए को 39,432 वोटों की बढ़त मिली है. लेकिन गोपाल मंडल के लगातार विवादों के कारण, भाजपा जैसी छवि-सजग पार्टी पर दबाव बन सकता है कि या तो जदयू अपने उम्मीदवार को बदले या यह सीट भाजपा को सौंप दे. ऐसे में एनडीए के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर होने वाली अंदरूनी खींचतान खुद चुनावी मुकाबले से भी अधिक रोचक हो सकती है, खासकर जब राजद नीत विपक्ष की जीत की संभावनाएं बहुत कम दिखाई दे रही हों.
(अजय झा)
Shailesh Kumar
RJD
Suresh Bhagat
LJP
Sanjiv Kumar Singh
RJJP
Nota
NOTA
Ruchi Singh
IND
Prem Shankar Kumar
VSP
Shabana Azmi
JAP
Shankar Kumar
PPI(D)
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले आरजेडी के दो विधायकों ने पार्टी से किनारा कर लिया है और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है. दोनों विधायकों का इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है.
बिहार में चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ चुनाव के वक्त बिहार आते हैं, मगर वादे पूरे नहीं करते. सहनी ने नीतीश कुमार को लेकर अमित शाह के बयान पर भी हमला बोला और एनडीए की मंशा पर सवाल खड़े किए.
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने एग्जिट पोल्स को सट्टा बाजार का खेल बताया. उन्होंने कहा कि मतदान खत्म होने के आधे घंटे में सरकार तय कर देना केवल दिखावा है. यादव ने दावा किया कि सीमांचल में बदलाव होगा और इंडिया गठबंधन को 19 से 23 सीटें मिलेंगी. दिल्ली ब्लास्ट पर उन्होंने इंटेलिजेंस फेलियर बताया और जिम्मेदारों के इस्तीफे की मांग की.
दिल्ली से पटना पहुंचे चिराग पासवान से जब एयरपोर्ट पर एनडीए से अलग होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, सच से इसका कोई संबंध नहीं है. चिराग ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, एनडीए में दरार की संभावना नहीं है. विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह झूठ फैलाकर भ्रम पैदा कर रहा है. वहीं उन्होंने इस दौरान सीट बंटवारे पर चर्चा न होने की बात भी स्पष्ट की.
अनंत सिंह इस बार मोकामा से चुनाव लड़ रहे हैं. शनिवार को वह चुनाव प्रचार के लिए एक गांव में पहुंचे थे. इस दौरान उनका मंच ही टूट गया. जिससे वह नीचे गिर गए.
शेखपुरा जिले में नामांकन के अंतिम दिन गहमागहमी रही. शेखपुरा विधानसभा से 13 और बरबीघा विधानसभा से 12 लोगों ने अपनी उम्मीदवारी दी है. बरबीघा विधानसभा के लिए एलजेपी से मधुकर कुमार ने नामांकन किया.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार को Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी. बिहार सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. इसी बीच नीतीश कुमार से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। 9 अप्रैल को नीतीश कुमार दिल्ली दौरे पर जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया इसके साथ ही शुरू हो जाएगी
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