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Bihar Election Result 2025 Live: आलमनगर विधानसभा सीट पर JD(U) को दोबारा मिली जीत
Bihar Election Result 2025 Live: आलमनगर विधानसभा सीट पर JD(U) को दोबारा मिली जीत
Bihar Election Result 2025 Live: आलमनगर विधानसभा सीट पर JD(U) को दोबारा मिली जीत
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आलमनगर बिहार के मधेपुरा जिले में स्थित एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है, जो मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यह क्षेत्र आलमनगर, पुरैनी और चौसा प्रखंडों के साथ-साथ उदाकिशुनगंज प्रखंड के रहटा फनहन, नयनगर, सजहदपुर, लश्करी, मंझोरा, जोतैली, खारा, बुधमा और गोपालपुर पंचायतों को भी सम्मिलित करता है.
1951 में स्थापित आलमनगर विधानसभा क्षेत्र अब तक 17 बार चुनाव देख चुका है. इस क्षेत्र की विशेषता यह है कि मतदाताओं ने कुछ चुनिंदा नेताओं पर लगातार भरोसा जताया है. 1952 में पहले चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के तनुक लाल यादव विजयी हुए. इसके बाद 1957 से 1972 तक कांग्रेस के यदुनंदन झा और विद्याकर कवि ने पांच बार इस सीट पर कब्जा किया, जिसमें यदुनंदन झा ने दो बार और विद्याकर कवि ने तीन बार जीत हासिल की.
इसके बाद जनता पार्टी के टिकट पर 1977 और 1980, लोक दल से 1985 और जनता दल से 1990 में बीरेन्द्र कुमार सिंह ने जीत दर्ज की. 1995 से नरेंद्र नारायण यादव इस सीट पर लगातार सात बार विजयी रहे हैं. शुरू में उन्होंने जनता दल से चुनाव लड़ा और 2000 से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार रहे. वे बिहार विधानसभा के पूर्व मंत्री और वर्तमान में उपाध्यक्ष हैं. उनकी लोकप्रियता समय के साथ बढ़ती गई है. 2020 में उन्होंने राजद के नवीन कुमार को 28,680 वोटों से हराया. यह उनके पिछले तीन चुनावों में सबसे कम जीत का अंतर रहा. उन्हें 1,02,517 (48.17%) वोट मिले जबकि नवीन कुमार को 73,837 (34.69%) वोट मिले। मतदान प्रतिशत 59.3% रहा.
2020 के विधानसभा चुनावों में आलमनगर में कुल 3,44,616 पंजीकृत मतदाता थे. इनमें लगभग 60,214 अनुसूचित जाति (17.47%) और 43,421 मुस्लिम मतदाता (12.60%) शामिल थे. 2024 के लोकसभा चुनाव तक यह संख्या बढ़कर 3,72,591 हो गई, हालांकि 2020 की सूची से 3,914 मतदाता अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके थे.
यहां यादव समुदाय के मतदाताओं की संख्या लगभग 1,03,200 है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 29.9% है. यह उन्हें क्षेत्र का सबसे बड़ा जातीय समूह बनाता है.
2024 के लोकसभा चुनाव में जदयू के दिनेश चंद्र यादव ने आलमनगर विधानसभा क्षेत्र में राजद के कुमार चरणदीप पर 73,275 मतों की बढ़त बनाई, जो 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में कहीं अधिक थी. इससे क्षेत्र में जदयू की पकड़ और मजबूत हुई है.
आलमनगर का नाम संभवतः मुगल सम्राट आलमगीर द्वितीय के नाम पर पड़ा है, जिनका शासनकाल 1754 से 1759 तक रहा. यह मधेपुरा जिला मुख्यालय से लगभग 38 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. यह क्षेत्र मुरलीगंज (28 किमी उत्तर-पूर्व), नौगछिया (42 किमी दक्षिण-पूर्व) और सहरसा (55 किमी पश्चिम) से भी जुड़ा हुआ है. पटना से इसकी दूरी लगभग 145 किमी है. नजदीकी रेलवे स्टेशन बिहारगंज और दौराम मधेपुरा हैं, जो एक घंटे की दूरी पर स्थित हैं.
हालांकि यह क्षेत्र कई कस्बों से जुड़ा है, फिर भी आलमनगर मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र है और सार्वजनिक परिवहन तथा आधारभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है.
आलमनगर की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है. यहां धान, मक्का और गेहूं प्रमुख फसलें हैं. कोसी नदी के कारण आने वाली मौसमी बाढ़ और खराब सड़क संपर्क लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं. यहां एक डिग्री कॉलेज की अनुपस्थिति और सीमित स्वास्थ्य सेवाएं चुनावी मुद्दों में प्रमुख रहती हैं.
2025 विधानसभा चुनाव में BIHAR की ALAMNAGAR सीट पर JD(U) के प्रत्याशी Narendra Narayan Yadav ने जीत दर्ज की. उन्होंने VIP के उम्मीदवार Nabin Kumar को 55465 मतों से हराया. Narendra Narayan Yadav को 138401 वोट मिले, जबकि VIP के उम्मीदवार 82936 वोट ही प्राप्त कर सके.
(अजय झा)
Nabin Kumar
RJD
Sunila Devi
LJP
Sarveshwar Prasad Singh
JAP(L)
Md. Iftekhar Alam
RLSP
Nota
NOTA
Sudhanshu Kumar
BJJP
Rajnandan Kumar Sinha
SMP
Naresh Mandal
RJJP
Prashant Kumar Jha
LSP(L)
Abhishek Anand
PP
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले आरजेडी के दो विधायकों ने पार्टी से किनारा कर लिया है और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है. दोनों विधायकों का इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है.
बिहार में चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ चुनाव के वक्त बिहार आते हैं, मगर वादे पूरे नहीं करते. सहनी ने नीतीश कुमार को लेकर अमित शाह के बयान पर भी हमला बोला और एनडीए की मंशा पर सवाल खड़े किए.
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने एग्जिट पोल्स को सट्टा बाजार का खेल बताया. उन्होंने कहा कि मतदान खत्म होने के आधे घंटे में सरकार तय कर देना केवल दिखावा है. यादव ने दावा किया कि सीमांचल में बदलाव होगा और इंडिया गठबंधन को 19 से 23 सीटें मिलेंगी. दिल्ली ब्लास्ट पर उन्होंने इंटेलिजेंस फेलियर बताया और जिम्मेदारों के इस्तीफे की मांग की.
दिल्ली से पटना पहुंचे चिराग पासवान से जब एयरपोर्ट पर एनडीए से अलग होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, सच से इसका कोई संबंध नहीं है. चिराग ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, एनडीए में दरार की संभावना नहीं है. विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह झूठ फैलाकर भ्रम पैदा कर रहा है. वहीं उन्होंने इस दौरान सीट बंटवारे पर चर्चा न होने की बात भी स्पष्ट की.
अनंत सिंह इस बार मोकामा से चुनाव लड़ रहे हैं. शनिवार को वह चुनाव प्रचार के लिए एक गांव में पहुंचे थे. इस दौरान उनका मंच ही टूट गया. जिससे वह नीचे गिर गए.
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार को Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी. बिहार सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. इसी बीच नीतीश कुमार से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। 9 अप्रैल को नीतीश कुमार दिल्ली दौरे पर जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया इसके साथ ही शुरू हो जाएगी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च के आंकड़े दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं. चुनाव आयोग में जमा आंकड़ों पर नजर डालने पर मालूम होता है कि सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किए, और सबसे कम मार्क्सवादी कम्यनिस्ट पार्टी ने - लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे महंगा विधायक किसे पड़ा है?
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