चीन ने एक कमाल का रोबोट तैयार किया है, जिसकी लंबाई 13 फीट है. लॉन्चिंग के दौरान इस रोबोट को देखकर कई लोग हैरान हो गए. इस रोबोट की लंबाई भारतीय रेसलर द ग्रेट खली (दलीप सिंह राणा) से करीब दोगुनी है. द ग्रेट खली की लंबाई करीब 7 फीट है और इस रोबोट की लंबाई 13 फीट है और इस रोबोट का नाम नियो 1 है.
चीनी कंपनी नियोड्रा डाइनेमिक्स रोबोटिक्स ने एक कमाल और हैवी ड्यूटी ह्यूमनॉयड रोबोट तैयार किया है. इस रोबोट की लंबाई 13 फीट है और इसके सामने खड़े हुए लोग बेहद ही छोटे नजर आए हैं. ये जानकारी इंट्रेस्टिंग इंजीनियर ने रिपोर्ट में दी है.
रिपोर्ट में बताया है कि यह रोबोट इंडस्ट्रियल संबंधित काम करेगा और जो काम इंसान आसानी से नहीं कर पाते हैं उनको पूरा कर सकेगा. आने वाले दिनो में इसका इस्तेमाल सेना के काम में भी किया जाएगा या नहीं, उसके बारे में कंपनी ने कंफर्म नहीं किया है. यह 500 किलोग्राम तक का वजन अपने दोनों हाथों से उठा सकेगा.रिपोर्ट्स में बताया है कि इसमें 39 हाइड्रोलिक जॉइंट्स का इस्तेमाल किया गया है.
2026 के चाइना इंटरनेशनल इंडस्ट्री फेयर में पेश किया
13 फीट लंबे इस रोबोट को 2026 के चाइना इंटरनेशनल इंडस्ट्री फेयर (CIIF) में पेश किया. इस रोबोट को ऐसे काम के लिए तैयार किया है, जिन्हें आमतौर पर इंसानी कर्मचारी नहीं कर पाते हैं.
नियो 1 रोबोट कई मुश्किल काम कर सकेगा- दावा
नियो 1 रोबोट की पूरी बॉडी में 41 एक्टिव डिग्री ऑफ फ्रीडम हैं, जिसकी मदद से कई तरह की मुश्किल एक्टिविटी को भी पूरा कर सकता है. इस रोबोट में कंपनी के बनाए गए मिनिएचर डिजिटल हाइड्रोलिक एक्ट्यूएकटर्स का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही रोबोट्स के फोरआर्म्स के लिए दो रोटेशनल जॉइंट्स इलेक्ट्रिक ड्राइव से चलते हैं.
500KG तक वजन उठाने की काबिलियत
रोबोट्स में इस्तेमाल होने वाले हर एक हाइड्रोलिक एक्ट्यूएटर का वजन करीब 1 किलोग्राम है. कंपनी का दावा है कि ये लगातार टन के हिसाब से थ्रस्ट पैदा कर सकता है. कंपनी के मुताबिक, दोनों हाथों की मदद से 500 किलोग्राम तक का भारी वजन उठा सकता है और उसको संभाल सकता है.
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कपनी ने एक्युरेसी पर भी किया है काम
नियो 1 रोबोट को सिर्फ ताकत के लिए नहीं बल्कि सटीक काम करने के लिए भी तैयार किया गया है. कंपनी का दावा है कि इस रोबोट की रिपीटेबल पोजिशनिंग एक्यूरेसी ±0.0002 इंच तक की है. ये एक्युरेसी इसको भारी वजन उठाने के साथ बेहतर कंट्रोल और असेंबली जैसे कामों के लिए यूजफुल बनाता है.
न्यूक्लियर प्लांट में भी काम कर सकेगा
कंपनी का दावा है कि नियो 1 रोबोट्स का इस्तेमाल न्यूक्लियर प्लांट्स में भी किया जा सकेगा. रेडिएशन रेजिस्टेंट हाइड्रोलिक मॉड्यूल की मदद से इसका इस्तेमाल न्यूक्लियर फ्यूल हैंडलिंग और वहां मौजूद सामान का मेंटेनेंस किया जा सकेगा.
नियो 1 का इस्तेमाल अंडरवॉटर इंजीनियरिंग और माइनिंग में इस्तेमाल किया जा सकेगा. अभी कंपनी ने इन कामों की संभावना जताई है, जब ये असली दुनिया में काम करने उतरेंगे तब उनकी पावर और एक्युरेसी की जांच होगी.