एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) द्वारा समर्थित स्टार्टअप, ह्यूमनॉइड रोबोट (Humanoid Robot) बाजार में प्रवेश करने के लिए तैयार है. अंबानी के रिलायंस समूह (Reliance Group) का एडवर्ब (Addverb) टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, 2025 में अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट लॉन्च करने की योजना बना रहा है.
यह एलन मस्क की टेस्ला, बोस्टन डायनेमिक्स, एजिलिटी रोबोटिक्स, फिगर एआई और चीनी कंपनियों सहित कुछ अन्य कंपनियों को टक्कर देगी. भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अंबानी ने अमेरिका और चीन के खिलाड़ियों को टक्कर देने के लिए इस क्षेत्र में प्रवेश किया.
एक रिपोर्ट में एडवर्ब के सीईओ संगीत कुमार के हवाले से कहा गया है कि नोएडा स्थित एडवर्ब के ह्यूमनॉइड रोबोट फैशन, खुदरा और ऊर्जा जैसे उद्योगों से संबंधित कार्य कर सकते हैं.
एडवर्ब के अलावा, अंबानी ने हनुमान एआई का भी समर्थन किया, जिसे इस साल भारतजीपीटी द्वारा लॉन्च किया गया था.
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक तकनीक से दाहिनी तरफ मौजूद दिल की बेहद दुर्लभ और जटिल सर्जरी की। बिना सीना काटे मरीज का खराब वाल्व बदल दिया.
अमेरिकी ट्रंप सरकार धीरे धीरे करके चीन के कई टेक प्रोडक्ट्स बैन कर दिए हैं. ह्यूमनॉयड रोबोट, वैक्यूम क्लीनर्स और ड्रोन से लेकर कई तरह के टेक प्रोडक्ट्स को अमेरिका बैन कर रहा है. लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? वाकई नेशनल सिक्योरिटी की बात है या चीनी इनोवेशन से अमेरिका खौफ में है?
स्मार्टफोन कैमरे में हर साल कुछ नया देखने को मिलता है. रोबोट फोन एक नए तरह का अप्रोच है. दरअसल चीनी स्मार्टफोन मेकर Honor ने कन्फर्म किया है कि जल्द ही रोबोट फोन लॉन्च किया जाएगा. आइए जानते हैं इसे रोबोट फोन क्यों कहा जा रहा है और इसमें क्या खास है.
अमेरिका ने दूसरे देशों से आने वाले रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स को बैन कर दिया है. ट्रंप सरकार का मानना है कि रोबोट वैक्यूम क्लीनर्स नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकते हैं. बता दें कि ज्यादातर कंपनियां चीनी हैं.
अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले ह्यूमनॉयड रोबोट, रोबो डॉग के आयात पर बैन लगा दिया है. अमेरिका ने सुरक्षा का हवाला देते हुए इनपर बैन लगाया है. इस बैन का ऐलान मंगलवार को किया है. आइए इनके बारे में जानते हैं.
चीन ने दुनिया का पहला ऐसा रोबोट बनाया है, जिसका आधा शरीर इंसान (ह्यूमनॉइड रोबोट) जैसा और आधा शरीर जानवर के जैसा है. इसको सेंटोर रोबोट नाम दिया है. इन रोबोट को शंघाई स्थित रन रोबोटिक्स नाम की कंपनी ने बनाया है.
चीन की एक कंपनी ने एकदम नए रोबोट तैयार किए हैं, जो इंसानों के साथ एकदम नेचुरल तरीके से बातचीत कर पाएंगे. इसमें फेशियल एक्सप्रेशन के लिए चेहरे और शरीर पर एक सिलिकॉन की लेयर तैयार की है, जो उसको इंसान जैसा एक्सप्रेशन प्रोवाइड कराते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
रोबोट्स की अब शादी भी होने लगी. भले ही अब तक ह्यूमनॉयड रोबोट इंसानों की तरह एक काम नहीं कर सकते हैं, लेकिन इनकी कथित शादी करके ये दिखाने की कोशिश की रोबोट्स कितना आगे चले गए हैं.
फिगर AI के सीईओ ने पोस्ट करके बताया है कि इंसानी कर्मचारियों की संख्या की तुलना में रोबोट्स की संख्या ज्यादा हो गई है. उन्होंने पोस्ट में एक फोटो भी पोस्ट किया है, जिसमें बहुत से रोबोट्स डब्बों में बैठा दिखाया है, जो इंटरनेट पर काफी पसंद की जा रही है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
साउथ कोरिया के सियोल में एक फैशन शो आयोजित किया गया है, जिसमें इंसानी मॉडल्स के साथ को रोबोट्स भी रैंप पर नजर आए. रोबोट्स ने कैटवॉक किया है. रोबोट्स कमाल के आउटफिट में नजर आ चुके हैं. आइए इनके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
South Korea से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. यहां एक Humanoid Robot अब आधिकारिक तौर पर बौद्ध भिक्षु, यानी मोंक, बन गया है. Seoul के एक प्रसिद्ध Buddhist Temple में “Gabi” नाम के इस Robot ने खास धार्मिक समारोह में हिस्सा लिया.
रोबोट अब एयरलाइंस सेक्टर में भी एंट्री कर रहे हैं. जापान एयरलाइन्स अब रोबोट को शामिल करने जा रही है, जो सामान रखने में मदद करेंगे.
चीन के Honor कंपनी के रोबोट लाइटनिंग ने बीजिंग में 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन मात्र 50 मिनट 26 सेकेंड में पूरी कर दी. इसने मानव विश्व रिकॉर्ड (57 मिनट 20 सेकंड) को 6 मिनट 54 सेकंड से पीछे छोड़ दिया. पिछले साल इंसानों से पीछे रहने वाला यह रोबोट इस बार पूरे मैदान को पछाड़ गया. चीन की रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी में यह एक बड़ी उपलब्धि है.
जापान और चीन अपनी घटती आबादी के कारण फिजिकल AI में भारी निवेश कर रहे हैं, जबकि भारत के सामने युवा बेरोजगारी की समस्या है. जापान ने 2040 तक वैश्विक फिजिकल AI बाजार में 30% हिस्सेदारी के लिए 52,500 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है. चीन ने भी हजारों ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात किए हैं. भारत में तकनीक मौजूद है, लेकिन राष्ट्रीय रणनीति की कमी है. भारत को रोबोटिक्स में निवेश बढ़ाना होगा, लेकिन रोजगार के अवसर भी बनाए रखने होंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मिलेनिया ट्रंप एक रोबोट के साथ नजर आईं थीं, जिसका नाम फिगर 3 है. यह रोबोट अमेरिकी कंपनी का है. और क्या आप जानते हैं कि ये रोबोट क्या-क्या काम कर सकता है.
व्हाइट हाउस में आयोजित एक ग्लोबल समिट के दौरान मेलानिया ट्रंप रोबोट के साथ नजर आईं. इस रोबोट ने स्वागतम कहकर सभी का ध्यान आकर्षित किया है. हालांकि रोबोट ने और भी भाषाएं बोलीं.
अमेरिका में तैयार किए गए रोबोट भारतीय बोली बोल रहे हैं. हाल ही में अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ नजर आए रोबोट ने स्वागतम् कहा, जिसका वीडियो वायरल हो चुका है. वहीं दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क के टेस्ला रोबोट ने नमस्कार करके सभी को चौका चुका है. आइए इनके बारे में जानते हैं.
सोशल मीडिया पर एक रोबोट का वीडियो वायरल हो रहा है, जो अचानक से बेकाबू हो जाता है. इसके बाद वह रेस्टोरेंट में बवाल मचाने लगता है.
India Today Conclave 2026 में बिद्युत इनोवेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल शाह शामिल हुए. उनके साथ स्टेज पर दो रोबोट्स भी आए. उन्होंने बताया है कि भारत भी जल्द अपने रोबोट्स लॉन्च करेगा, जो अन्य देशों के रोबोट की तुलना में काफी सस्ते होंगे. साथ ही रोबोट्स ने डांस और एक्शन करके दिखाया.
Xiaomi ह्यूमनॉइड रोबोट्स को लेकर बड़ी तैयारी कर रहा है. फैक्ट्रियों में इंसानों की जगह इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट्स काम करेंगे. कंपनी बड़़ी संख्या में रोबोट्स प्रोडक्शन करने वाली है.
दिल्ली की AI समिट में कुछ चीनी रोबोट की नुमाइश पर देश में खूब आलोचना हुई. लेकिन, इस कंट्रोवर्सी का सबसे दिलचस्प पहलू ये था कि चीनी सोशल मीडिया हैंडल्स से भारत की हंसी उड़ाई गई. जी हां, उसी चीन ने जिसकी मोबाइल इंडस्ट्री, इलेक्ट्रॉनिक्स-गैजेट्स और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में नकल या कॉपी के ग्लोबल उदाहरण मौजूद हैं.