एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) द्वारा समर्थित स्टार्टअप, ह्यूमनॉइड रोबोट (Humanoid Robot) बाजार में प्रवेश करने के लिए तैयार है. अंबानी के रिलायंस समूह (Reliance Group) का एडवर्ब (Addverb) टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, 2025 में अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट लॉन्च करने की योजना बना रहा है.
यह एलन मस्क की टेस्ला, बोस्टन डायनेमिक्स, एजिलिटी रोबोटिक्स, फिगर एआई और चीनी कंपनियों सहित कुछ अन्य कंपनियों को टक्कर देगी. भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अंबानी ने अमेरिका और चीन के खिलाड़ियों को टक्कर देने के लिए इस क्षेत्र में प्रवेश किया.
एक रिपोर्ट में एडवर्ब के सीईओ संगीत कुमार के हवाले से कहा गया है कि नोएडा स्थित एडवर्ब के ह्यूमनॉइड रोबोट फैशन, खुदरा और ऊर्जा जैसे उद्योगों से संबंधित कार्य कर सकते हैं.
एडवर्ब के अलावा, अंबानी ने हनुमान एआई का भी समर्थन किया, जिसे इस साल भारतजीपीटी द्वारा लॉन्च किया गया था.
चीनी कंपनी ने एक महा-रोबोट तैयार किया है, जिसकी लंबाई 13 फीट है. यह हाइट द ग्रेट खली से करीब दोगुनी है. चाइना का रोबोट दोनों हाथों की मदद से 500 किलोग्राम वजन तक उठा सकता है और इसके काम में काफी एक्युरेसी है. कंपनी ने इसको हैवी ड्यूटी रोबोट बताया है.
क्या रोबोट भी बदसलूकी कर सकता है? आपके जेहन में ऐसा ही सवाल होगा. एक मामला सामने आया है जहां पुलिस ने एक रोबोट को जब्त किया है. आरोप है कि रोबोट ने 16 साल की एक लड़की के साथ छेड़छाड़ किया है.
रूस ने 2 अक्टूबर को सेंटर-2026 अभ्यास पूरा किया. झुंड में ड्रोन और रोबोटिक हमलों का प्रदर्शन हुआ. 47 हजार सैनिक शामिल रहे. पुतिन ने सहयोगी देशों के साथ युद्ध अनुभव साझा कर विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया.
यूक्रेन ने रूस से लड़ने के लिए और सैनिकों की जान बचाने के लिए रोबोट सेना बनाने का दावा किया है. ड्रोन सेना की सफलता के बाद अब हाई रिस्क जोन वाले काम रोबोट करेंगे. निजी कंपनियों और इंजीनियरों से भर्ती शुरू हुई है.
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट्स के प्रोडक्शन को नई रफ्तार दी है. UBTECH की नई फैक्ट्री में रोबोट्स खुद दूसरे रोबोट्स को बनाने में मदद कर रहे हैं. कंपनी के मुताबिक, यहां करीब हर 10 मिनट में एक नया रोबोट तैयार हो सकता है. फैक्ट्री में Walker S और Cruzr सीरीज के रोबोट्स का प्रोडक्शन किया जा रहा है और सालाना 10,000 रोबोट्स बनाने की क्षमता है.
एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसमें रोबोट्स मिनिस्ट्री के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और सख्त नियम की मांग कर रहे हैं. ह्यूमनॉइड और डॉग रोबोट्स घूम-घूम नारे लगा रहे हैं और झंडा फहरा रहे हैं. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
पूर्व ब्रह्मोस प्रमुख डॉ. सुधीर मिश्रा और डीआरडीओ के डॉ. हरि बाबू श्रीवास्तव ने सुरक्षा सभा में कहा कि भविष्य का युद्ध ड्रोन आधारित होगा. आत्मनिर्भर भारत, तेजी से तकनीक अपनाने और निर्यात क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया.
ह्यमनॉयड रोबोट का एक वीडियो फिर से वायरल हो गया है, जिसमें एक रोबोट ने तीन लोगों को सबक सिखा दिया, हालांकि बाद में बड़ी मुश्किल से रोबोट को कंट्रोल किया गया. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
चीन रोबोट्स का चैंपियनशिप आयोजित कर रहा है. वर्ल्ड ह्यूमनॉयड रोबोट्स का ये दूसरा सीजन है. इस दौरान रोबोट्स ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं. एक ऐसा भी मामला आया जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे रोबोट वजन उठाते ही लड़खड़ा कर जजेज की टेबल तक पहुंच गया.
चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ में 9.39 सेकंड का समय लेकर उसैन बोल्ट के 9.58 सेकंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. रोबोट की इस रफ्तार ने सभी को हैरान कर दिया.
मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक सैंडविच शॉप के उद्घाटन का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वजह दुकान नहीं, बल्कि वहां पहुंचा एक अनोखा मेहमान है.
चीन में रोबोट ओलंपिक से कुछ रोबोट का ट्रायल हुआ है. ट्रायल के दौरान बहुत से रोबोट में टेक्निकल खामी सामने आई और वे जमीन पर जा गिरे. कुछ रोबोट तो टीवार से टकरा गए और खराब होकर जमीन पर गिर पड़े.
भारतीय वर्कर्स ह्यूमनॉइड रोबोट को ट्रेन कर रहे हैं. लेकिन AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से डर है कि आने वाले समय में यही रोबोट उनकी नौकरियों की जगह ले सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
ऐमेजॉन की फ्रीडम सेल में Dreame के रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स सहित कई प्रोडक्ट्स सस्ते में मिलेंगे. कंपनी ने ऑफर्स का ऐलान कर दिया है. आइए जानते हैं कौन से प्रोडक्ट्स कितने सस्ते मिलते हैं.
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक तकनीक से दाहिनी तरफ मौजूद दिल की बेहद दुर्लभ और जटिल सर्जरी की। बिना सीना काटे मरीज का खराब वाल्व बदल दिया.
अमेरिकी ट्रंप सरकार धीरे धीरे करके चीन के कई टेक प्रोडक्ट्स बैन कर दिए हैं. ह्यूमनॉयड रोबोट, वैक्यूम क्लीनर्स और ड्रोन से लेकर कई तरह के टेक प्रोडक्ट्स को अमेरिका बैन कर रहा है. लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? वाकई नेशनल सिक्योरिटी की बात है या चीनी इनोवेशन से अमेरिका खौफ में है?
स्मार्टफोन कैमरे में हर साल कुछ नया देखने को मिलता है. रोबोट फोन एक नए तरह का अप्रोच है. दरअसल चीनी स्मार्टफोन मेकर Honor ने कन्फर्म किया है कि जल्द ही रोबोट फोन लॉन्च किया जाएगा. आइए जानते हैं इसे रोबोट फोन क्यों कहा जा रहा है और इसमें क्या खास है.
अमेरिका ने दूसरे देशों से आने वाले रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स को बैन कर दिया है. ट्रंप सरकार का मानना है कि रोबोट वैक्यूम क्लीनर्स नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकते हैं. बता दें कि ज्यादातर कंपनियां चीनी हैं.
अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले ह्यूमनॉयड रोबोट, रोबो डॉग के आयात पर बैन लगा दिया है. अमेरिका ने सुरक्षा का हवाला देते हुए इनपर बैन लगाया है. इस बैन का ऐलान मंगलवार को किया है. आइए इनके बारे में जानते हैं.
चीन ने दुनिया का पहला ऐसा रोबोट बनाया है, जिसका आधा शरीर इंसान (ह्यूमनॉइड रोबोट) जैसा और आधा शरीर जानवर के जैसा है. इसको सेंटोर रोबोट नाम दिया है. इन रोबोट को शंघाई स्थित रन रोबोटिक्स नाम की कंपनी ने बनाया है.
चीन की एक कंपनी ने एकदम नए रोबोट तैयार किए हैं, जो इंसानों के साथ एकदम नेचुरल तरीके से बातचीत कर पाएंगे. इसमें फेशियल एक्सप्रेशन के लिए चेहरे और शरीर पर एक सिलिकॉन की लेयर तैयार की है, जो उसको इंसान जैसा एक्सप्रेशन प्रोवाइड कराते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.