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'ये तो बिल्कुल मेरी तरह खेलता है...', 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुए वीरेंद्र सहवाग, कहा- उम्र नहीं, प्रदर्शन देखो

साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 से पहले भारतीय टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में निरंतरता बनाए रखना होगा. वहीं, वैभव सूर्यवंशी के लिए आने वाले समय में टीम में अपनी जगह मजबूत करने का रास्ता प्रदर्शन और मिले अवसरों से होकर गुजरेगा.

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वीरेंद्र सहवाग को वैभव सूर्यवंशी में दिखी अपनी झलक. (Photo: Reuters/PTI)
वीरेंद्र सहवाग को वैभव सूर्यवंशी में दिखी अपनी झलक. (Photo: Reuters/PTI)

टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए उन्हें ज्यादा मौके देने की वकालत की है. सहवाग का मानना है कि 15 वर्षीय वैभव की सोच काफी हद तक उनके जैसी है क्योंकि दोनों पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने में विश्वास रखते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सीनियर टीम में जगह तय करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि प्रदर्शन को आधार बनाया जाना चाहिए.

वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए अब तक आठ टी20 इंटरनेशनल मैचों में 30.75 के एवरेज से 246 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 186.36 रहा है. हालांकि, टीम में ओपनिंग के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे विकल्प होने के कारण उन्हें हर मैच में खेलने का मौका नहीं मिला है.

वीरेंद्र सहवाग ने शनिवार (10 अक्टूबर) को पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वार्षिक सत्र में चर्चा के दौरान वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, 'सूर्यवंशी इस समय अपने शानदार दौर में हैं और उनकी सोच कुछ हद तक मेरी जैसी है. वह पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने के बारे में सोचते हैं. अब यह देखना होगा कि उन्हें कब मौका मिलता है और वह भारत के लिए कितने मैच खेल पाते हैं.'
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अपने करियर में 17253 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले वीरेंद्र सहवाग खुद भी बेखौफ बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते थे. उनका मानना है कि वैभव सूर्यवंशी को नियमित मौके मिलने से वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अनुभव हासिल कर सकते हैं और अपने करियर को आगे बढ़ा सकते हैं.

उम्र कोई मायने नहीं रखता: सहवाग
वैभव सूर्यवंशी की उम्र को लेकर होने वाली चर्चा पर सहवाग ने साफ कहा कि आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में उम्र के नियम जरूरी हैं, लेकिन IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) या इंटरनेशनल क्रिकेट में पहुंचने के बाद खिलाड़ी का प्रदर्शन अधिक मायने रखता है. उन्होंने विराट कोहली और वैभव का उदाहरण देते हुए कहा, '38 साल के कोहली खेल रहे हैं और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी खेल रहे हैं. ऐसे में प्रदर्शन मायने रखता है.'
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वीरेंद्र सहवाग की इस टिप्पणी का संदेश साफ है- युवा खिलाड़ी को केवल उसकी उम्र के आधार पर नहीं आंकना चाहिए. अगर वह उच्च स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे अपनी प्रतिभा साबित करने के अवसर मिलने चाहिए. भारत की टी20 टीम में ओपनिंग के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बनी हुई है. हाल के मुकाबलों में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को प्राथमिकता मिली है.

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सहवाग ने बुमराह को लेकर क्या कहा?
वीरेंद्र सहवाग ने भारत की क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों पर भी बात की. उन्होंने शुभमन गिल की बल्लेबाजी की तारीफ की और भारतीय तेज गेंदबाजी को खिताब की दौड़ में अहम बताया. सहवाग ने कहा, 'हमारे तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह सबसे बेहतरीन हैं. अगर विश्व कप में हमारा गेंदबाजी आक्रमण मजबूत रहता है, तो हम आसानी से खिताब जीत सकते हैं.'

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रॉबिन सिंह ने भी वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की तारीफ की, लेकिन साथ ही टीम में जगह बनाने के लिए धैर्य रखने की सलाह दी. उन्होंने एक समाचार एजेंसी से कहा, 'सूर्यवंशी में भरपूर प्रतिभा है. अगर उन्हें बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़े, तो इसमें कोई परेशानी नहीं है. दूसरे खिलाड़ियों ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया है.'

रॉबिन सिंह के मुताबिक, टीम में प्रतिस्पर्धा होना जरूरी है, क्योंकि इससे हर खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होता है. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के लिए चुनौती अपनी बारी का इंतजार करने के साथ-साथ मिले अवसरों का पूरा फायदा उठाने की होगी.

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