वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) बिहार क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं. वे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. 2024 में महज 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में बिहार के लिए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया. आईपीएल ऑक्शन में 13 साल के वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ में खरीदा (IPL Auction).
वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) के खिलाफ तेज बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों में 97 रन बनाए. इस पारी में उन्होंने 5 चौके और 12 छक्के लगाए.
इस मैच के बाद वैभव ने आईपीएल इतिहास का एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो लंबे समय से क्रिस गेल (Chris Gayle) के नाम था. गेल ने आईपीएल 2012 में कुल 59 छक्के लगाए थे.
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी अब तक 65 छक्के लगा चुके हैं.
मैच के बाद क्रिस गेल ने भी वैभव को लेकर इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की. गेल ने अपनी पोस्ट में वैभव को “बेबी यूनिवर्स बॉस” कहा. उन्होंने एक ग्राफिक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि वैभव सूर्यवंशी एक नई “सिक्सर मशीन” बनकर सामने आए हैं.
बता दें कि क्रिस गेल को क्रिकेट जगत में “यूनिवर्स बॉस” के नाम से जाना जाता है.
इतना ही नहीं वैभव ने 25 अप्रैल 2026 को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ महज 36 बॉल में शतक लगाया था. यह आईपीएल का तीसरा सबसे तेज शतक था. इस पारी के दौरान वैभव 473 बॉल का सामना करते हुए टी20 में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए. सूर्यवंशी पारी के पहले ओवर में चार छक्के लगाने वाले पहले बैटर भी बन गए. वह 12 छक्के लगाकर एक आईपीएल पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय बन गए. उन्होंने 15 पारियों में 50 छक्के लगाए जो आईपीएल में सबसे तेज 50 सिक्स लगाने का रिकॉर्ड है.
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में इतिहास रचते हुए सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए. उन्होंन 28 अप्रैल 2025 को गुजरात के खिलाफ मात्र 35 गेंद पर शतक ठोक दिया(Vaibhav Suryavanshi IPL 2025).
सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले (Samastipur, Bihar) से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ताजपुर गांव में हुआ था. उन्होंने नौ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और शुरुआत में उनके पिता ने उन्हें कोचिंग दी. उन्होंने 12 साल की उम्र में बिहार अंडर 19 के लिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी खेली.
वैभव सूर्यवंशी ने जनवरी 2024 में मुंबई के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में बिहार के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया. ऐसा करने पर, वह बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए और कुल मिलाकर चौथे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी.
ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी खेलकर श्रीलंका-ए के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. लेकिन इस तूफानी पारी के पीछे एक दिलचस्प कहानी छिपी है.
वैभव सूर्यवंशी के नाम एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड जुड़ गया है. वैभव सूर्यवंशी ने 50 ओवर की क्रिकेट में सबसे तेज हाफ सेंचुरी बनाने का 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है. वैभव की इस शानदार पारी की वजह से टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज करके सीरीज अपने नाम की.
ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया. 15 वर्षीय बल्लेबाज की तूफानी पारी ने इंडिया-ए को खिताबी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. मैच के बाद वैभव ने अपनी रणनीति, दबाव और 50 ओवर क्रिकेट को लेकर खुलकर बात की. उनकी पारी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि आलोचकों को भी करारा जवाब देने का काम किया.
श्रीलंका में बल्ले से तूफान मचाने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अब इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने को तैयार हैं. ए-टीम ट्राई सीरीज फाइनल में सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन और 11 गेंदों में अर्धशतक लगाने के बाद वैभव की नजर आयरलैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू पर है.
श्रीलंका-ए के खिलाफ खिताबी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 324.14 की स्ट्राइक रेट से 94 रन बनाए. इस इनिंग्स ने इंडिया-ए की जीत की नींव रखी. वैभव अब पहले आयरलैंड और फिर इंग्लैंड की यात्रा करेंगे.आयरलैंड दौरे पर ही वैभव के इंटरनेशनल डेब्यू होने की संभावना है.
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने वैभव सूर्यवंशी को तेजी से मिल रही लोकप्रियता के बीच अहम सलाह दी है. श्रीसंत ने कहा कि वैभव को प्रोफेशनल मैनेजरों से दूरी बनाकर सिर्फ क्रिकेट पर फोकस करना चाहिए. उन्होंने वैभव के पिता और कोचों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि परिवार ही उनके करियर की जिम्मेदारी संभालने के लिए पर्याप्त है.
LA 2028: लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी से पहले पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने BCCI सेलेक्टर्स को बड़ा सुझाव दिया है. श्रीसंत ने कहा कि भारत को गोल्ड मेडल जीतने के लिए विराट कोहली को टीम में शामिल करना चाहिए. उनके मुताबिक वैभव सूर्यवंशी और विराट का अनुभव भारत के लिए आदर्श कॉम्बिनेशन साबित हो सकता है.
वैभव सूर्यवंशी को रोकने की कोशिश हुई, संभलकर खेलने की सलाह मिली, लेकिन फाइनल में उन्होंने वही किया जिसके लिए पूरी दुनिया उन्हें जानती है. 11 गेंदों में फिफ्टी, 29 गेंदों में 94 रन और श्रीलंका पर ऐसा हमला कि हर रणनीति बेकार साबित हो गई. दांबुला में वैभव ने साबित कर दिया- उनका नेचुरल गेम ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
India A vs Sri Lanka A, Final 2026: रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच टक्कर हुई. खिताबी मुकाबले में तिलक वर्मा ब्रिगेड ने जबरदस्त खेल दिखाया और ट्रॉफी जीती. भारतीय टीम की जीत के सबसे बड़े स्टार वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने फाइनल में बल्ले से कहर बरपाया.
वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में 324.14 की स्ट्राइक रेट से 94 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी के दम पर इंडिया-ए ने 50 ओवरों में 9 विकेट पर 377 रन बना डाले. जवाब में श्रीलंका-ए की पूरी टीम 311 रनों पर सिमट गई और इंडिया-ए ने 66 रनों से मुकाबले को अपने नाम कर लिया. वैभव ने आईपीएल और अंडर-19 विश्व कप में भी तूफानी प्रदर्शन किया था.
वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ खिताबी मुकाबले में 29 बॉल पर 94 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी ने इस दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड बना दिया. वैभव अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी जमाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं.
दांबुला में इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीम्स ट्राई सीरीज के फाइनल आमने-सामने हुई हैं. इस मैच में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से आग उगली और धमाकेदार प्रदर्शन कर एक बार फिर फैन्स का दिल जीत लिया.
ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से नया इतिहास रच दिया. 15 वर्षीय बल्लेबाज ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. श्रीलंका-ए के खिलाफ खेली गई उनकी 94 रन की पारी ने मैच का रुख बदल दिया. शतक से चूकने के बावजूद उनकी यह पारी क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई है.
ट्राई सीरीज फाइनल में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मुकाबले का रंग बदल दिया. श्रीलंका-ए के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन बनाकर भारतीय टीम को शानदार शुरुआत दिलाई. वैभव ने चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. शतक से चूकने के बावजूद उनकी यह पारी फाइनल की सबसे चर्चित और प्रभावशाली पारियों में शामिल हो गई.
दांबुला में इंडिया-ए और श्रीलंका-ए आमने-सामने होंगे. जहां एक तरफ तिलक वर्मा की टीम ट्रॉफी जीतने के इरादे से उतरेगी, तो दूसरी ओर मेजबान श्रीलंका-ए घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगी. सभी की नजरें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर होंगी, जो फाइनल में बड़ी पारी खेलकर अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे.
श्रीलंका-ए के खिलाफ फाइनल में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन ना सिर्फ इंडिया-ए की किस्मत तय कर सकता है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की दिशा भी तय करने में भी सहायक साबित होगा. वैभव सर्यवंशी श्रीलंका दौरे के बाद आयरलैंड और इंग्लैंड की यात्रा करेंगे.
इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले से पहले वैभव सूर्यवंशी से जुड़ा विवाद फिर चर्चा में है. पिछले मैच में हुई बहस और धक्का-मुक्की के बाद अब श्रीलंका-ए के कप्तान सहान अराचिगे ने अपनी टीम का पक्ष रखा है. उन्होंने खिलाड़ियों पर किसी को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज किया. ऐसे में फाइनल मुकाबले पर क्रिकेट के साथ-साथ इस विवाद की भी नजरें टिकी हुई हैं.
इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच ट्राई सीरीज का खिताबी मुकाबला खेला जाएगा. आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले वैभव सूर्यवंशी इस मुकाबले के जरिए तूफानी फॉर्म में लौटना चाहेंगे. 15 साल के वैभव मौजूदा सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं.
Vaibhav Sooryavanshi को लेकर जारी बहस के बीच वसीम जाफर ने उन्हें महत्वपूर्ण सलाह दी है. उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी कामयाबी के लिए अनुशासन और खेल पर फोकस जरूरी होता है. जाफर ने संकेत दिया कि वैभव को विवादों से दूर रहकर अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए.
इंडिया ए के यंग बैटर वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशेन हलामबागे के बीच हुए विवाद के बाद पूर्व इंडियाीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है. जाफर ने कहा कि बढ़ती लोकप्रियता के साथ विरोधी खिलाड़ी उकसाने की कोशिश करेंगे, लेकिन वैभव को हर हाल में संयम रखना होगा. उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए युवा बल्लेबाज को सीख लेने की सलाह दी.
वैभव सूर्यवंशी के लिए श्रीलंका ए-टीम ट्राई सीरीज का फाइनल डेब्यू से पहले बड़ा इम्तिहान बन गया है. अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत को चैम्पियन बनाने वाले वैभव से अब एक बार फिर बड़े मंच पर धमाके की उम्मीद है.