13 सितंबर (रविवार) का दिन भारतीय फैन्स के लिए शानदार रहा. एक ही दिन में भारतीय खिलाड़ियों ने हॉकी, क्रिकेट और तीरंदाजी में देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. हॉकी में भारत ने डबल धमाल किया, क्रिकेट में श्रीलंका और अफगानिस्तान को मात दी, जबकि तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा ने ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की.
हॉकी में भारत का डबल धमाल
भारतीय हॉकी के लिए तो गत रविवार बेहद खास रहा. पुरुष और महिला दोनों टीमों ने चीन के मोकी में जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला और इस डबल जीत ने फैन्स की खुशी दोगुनी कर दी.
𝗪𝗘 𝗗𝗜𝗗 𝗜𝗧! 🇮🇳🏆
— Hockey India (@TheHockeyIndia) September 13, 2026
The Indian Junior Men’s Team have conquered the continent once again, beating South Korea 4–1 in the AHF Junior Asia Cup 2026 final to successfully defend their crown! 🏑🥇
The title win also seals India’s spot at the FIH Junior World Cup! 🌏🏆… pic.twitter.com/SreJosuZin
भारतीय पुरुष टीम ने साउथ कोरिया को 4-1 से हराया. इससे पहले वह 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में भी यह खिताब जीत चुकी है.
वहीं, भारतीय महिला टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर जीत हासिल की. यह भारतीय महिला टीम की जूनियर एशिया कप में लगातार तीसरी खिताबी जीत थी.
𝗔 𝗪𝗘𝗟𝗟-𝗗𝗘𝗦𝗘𝗥𝗩𝗘𝗗 𝗥𝗘𝗪𝗔𝗥𝗗! 🏆🇮🇳
— Hockey India (@TheHockeyIndia) September 13, 2026
Hockey India rewards the Indian Junior Women’s Team for their title-winning campaign at the AHF Junior Asia Cup 2026!
₹3 lakh to each player and ₹1.5 lakh to each of the support staff. 🥇🔥
The title win also confirms a spot… pic.twitter.com/CO5kP3pFJP
इससे पहले महिला टीम ने 2023 और 2024 में खिताब अपने नाम किया था. भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम को जीत की बधाई दी.
A proud moment for Indian cricket!
— Narendra Modi (@narendramodi) September 14, 2026
Congratulations to the Women’s team on winning the Asia Cup. Their confidence, consistency and remarkable spirit were on full display throughout the tournament.
May this triumph inspire millions of youngsters across the country to play more…
एशिया कप में श्रीलंका की धुलाई
क्रिकेट के मैदान पर भी टीम इंडिया का जलवा देखने को मिला. भारतीय महिला टीम ने दुबई में श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए विमेंस एशिया कप 2026 का फाइनल जीत लिया. टीम इंडिया ने 8वीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. टीम इंडिया ने श्रीलंका को 72 रनों से हराया.
पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में 183/5 रन बनाए. टीम इंडिया की शुरुआत बेहद मजबूत रही. स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़े. स्मृति मंधाना ने 59 और शेफाली वर्मा ने 68 रनों की शानदार पारी खेली. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 14, ऋचा घोष ने 17 और जी. कमालिनी ने 15* रनों की उपयोगी पारियां खेलीं.
𝗖. 𝗛. 𝗔. 𝗠. 𝗣. 𝗜. 𝗢. 𝗡. 𝗦 🏆
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 13, 2026
A flawless campaign capped by sheer brilliance 🇮🇳🥳
Congratulations to #TeamIndia on winning the #WomensAsiaCup 👏👏
Scorecard ▶️ https://t.co/knKLXGSfOd #INDvSL pic.twitter.com/O3KaZ0oA3p
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत हेहद खराब रही. महज 4 रनों के स्कोर पर श्रीलंका को पहला झटका लगा. यहां से कप्तान चमारी अट्टापट्टू और विश्मी गुणारत्ने के बीच 58 रनों की साझेदारी हुई.
लेकिन दीप्ति शर्मा ने अपने एक ही स्पेल में दोनों सेट बल्लेबाजों को आउट कर दिया. इसके बाद श्री चरणी की शानदार गेंदबाजी ने श्रीलंका की बची हुई उम्मीद भी तोड़ दी. श्री चरणी ने 4 और दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट झटके. शेफाली वर्मा को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया.
Pure joy and unfiltered emotions 🥳
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 14, 2026
🎥 Catch #TeamIndia's heartwarming 𝙍𝙖𝙬 𝙍𝙚𝙖𝙘𝙩𝙞𝙤𝙣𝙨 moments after sealing the #WomensAsiaCup triumph 🇮🇳🏆#INDvSL pic.twitter.com/e4zYfBAvSE
भारतीय बल्लेबाजों ने जहां रन बरसाए, वहीं गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. टीम इंडिया ने मैच में शुरुआत से ही पकड़ बनाए रखी और आखिरकार श्रीलंका को शिकस्त देकर जीत हासिल की.
अफगानिस्तान को पहले टी20 में रौंदा
भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर (रविवार) को नई दिल्ली में टी20 सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली.
पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने 20 ओवर में 156/8 रन बनाए. टीम इंडिया के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 43 रनों के स्कोर तक अफगानिस्तान के 5 बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया. अजमतुल्लाह उमरजई और मोहम्मद नबी ने अफगानिस्तान की पारी को संभाला और दोनों के बीच 56 गेंदों में 83 रनों की साझेदारी हुई. उमरजई ने 44 गेंदों में 64 और नबी ने 27 गेंदों में 33 रनों की पारी खेली.
Destructive. Decisive. Decorated. ✨
— BCCI (@BCCI) September 13, 2026
A well-deserved Player of the Match award for Abhishek Sharma 👏
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भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए. वहीं, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने 1-1 विकेट झटके. लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की ओर से अभिषेक शर्मा ने धमाकेदार 32 गेंदों में 82 रनों की पारी खेली.
अभिषेक ने अपनी इस पारी में 7 चौके और 7 छक्के जड़े. ईशान किशन ने भी 33 गेंदों में 42 रन बनाए. वहीं, संजू सैमसन महज 10 रन बनाकर आउट हो गए. अभिषेक को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला.
A convincing 7️⃣-wicket win in the series opener 💙
— BCCI (@BCCI) September 13, 2026
Positive start for #TeamIndia in the Friendship Cup 👏
Scorecard ▶️ https://t.co/Wacwj3tM4l#AFGvIND pic.twitter.com/jNer7opNyN
धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास
भारतीय तीरंदाजी के लिए 13 सितंबर (रविवार) का दिन ऐतिहासिक रहा. रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने मेक्सिको के साल्टिलो में खेले गए आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया. 25 साल के धीरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को बेहद रोमांचक मुकाबले में शूट-ऑफ के जरिए 6-5 से मात दी.
इस जीत के साथ धीरज वर्ल्ड कप फाइनल में व्यक्तिगत रिकर्व खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए. वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में व्यक्तिगत खिताब जीतने वाले भारत के सिर्फ दूसरे तीरंदाज हैं. उनसे पहले डोला बनर्जी ने 2007 में महिलाओं का रिकर्व खिताब जीता था.
गोल्ड मेडल मैच में धीरज और नाकानिशी के बीच शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला देखने को मिला.पहला सेट 28-28 से बराबर रहा. दूसरे सेट में जापानी तीरंदाज ने 29-28 से बाजी मारकर बढ़त बनाई.
धीरज ने तीसरे सेट में शानदार वापसी की और 29-28 से इसे अपने नाम किया.हालांकि, नाकानिशी ने चौथे सेट में 30-28 से जीत हासिल कर फिर बढ़त बना ली.
A new chapter in Indian archery! 🇮🇳🏹
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) September 14, 2026
Heartiest congratulations to Dhiraj Bommadevara on becoming India’s first-ever Men’s Individual Recurve Gold medallist at the Archery World Cup Final! pic.twitter.com/8UiUUHz0uC
अब धीरज के सामने मुकाबला बचाने की चुनौती थी. पांचवें और निर्णायक सेट में भारतीय तीरंदाज ने दबाव के बीच शानदार संयम दिखाया और 28-27 से सेट जीत लिया. स्कोर 5-5 होने के बाद मुकाबला शूट-ऑफ में पहुंच गया.
शूट-ऑफ में दोनों खिलाड़ियों के सामने सिर्फ एक मौका था. धीरज ने दबाव के बावजूद निशाने के बिल्कुल करीब 10 अंक हासिल किए, जबकि नाकानिशी का तीर 9 अंक पर रुका.
बस यही एक अंक धीरज को इतिहास रचने के लिए काफी था. 10-9 की जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी के लिए नया इतिहास भी लिख दिया.
धीरज इससे पहले 2023 और 2024 के वर्ल्ड कप फाइनल में भी हिस्सा ले चुके थे, लेकिन दोनों बार उन्हें पदक नहीं मिल सका था. इस बार उन्होंने उस कमी को शानदार अंदाज में पूरा किया.