पंजाब के संगरूर जिले की शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और फर्जी आंकड़ों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. संगरूर के शिक्षा ढांचे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है.
इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की और मामले पर सख्त रुख अपनाया है.
शिकायत के मुख्य बिंदु:
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संगरूर के स्कूलों में फर्जी छात्र नामांकन दिखाए गए और कागजों पर झूठी उपस्थिति दर्ज की गई. दूसरा आरोप यह है कि फर्जी रिकॉर्ड्स के जरिए अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के हिस्से की छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप), भोजन निधि (फूड फंड्स) और स्कूल अनुदान के पैसों का गबन किया गया है.
इस मामले को लेकर भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और शिक्षा फंड्स के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का दावा किया गया है. याचिका में मांग की गई है कि हाशिए पर मौजूद SC छात्रों के लिए आए फंड के कथित डायवर्जन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए.
वहीं पंजाब सरकार में मंत्री डॉ बलबीर सिंह ने गुमनाम शिकायत दर्ज करने के लिए बीजेपी के डर्टी ट्रिक डिपाटर्मेंट को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि यह ED सरकार का काम है.
इस मामले में बीजेपी नेता तरुण चुग ने ट्वीट किया है, यहां देखें
शिरोमणि अकाली दल के विक्रम सिंंह मजीठिया ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात कुछ यूं रखी है...
'इंडिया टुडे' से बातचीत में क्या बोले NCSC अध्यक्ष
पूरे विवाद पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन किशोर मकवाना ने कहा कि हां हमें इस संबंध में शिकायतें मिली हैं. हम इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने जा रहे हैं. हमें अतीत में भी इस तरह की कई शिकायतें मिली हैं. इसमें फंड के डायवर्जन और गबन की शिकायतें शामिल हैं. हम ऐसी चीजों को लेकर बेहद गंभीर हैं... आम आदमी पार्टी सरकार राज्य में SC छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. राज्य में SC प्रोफेसरों को भी परेशान किया जा रहा है.
पंजाब सरकार के मंत्री का आया जवाब
वहीं AAP के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुमनाम शिकायत दर्ज कराने के लिए BJP के 'डर्टी ट्रिक डिपार्टमेंट' को ज़िम्मेदार ठहराया है और कहा है कि यह ED सरकार का काम है. उन्होंने कहा कि कई और गंभीर केस हैं, जहां जांच की जरूरत है. जैसे कि 600 करोड़ का बैंक घोटाला. वे 6 पार्टियां जिन्होंने गुजरात में उम्मीदवार खड़े किए हैं. लेकिन ये लोग छोटी छोटी शिकायतें लेकर आ रहे हैं.
शिक्षा मंत्री बोले- बदले की भावना से की गई थी शिकायत
संगरूर के स्कूल में करोड़ों के घोटाले के आरोपों पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि हमने संगरूर के स्कूल में पैसों की हेराफेरी (घोटाले) के आरोपों की जांच कराई थी. जांच में सामने आया कि संगरूर के एक ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल में दरअसल एक शिक्षक और गांव की पंचायत के बीच का विवाद था. गांव की पंचायत ने शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी कि वे बच्चों के साथ मारपीट करती हैं.
जांच के बाद उस शिक्षक का तबादला (ट्रांसफर) कर दिया गया था. इसके बाद, उस शिक्षक ने (बदले की भावना में) शिकायत दर्ज कराई कि स्कूल में फर्जी दाखिले दिखाए गए हैं. हमारी टीमों और अलग-अलग स्तर के अधिकारियों ने इसकी पूरी जांच की, लेकिन वहां ऐसा कोई मामला नहीं पाया गया. स्कूल के बच्चों, उनके माता-पिता और पंचायत से पूछताछ की गई, यहां तक कि मिड-डे मील के रिकॉर्ड को भी जांचा गया. जांच में घोटाले या किसी भी तरह की गड़बड़ी की बात पूरी तरह गलत पाई गई और कोई मुद्दा नहीं मिला.