अफगानिस्तान
अफगानिस्तान का आधिकारिक नाम इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान है (Islamic Emirate of Afghanistan). यह मध्य और दक्षिण एशिया के चौराहे पर स्थित एक भूमि से घिरा देश है. इसकी सीमा पूर्व और दक्षिण में पाकिस्तान, पश्चिम में ईरान, उत्तर-पश्चिम में तुर्कमेनिस्तान, उत्तर में उज़्बेकिस्तान, उत्तर पूर्व और पूर्व में ताजिकिस्तान और चीन से लगती है (Afghanistan Geographical Location).
इसका क्षेत्रफल 652,864 वर्ग किलोमीटर है (Afghanistan Area). देश मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण-पश्चिम में मैदानी इलाकों और पहाड़ी है, जो हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला से अलग होते हैं. 2021 तक, इसकी जनसंख्या 42 लाख है (Afghanistan Population). काबुल देश का सबसे बड़ा शहर है और इसकी राजधानी है (Kabul, Capital of Afghanistan).
मध्य पुरापाषाण काल के समय से अफगानिस्तान में इंसानों के रहने के प्रमाण मिले हैं. ऐतिहासिक सिल्क रोड (Silk Road) के साथ देश की रणनीतिक स्थिति ने इसे एशिया के साथ-साथ यूरोप के अन्य हिस्सों की संस्कृतियों से जोड़ा है. इसकी भूमि ऐतिहासिक रूप से विभिन्न लोगों का घर रही है. सिकंदर, मौर्य साम्राज्य, अरब मुसलमानों, मंगोलों, ब्रिटिश, सोवियत सहित कई सैन्य अभियानों का ये देश गवाह रहा है. अफगानिस्तान को 'साम्राज्यों के कब्रिस्तान' (Graveyard of Empires, Afghanistan) के रूप में भी जाना जाता है. अफगानिस्तान में ग्रीको-बैक्ट्रियन और मुगल, अन्य लोगों के बीच, प्रमुख साम्राज्य भी बनाए गए. ईरानी और भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्रों के विभिन्न विजयों और अवधियों ने पूरे इतिहास में इस क्षेत्र को पारसी धर्म, बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म और बाद में इस्लाम का केंद्र बना दिया (History of Afghanistan).
अफगानिस्तान का आधुनिक राज्य 18वीं शताब्दी में दुर्रानी राजवंश के साथ शुरू हुआ, जिसमें दुर्रानी अफगान साम्राज्य का गठन अहमद शाह दुर्रानी ने किया था. दुर्रानी साम्राज्य अपने चरम पर पूर्वी ईरान से उत्तरी भारत तक फैला हुआ था. इसके पतन और अहमद शाह दुर्रानी और तैमूर शाह की मृत्यु के बाद, इसे कई छोटे स्वतंत्र राज्यों में विभाजित किया गया, जहां हेरात, कंधार और काबुल के बीच गृहयुद्ध की स्थिति बनी रही (Afghanistan Durrani Dynasty).
1970 के दशक के उत्तरार्ध से, अफगानिस्तान के इतिहास में व्यापक युद्ध का बोलबाला रहा है, जिसमें तख्तापलट, क्रांतियां, आक्रमण, विद्रोह और गृह युद्ध शामिल हैं. देश वर्तमान में तालिबान के नियंत्रण में है (Afghanistan seized by Taliban's forces).
देश में आतंकवाद, गरीबी और बाल कुपोषण के उच्च स्तर हैं. अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था दुनिया की 96वीं सबसे बड़ी है, जिसका सकल घरेलू उत्पाद (GDP Afghanistan) 72.9 अरब डॉलर है. प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (PPP Afghanistan) के मामले में देश की स्थिति बहुत खराब है जो 2018 तक 186 देशों में से 169 वें स्थान पर है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष में हस्तक्षेप करने की बात कही है. उन्होंने पाकिस्तान के साथ अपने मजबूत संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान इस समय शानदार काम कर रहा है.
करीब 24 घंटे पहले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ चुका है।दोनों मुल्कों की सेनाएं एक दूसरे पर जमीन और आसमान से हमले कर रही हैं. अफगानिस्तान की सेना जमीन के रास्ते बॉर्डर पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों को तबाह कर रही हैं तो पाक के लड़ाकू विमान अफगानिस्तान पर बम बरसा रहे हैं. महज 24 घंटों के अंदर दोनों तरफ से सैकड़ों सैनिकों के मारे जाने की खबर हैं. बॉर्डर के कई इलाकों में गोलाबारी जारी हैं. देखें दस्तक.
Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष तीव्र हो गया है. पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में एयर स्ट्राइक की, जिसके जवाब में तालिबान ने सीमा चौकियों पर बड़े हमले शुरू किए. दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाई से तनाव बढ़ा है, और कतर की मध्यस्थता में युद्धविराम खतरे में है. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश की सुरक्षा का संकल्प जताया, जबकि तालिबान ने जोरदार जवाब की चेतावनी दी.
तालिबान ने चेतावनी दी थी कि अगर पाकिस्तान ने उस पर गलती से भी कोई हमला किया तो वह इस्लामाबाद में घुसकर पलटवार करेगा. अब यह आशंका हकीकत में बदली है. अफगान बॉर्डर फोर्सेज के प्रवक्ता के अनुसार तालिबान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के प्रधानमंत्री आवास से केवल 5 किलोमीटर दूर ड्रोन हमले किए हैं. इस हमले में इस्लामाबाद के अलावा नौशेरा और एबटाबाद के आर्मी कैंप भी निशाने पर रहे. देखें वीडियो.
आज सबसे पहले हम आपको अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच शुरू हो चुकी भीषण जंग के बारे में बताएंगे. पाकिस्तान के हमले के बाद Afghan Border Forces'' के जवानों ने जबरदस्त पलटवार किया और पाकिस्तान पर इस साल का सबसे बड़ा हमला किया. इस हमले में पाकिस्तान के 50 से ज्यादा सैनिक मारे गए और तालिबान ने पाकिस्तान की 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया. दावा किया जा रहा है पाकिस्तान के सैनिक पीठ दिखाकर भाग रहे हैं और तालिबान की सेना ने उनके हथियारों को भी अपने कब्जे में ले लिया.
1990 के दशक में जब अफगानिस्तान के मुजाहिद्दीन सोवियत संघ के खिलाफ लड़ रहे थे, उस समय हिबतुल्लाह अखुंदजादा, हिज़्ब-ए-इस्लामी में शामिल हुए थे. यह संगठन वहीं कट्टरपंथी समूह था जिसे मुजाहिद्दीन नेताओं ने स्थापित किया था. उनका मकसद अफगानिस्तान में इस्लामी शासन स्थापित करना था. Middle East Institute के अनुसार, उन्होंने आत्मघाती हमलावरों की नई फौज बनाई जो उनके कट्टरपंथ को दर्शाती है.
अफगानिस्तान और तालिबान का बॉर्डर 1893 में खींचा गया. लगबग सवा सौ साल गुजर जाने के बाद भी ये रेखा दो इस्लामी देशों के बीच कट्टर दुश्मनी की वजह बनी है. ऐतिहासिक दर्रों, नदियों, पहाड़ों और घाटियों से होकर गुजरती इस रेखा ने कागज पर जमीन के दो टुकड़े तो कर दिए, लेकिन यहां मालिकाना हक उसी का रहा, जिसके पास ताकत रही.
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय की बॉर्डर पुलिस के प्रवक्ता अब्दुल्ला फारूकी ने एक एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि अफगानिस्तान तालिबान का कहना है कि उन्होंने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एयर स्ट्राइक की है. यह दावा उस क्षेत्र में हाल ही में बढ़ती तनाव की पृष्ठभूमि में आया है और यह सुरक्षा स्थिति पर असर डाल सकता है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की लड़ाई दूसरे दिन में प्रवेश कर चुकी है. आज पाकिस्तान सेना ने स्वीकार किया है कि इस जंग में अबतक उसके 12 जवान मारे गए हैं, जबकि 27 जख्मी है. पाकिस्तानी की माने तो उसने 274 अफगानियों को मार गिराया है. इस बीच अफगानिस्तान के आर्मी चीफ फितरत ने कहा है कि एक भी हमला बिना जवाब के नहीं रहेगा.
अगर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खुला सैन्य संघर्ष बढ़ता है, तो उसका भारत पर भी असर दिखेगा. अफगानिस्तान में अस्थिरता बढ़ने से क्षेत्र में चरमपंथी गतिविधियों का जोखिम बढ़ सकता है.
अफगानिस्तान की सीमा पर पाकिस्तान द्वारा की गई एयर स्ट्राइक ने भारी तबाही मचा दी. आसमान से बरसते गोले और धमाकों से इलाके में मलबा फैला हुआ है और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इस हवाई हमले के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इस घटना से अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में तनाव भी बढ़ा है.
अफगान तालिबान ने इस्लामाबाद समेत पाकिस्तान पर ड्रोन हमलों का दावा किया, लेकिन पाकिस्तान ने इन्हें रोकने की बात कही है. इस्लामाबाद के आसपास HQ-9, HQ-16 और FM-90 जैसे चाइनीज मिसाइल सिस्टम तैनात हैं, जो 70-80% चीन से हैं. क्या ये सिस्टम इस बार भी फेल हो गए, जैसे पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में हुए थे.
Afghan Taliban के drone attack दावों के बीच सवाल—क्या Islamabad में तैनात Chinese HQ-9, HQ-16 और FM-90 systems सफल रहे? Pakistan ने interception का दावा किया, जबकि tension बढ़ी। जानें air defense capability और ground reality.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव ने शुक्रवार को खुली जंग का रूप ले लिया है. इस संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है और चीन, रूस, ईरान, तुर्की सहित कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नागरिक सुरक्षा पर जोर दिया है.
अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के जंग ए ऐलान के बाद पाकिस्तानी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. पाकिस्तान का शेयर बाजार 3000 अंक से ज्यादा गिर चुका है.
अफगानिस्तान का नाम सुनते ही अक्सर युद्ध और अस्थिरता की तस्वीर सामने आती है, लेकिन इस खौफ के साए में भी एक समृद्ध इतिहास और बेमिसाल प्राकृतिक सुंदरता छिपी है. सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद यहां की कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहें आज भी अफगानिस्तान की असली पहचान को जीवित रखे हुए हैं.
अफगानिस्तान गृह मंत्रालय की बॉर्डर पुलिस के प्रवक्ता अब्दुल्ला फारूकी ने बताया कि अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद पर एयरस्ट्राइक की है. इस हमले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के ऑफिस के पास स्थित आर्मी कैंप सहित इस्लामाबाद, नौशेरा और एबटाबाद के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.
तालिबान की सबसे बड़ी ताकत गुरिल्ला युद्ध है. इसी छापामार रणनीति से उन्होंने सोवियत रूस और अमेरिका को 20 साल तक थका-थका कर हराया. अब अफगान-पाक सीमा पर वही तरीका अपना रहे हैं – अचानक हमला, आईईडी ब्लास्ट, फिर पहाड़ों में गायब. पाक सेना भारी नुकसान झेल रही है. 2021 से अब तक 1000 से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं.
Afghanistan-Pakistan tension के बीच Taliban की guerrilla warfare strategy फिर चर्चा में. अचानक हमले, IED blasts और border clashes से बढ़ी चुनौती. Experts मानते हैं कि पहाड़ी terrain और local support इस conflict को जटिल बना रहे हैं.
अफगानिस्तान ने अपनी हवाई शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ऑफिस से मात्र 5 किलोमीटर दूर तक अटैक करने में सफल रहा है. अफगानिस्तान बॉर्डर पुलिस ने आजतक से खास बातचीत में कहा है कि अफगानिस्तान ने 27 फरवरी की सुबह 11 बजे इस्लामाबाद पर अटैक किया है.
अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने Islamabad में PM Office से 5KM दूर military camp को निशाना बनाया. Pakistan ने drone attack की कोशिश मानते हुए उसे नाकाम बताया. Kabul-Kandahar airstrikes के बाद बढ़ा Afghanistan-Pakistan tension, दोनों तरफ से heavy damage के दावे.