हॉकी एक गेम है (Hockey). हॉकी कई प्रकार की होती है जैसे "फील्ड हॉकी", "आइस हॉकी", "रोलर हॉकी", "रिंक हॉकी", या "फ्लोर हॉकी" (Types of Hockey Game). कुछ खेल स्केट्स का उपयोग करते हैं. हॉकी इंडिया भारत में पुरुष और महिला हॉकी दोनों के लिए सभी योजनाओं के निर्देशन और संचालन करती है. यह भारत के युवा मामले और खेल मंत्रालय सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है, जो भारत में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए एकमात्र निकाय के रूप में काम करता है. 2008 में IOA ने भारतीय हॉकी महासंघ को बर्खास्त करने के बाद इसका गठन किया था.
हॉकी इंडिया की स्थापना 20 मई 2009 को हुई थी (Foundation of Hockey India) और यह अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और एशियाई हॉकी महासंघ (AHF) से संबद्ध है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है (Hockey India Headquarter).
हॉकी इंडिया भारतीय खेल प्राधिकरण और खेल विभाग, भारत सरकार की सहायता से सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करता है. हॉकी इंडिया तकनीकी अधिकारियों और अंपायरों को प्रशिक्षित करती है. 24 जुलाई 2008 को भारत में एक समारोह में गेम इसका लोगो लॉन्च किया गया था. यह भारतीय ध्वज के अशोक चक्र जैसा दिखता है. यह हॉकी स्टिक से बना होता है (Hockey India Logo).
हॉकी इंडिया ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों मंचों पर एक खेल के रूप में फील्ड हॉकी को बढ़ावा देने के लिए हॉकी खिलाड़ियों के लिए 2014 से "हॉकी इंडिया वार्षिक पुरस्कार" की स्थापना की (Hockey India Awards).
स्पेन के खिलाफ खिताबी मुकाबले में जर्मन टीम के डिफेंडरों और गोलकीपर ने कमाल का खेल दिखाया. स्पेनिश खिलाड़ियों ने लगातार आक्रामण किए, लेकिन जर्मनी की टीम ने हर अटैक को नाकाम किया. जर्मनी के लिए मिचेल स्ट्रुथॉफ ने मैच का इकलौता गोल दागा.
जिस खिलाड़ी के नाम पर देश का सर्वोच्च खेल सम्मान रखा गया, जिसकी उपलब्धियों ने भारतीय हॉकी को दुनिया में पहचान दिलाई और जिसका जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस बन गया, उसके लिए भारत रत्न का इंतजार आज भी खत्म नहीं हुआ है. यही मेजर ध्यानचंद की कहानी का सबसे बड़ा अनुत्तरित सवाल है.
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के वर्ल्ड कप से सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने हॉकी मैनेजमेंट पर तीखा हमला बोला है. पुरुष टीम अर्जेंटीना से 3-5 से हारी और महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद बाहर हुई. श्रीजेश ने कोचिंग, तैयारी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए.
पांच साल पहले टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सनसनी मचा दी थी. इस बार वैसा उलटफेर नहीं हो सका. डिफेंस ने अपना काम किया, लेकिन गोलपोस्ट के सामने हुई गलतियों ने भारत से सेमीफाइनल का टिकट छीन लिया.
टीम इंडिया को पहले अर्जेंटीना के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करनी होगी. फिर उम्मीद करनी होगी कि नीदरलैंड्स के हाथों इंग्लैंड को करारी शिकस्त मिले. मौजूदा समीकरण को देखते हुए एक-एक गोल भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने या वर्ल्ड कप से बाहर होने का फैसला कर सकता है.
महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा. भारत ने पूल D में दूसरा स्थान हासिल किया और बिना कोई मैच गंवाए वर्ल्ड कप के अगले दौर में जगह बना ली.
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 5-3 से हराने के बाद विरोधी खिलाड़ियों से पारंपरिक हैंडशेक नहीं किया, लेकिन खेल भावना दिखाते हुए हाई-फाइव जरूर किया, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तान के खिलाफ नो-हैंडशेक नीति क्रिकेट में पहले ही दिख चुकी है, हालांकि हॉकी इंडिया ने हाथ मिलाने पर कोई बैन नहीं लगाया है.
भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी वर्ल्ड कप का मुकाबला बुधवार को नीदनलैंड्स के एम्स्टेलवीन में हैं. इस मैच को लेकर फैन्स में अलग लेवल का जोश है. पूल डी के इस मुकाबले के सारे टिकट बिक गए हैं.
FIH महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने साउथ अफ्रीका को 6-1 से करारी शिकस्त देकर पूल-D में टॉप स्थान हासिल कर लिया. भारत के लिए सुनीलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका सेहरावत, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने गोल किए. साउथ अफ्रीका के लिए कायला डे वाल ने आखिरी क्वार्टर में एक गोल किया. अब भारत का सामना इंग्लैंड से होगा.
इंग्लैंड के खिलाफ इस अहम मैच में भारतीय टीम ने गोल करने के कई मौके बनाए. लेकिन इन मौकों को गोल में नहीं बदल पाने का खामियाजा अंत में भारतीय टीम को भुगतना पड़ा. इससे पहले भारत ने अपने पहले मैच में वेल्स को हराया था.
टीम इंडिया ने महिला हॉकी वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल को बराबरी पर रोक लिया. चीन के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने डटकर सामना किया.
हॉकी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की वापसी हार के साथ हुई. इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 की हार के बीच पाकिस्तान की टीम पेनल्टी कॉर्नर का जरूरी सुरक्षात्मक गियर ड्रेसिंग रूम में ही भूल गई. इस लापरवाही पर पूर्व कप्तान सलमान अकबर ने टीम की तैयारी और अनुशासन पर सवाल उठाए.
भारत शनिवार (15 अगस्त) से शुरू होने वाले FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में 51 साल का खिताबी सूखा खत्म करने उतरेगा. हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम पूल D में वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ है. टीम का अभियान 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ शुरू हो रहा है. जानिए पूरा शेड्यूल, फॉर्मेट, स्क्वॉड, लाइव टेलीकास्ट और भारत की ताकत-कमजोरी.
भारतीय टीम के स्टार मिडफील्डर मनप्रीत सिंह अपने चौथे वर्ल्ड कप को लेकर बेहद इमोशनल हैं. उन्होंने कहा कि यह संभवतः उनका आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है और वह इसे यादगार बनाना चाहते हैं. भारत 1975 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप जीतने के इरादे से उतरेगा. मनप्रीत को भरोसा है कि टीम फाइनल तक पहुंचेगी.
हॉकी इंडिया ने क्या राष्ट्रीय टीम की पहचान से जुड़े इतने अहम फैसले में अपने संविधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया था, ये अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. अगर दिलीप तिर्की का दावा सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में हॉकी इंडिया को सिर्फ जर्सी के रंग पर नहीं, बल्कि फैसले लेने के तरीके और पारदर्शिता पर भी जवाब देना पड़ सकता है.
किसी भी टीम की जर्सी का रंग बदलना आसान है, लेकिन पहचान बनाने में दशकों लग जाते हैं. इस बहस को राजनीति से ऊपर उठाकर खेल, इतिहास, विज्ञान और भारतीय हॉकी की विरासत के नजरिए से देखा जाना चाहिए.
India Hockey Jersey 2026: कुछ जर्सियां अपने डिज़ाइन की वजह से याद रखी जाती हैं... लेकिन भारत की जर्सी अपने इतिहास की वजह से पहचानी जाती है.1975 की ऐतिहासिक जीत से लेकर उसके बाद खेले गए हर हॉकी वर्ल्ड कप तक... भारतीय टीम की हर जर्सी सिर्फ एक ड्रेस नहीं रही, बल्कि करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों, सपनों और गर्व का प्रतीक रही है.समय के साथ जर्सी का रंग, डिज़ाइन और लुक बदलता रहा... लेकिन एक चीज़ कभी नहीं बदली—भारत की जर्सी पहनने का सम्मान.अब, FIH हॉकी वर्ल्ड कप बेल्जियम-नीदरलैंड्स 2026 की आहट के साथ... यही विरासत एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार है..
हॉकी इंडिया द्वारा टीम की जर्सी का रंग नीले से भगवा करने के फैसले पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता सब देख रही है। पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने भी फैसले पर आपत्ति जताई। नई जर्सी एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में नजर आएगी।
हॉकी इंडिया ने टीम की जर्सी नीले से भगवा रंग की कर दी है, जो अगले महीने नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले वर्ल्ड कप में पहनी जाएगी. इस फैसले पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखा हमला बोला और इसे शिक्षा नीति और इतिहास बदलने की कोशिश से जोड़ा.
भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी विवादों में घिर गई है. हॉकी इंडिया ने पारंपरिक नीली जर्सी की जगह मुख्य रूप से भगवा रंग की नई किट पेश की है. इस फैसले पर भारत के पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. हॉकी विश्व कप अगले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होना है.
भारत के साथ-साथ फाइनल में पहुंचने के चलते पाकिस्तान ने भी FIH यूथ हॉकी5s वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया. हालांकि खिताब भारतीय टीम के नाम रहा और टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी.