Anil Kumble Birthday: क्रिकेट की दुनिया में जब भी महान स्पिन गेंदबाजों का जिक्र होता है, तो भारत के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है. कुंबले का शनिवार (17 अक्टूबर) को जन्मदिन है. वह 56 साल के हो गए.
17 अक्टूबर 1970 को जन्मे कुंबले अपनी सटीक लाइन-लेंथ और विकेट लेने की क्षमता के लिए हमेशा मशहूर रहे. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 619 विकेट हासिल किए और भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई है.
कुंबले की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह दूसरे लेग स्पिनरों की तरह गेंद को बहुत ज्यादा टर्न कराते थे. उनकी तेजी, उछाल और सटीक गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती थी. यही वजह रही कि उन्होंने लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी.
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पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में झटके 10 विकेट
कुंबले के करियर का सबसे यादगार पल 7 फरवरी 1999 को आया, जब उन्होंने दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच की एक पारी में सभी 10 विकेट झटक लिए. उन्होंने 26.3 ओवरों में 74 रन देकर 10 विकेट हासिल किए. इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ वह टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज बने. उनसे पहले इंग्लैंड के जिम लेकर ने 1956 में यह कारनामा किया था.
#OnThisDay in 1999, #TeamIndia spin legend @anilkumble1074 became the first Indian bowler and second overall to scalp all the 10 wickets in a Test innings. 👏👏 Watch that fantastic bowling display 🎥👇 https://t.co/OvanaqP4nU
— BCCI (@BCCI) February 7, 2021
विदेश में भी भारत को दिलाई यादगार जीत
कुंबले ने विदेशी धरती पर भी अपनी काबिलियत साबित की है. 2002 में लीड्स टेस्ट में उन्होंने 7 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद 2003-04 में एडिलेड टेस्ट में उनके 6 विकेट भारत की ऐतिहासिक जीत का प्रमुख कारण रहे. 1996 से 1998 के बीच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट मुकाबलों में भी कुंबले का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने 4 टेस्ट मैचों में 32 विकेट झटके.
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400 से 600 टेस्ट विकेट तक का सफर
कुंबले ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं. उन्होंने 2004-05 में बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच में 400 टेस्ट विकेट पूरे किए. जनवरी 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में वह 600 टेस्ट विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे गेंदबाज बने. अगस्त 2007 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 'द ओवल' में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया. यह उपलब्धि उन्होंने अपने 117वें टेस्ट मैच में हासिल की.
#OnThisDay in 2007, Anil Kumble scored his only century in international cricket! He hit a fabulous 110* in India's first-innings total of 664 against England at The Oval 🔥 https://t.co/dEmkvaRCSU
— ICC (@ICC) August 10, 2020
टूटे जबड़े के साथ की गेंदबाजी
कुंबले ने 2002 के एंटीगा टेस्ट में टूटे हुए जबड़े के साथ वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ गेंदबाजी का फैसला किया था. कुंबले ने तब टूटे जबड़े के साथ लगातार 14 ओवर डाले और ब्रायन लारा को आउट किया.
कुंबले को उस मुकाबले में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए मर्विन डिलन की गेंद लगी थी, लेकिन खून बहने के बावजूद उन्होंने 20 मिनट और बल्लेबाजी की.
Anil Kumble came in at 235/5 Mervyn Dillon’s bouncer struck his jaw. X-rays showed a broken jaw & hewas to fly back to India next day for surgery But With his jaw heavily strapped Kumble bowled 14 straight overs and dismissed Brian Lara. #INDvsSA https://t.co/EYjG31yodg
— Akul (𝑨𝑻10) (@Loyalsachfan10) November 16, 2025
भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली
नवंबर 2007 में कुंबले को भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई. उनकी अगुवाई में भारत ने 2007-08 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ में यादगार जीत दर्ज की. कुंबले ने साल 2007 से 2008 के बीच 14 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की थी.
इन 14 मुकाबलों में उन्हें 3 मैचों में जीत तो वहीं 5 मैचों में हार मिली, 6 मुकाबले ड्रॉ रहे थे. 2007-08 में पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए टेस्ट कप्तान बनाया गया था, जहां उन्होंने यह सीरीज जीती, जो 27 साल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की पहली घरेलू सीरीज जीत थी.
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अक्टूबर 2008 में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया. दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेलने के बाद उनका शानदार इंटरनेशनल सफर समाप्त हुआ. बाद में उन्होंने प्रशासनिक भूमिकाओं में भी योगदान दिया और 2012 में आईसीसी की क्रिकेट समिति के अध्यक्ष बने.
भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने 23 जून 2016 को अनिल कुंबले को भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया. कुंबले करीब एक साल तक टीम इंडिया के कोच रहे.
Report: Vijay Singh