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जंगल के राजा भी गर्मी से हारे! टोक्यो जू में हीट स्ट्रोक से तीन शेरनियों की मौत

गर्मी का ऐसा वार कि शेरनियां भी नहीं बच पाईं. टोक्यो जू में 39 डिग्री तापमान और उमस के बीच 3 शेरनियों की मौत हो गई, जिसकी जांच अब भी जारी है.

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टोक्यो के तामा जुलॉजिकल पार्क में तीन साल की शेरनी मुगी की गर्मी की वजह से मौत हो गई. (Photo: Reuters)
टोक्यो के तामा जुलॉजिकल पार्क में तीन साल की शेरनी मुगी की गर्मी की वजह से मौत हो गई. (Photo: Reuters)

जापान के टोक्यो में पड़ रही तेज गर्मी अब चिड़ियाघर के जानवरों को भी प्रभावित कर रही है. तामा जूलॉजिकल पार्क में पिछले एक हफ्ते में तीन मादा शेरनियों की मौत हो गई. चिड़ियाघर के अधिकारियों को शक है कि इनकी मौत गर्मी से होने वाली बीमारी यानी हीट स्ट्रोक की वजह से हुई है. जांच में शेरनियों के शरीर में पानी की कमी और शरीर के कई अंगों पर असर के संकेत मिले हैं.

तीनों शेरनियां इसी चिड़ियाघर में पैदा हुई थीं और उनकी उम्र 3, 11 और 15 साल थी. टोक्यो में जुलाई के बीच में अचानक तापमान बढ़ने के बाद चिड़ियाघर के ज्यादातर शेरों की हालत खराब होने लगी थी. उन्होंने खाना कम कर दिया था और वे काफी सुस्त रहने लगे थे. कुछ शेरों को इलाज की जरूरत भी पड़ी.

39 डिग्री गर्मी और उमस बनी परेशानी

टोक्यो में जुलाई के दौरान तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. इस दौरान वहां गर्मी को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया था. चिड़ियाघर अधिकारियों के मुताबिक, तेज गर्मी के साथ ज्यादा उमस ने शेरों के लिए अपने शरीर का तापमान सामान्य रखना मुश्किल कर दिया.

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शेर आमतौर पर अफ्रीका के गर्म और सूखे इलाकों में रहते हैं. वहां की गर्मी और टोक्यो की गर्मी में फर्क है. टोक्यो में तापमान के साथ नमी भी ज्यादा रहती है, जिससे शरीर की गर्मी बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है. इससे जानवरों को हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.

शेरों की हो रही खास देखभाल

शेरों की हालत बिगड़ने के बाद चिड़ियाघर ने 23 जुलाई से लोगों के लिए उनका दिखना बंद कर दिया था. कुछ शेर इलाज के बाद ठीक हो गए हैं, जबकि बाकी की लगातार निगरानी की जा रही है.शेरों को ठंडा रखने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर उन्हें दवाएं और ड्रिप के जरिए इलाज भी दिया जा रहा है. चिड़ियाघर के मुताबिक, अभी तक किसी दूसरे जानवर में बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं, लेकिन सभी जानवरों का ज्यादा ध्यान रखा जा रहा है.

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बढ़ती गर्मी का असर जानवरों पर भी

हीट स्ट्रोक सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि जानवरों के लिए भी खतरनाक हो सकता है. जब शरीर ज्यादा गर्म हो जाता है और वह खुद को ठंडा नहीं रख पाता, तो इसका असर शरीर के काम करने के तरीके पर पड़ सकता है. दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और हीटवेव का असर जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है.

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ऐसे में चिड़ियाघरों में जानवरों के लिए ठंडक, पानी और सही देखभाल की व्यवस्था करना जरूरी हो गया है. तामा जूलॉजिकल पार्क में शेरनियों की मौत का यह मामला इसलिए खास है क्योंकि 62 साल के इतिहास में पहली बार यहां गर्मी से जुड़ी वजहों के कारण शेरों की मौत हुई है. मौत की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी.

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