scorecardresearch
 

इस राज्य में महंगे राशन से मिलेगी राहत, 30 रुपये में चावल बेचेगी सरकार!

तमिलनाडु सरकार ने बढ़ती कीमतों के बीच अमुधम और सहकारी स्टोरों से रियायती चावल और अरहर दाल बेचने का ऐलान किया. इस कदम का मकसद परिवारों पर आर्थिक दबाव घटाना है, जबकि सरकार कीमतों की निगरानी बढ़ाकर जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

Advertisement
X
तमिलनाडु सरकार ने अनाज की कीमतों में बड़े बदलाव किए हैं (सांकेतिक)
तमिलनाडु सरकार ने अनाज की कीमतों में बड़े बदलाव किए हैं (सांकेतिक)

तमिलनाडु में जरूरी सामानों की बढ़ती दरों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. 16 अक्तूबर को सरकार ने घरेलू सामानों की कीमतों पर काबू पाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं. इसके तहत अच्छी क्वालिटी के चावल 30 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचे जाएंगे. खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री पी वेंकटरमणन के मुताबिक, यह चावल राज्यभर के अमुधम और कॉपरेटिव स्टोरों पर मिलेगा. सरकार का यह फैसला चावल की कीमत 75 से 85 रुपये प्रति किलोग्राम होने के बाद सामने आया है.

वेंकटरमण ने एल नीनो को महंगाई की असल वजहों में शामिल बताया. उन्होंने बताया कि सरकार ने जनता पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने की योजना बनाई है. इसके तहत 5,000 मीट्रिक टन अच्छी क्वालिटी का कच्चा और उबला चावल 201 सहकारी स्टोरों और 49 अमुधम केंद्रों पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दिया जाएगा.

साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अगले सोमवार से सभी दुकानों पर अरहर दाल 130 रुपये प्रति किलोग्राम और चावल 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से देने की योजना है. महंगाई दरों पर बात करते हुए वेंकटरमणन ने कहा कि बाजार में माल की उपलब्धता और निकासी के आधार पर सरकार कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निगरानी के लिए एक समिति बनाई जाएगी.इसी आधार पर हम दूसरे सामानों के लिए भी योजना बनाई जाएगी.

Advertisement

जमाखोरी के खिलाफ होगी कार्रवाई

जरूरी सामानों की जमाखोरी पर वेंकटरमण ने कहा "हम इस पर काम कर रहे हैं. हमें सभी लोगों से संदेश और पूरी जानकारी मिल रही है". सरकार ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी. सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राज्य में करीब 2.29 करोड़ परिवार कार्डों के जरिए 7.01 करोड़ लाभार्थियों को जरूरी खाद्य वस्तुएं लगातार दी जा रही हैं.

यह भी पढ़ें: आम आदमी पर दोहरी मार! खुदरा के बाद थोक महंगाई भी बढ़ी, जानें जेब पर क्या होगा असर

इनमें प्राथमिकता वाले यानी PHH, गैर प्राथमिकता वाले यानी गैर पीएचएच और अंत्योदय अन्न योजना यानी AAY कार्डधारक शामिल हैं. साथ ही उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने चीनी, पाम तेल और दालों का अगले तीन महीनों के लिए पूरा भंडार सुरक्षित कर लिया गया है, ताकि वितरण में रुकावट न आए.

खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग हर सप्ताह 67 जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखता है. खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री की अध्यक्षता में हर तीन महीने पर समीक्षा बैठक भी होती है. इस बार के आंकड़ों में कीमतों का रुझान सामने आया है. सरकार के मुताबिक, इस सप्ताहांत से ग्राहक अपनी जरूरत के आधार पर अधिकतम 5 किलो चावल खरीद सकेंगे. नाफेड से शुरुआती तौर पर 500 मीट्रिक टन अरहर दाल खरीदी जा रही है.

Advertisement

इससे पहले सरकार ने खुले बाजार में प्याज की कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंचने पर 2,500 मीट्रिक टन से ज्यादा प्याज 35 रुपये प्रति किलो की कम कीमत पर बेचा था. रसोई की जरूरी वस्तुओं की कीमतें खुले बाजार से कम तय की गई हैं. उबला पोन्नी चावल 60 रुपये, अरहर दाल 130 रुपये, उड़द दाल 140 रुपये, लहसुन 240 रुपये, धनिया 240 रुपये और मिर्च 330 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगी. सरकार के मुताबिक, उचित मूल्य की दुकानों से वितरण जारी रहेगा और जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement