तमिलनाडु
तमिलनाडु (Tamil Nadu) दक्षिण भारत का एक राज्य है (State of South India). इसकी राजधानी चेन्नई (Chennai) है, जो राज्य का सबसे बड़ा शहर भी है (Capital of Tamil Nadu). भारतीय प्रायद्वीप के सबसे दक्षिणी भाग में स्थित, तमिलनाडु भारतीय केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों के साथ-साथ श्रीलंका के साथ एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा से घिरा है. राज्य पश्चिम में पश्चिमी घाट, उत्तर में पूर्वी घाट, पूर्व में बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण में हिंद महासागर से घिरा है (Tamil Nadu Geographical Location). तमिलनाडु क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का दसवां सबसे बड़ा और जनसंख्या के हिसाब से छठा सबसे बड़ा राज्य है.
तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था 24.85 लाख करोड़ के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के साथ भारत में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और देश की 11वीं उच्चतम GSDP प्रति व्यक्ति 225,106 है. यह मानव विकास सूचकांक में सभी भारतीय राज्यों में 11वें स्थान पर है. तमिलनाडु भारत में सबसे अधिक शहरीकृत राज्य है. यह सबसे अधिक औद्योगिक राज्यों में से एक है (Tamil Nadu Ceonomy).
इसका पर्यटन उद्योग भारतीय राज्यों में सबसे बड़ा है. तमिल फिल्म उद्योग राज्य की लोकप्रिय संस्कृति में एक प्रभावशाली भूमिका निभाता है (Tamil Nadu Film Industry).
तमिलनाडु की एकमात्र आधिकारिक भाषा तमिल है, जबकि तमिलनाडु सरकार ने अंग्रेजी को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित किया है. जब भारत ने राष्ट्रीय मानकों को अपनाया, तो तमिल भाषा को भारत की शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी जाने वाली पहली भाषा थी (Tamil Nadu Language).
तमिलनाडु में सबसे व्यापक रूप से मनाए जाने वाला त्योहारों पोंगल (Pongal) है, जिसे तमिझार थिरुनाल या मकर संक्रांति भी कहा जाता है. यह चार दिवसीय फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है (Tamil Nadu Festival).
तमिलनाडु कई तरह व्यजंन प्रचलित है जिनमें थूथुकुडी मैकरून, गेहूं का हलवा, दूध मिठाई जिगरथंडा, पंचमीर्थम, इडली, डोसा और सांबर शामिल हैं. यह राज्य अपने अनोखे आमों के लिए भी प्रसिद्ध है (Tamil Nadu Cuisine).
Tamil Nadu Government Formation News Live Updates: तमिलनाडु में लगातार राजनीतिक संकट बना हुआ है. कल तक खबरें थीं कि विजय को कांग्रेस के अलावा चार और दलों का समर्थन मिल गया है, लेकिन देर रात स्थिति और जटिल होती गई. टीवीके सरकार बना पाएगी या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद भी राज्य में सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. वीसीके के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन आज पार्टी की बैठक में विजय की टीवीके को समर्थन देने या न देने का अंतिम फैसला करेंगे. इस बीच वीसीके नेता वन्नी अरासु ने एक पोस्ट करके अटकलें बढ़ा दी हैं.
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री बनने जा रहे सुपरस्टार विजय को कभी उसी कुर्सी की ताकत ने बड़ी मुश्किल में डाल दिया था. 2013 में विजय की फिल्म थलाइवा पूरे भारत में समय पर रिलीज हो गई, सिवाय उनके अपने राज्य तमिलनाडु के. जयललिता सरकार ने रिलीज रोकने को लेकर ऐसे गेम खेले कि लोगों को विजय को देखकर दया आती थी.
तमिलनाडु में सरकार पर जारी सस्पेंस के बीच एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने विजय की पार्टी पर उनके समर्थन का फर्जी पत्र राज्यपाल को देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि यह जालसाजी है और हम कानूनी कार्रवाई करने जा रहे हैं.
तमिलनाडु में राजनीतिक घटनाक्रम बदलता दिख रहा है. AMMK विधायक एस. कामराज के लापता होने पर टीटीवी दिनाकरण ने राज्यपाल से शिकायत की थी. दिनाकरन आधी रात के बाद अपने इकलौते विधायक के साथ लोकभवन पहुंचे और दावा किया कि उनकी पार्टी का समर्थन एआईएडीएमके के साथ है. वहीं, विजय की शपथ को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. वहीं, तमिलनाडु कांग्रेस के 4 विधायक भी बेंगलुरु पहुंच गए हैं.
TVK प्रमुख विजय की शपथ पर सस्पेंस बन गया है. पहले खबर थी कि वो शनिवार सुबह 11 बजे तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. लेकिन अब खेल बदल गया है. VCK और IUML का समर्थन पत्र राज्यपाल को नहीं मिला है. IUML का कहना है कि वह डीएमके गठबंधन के साथ हैं.
पूरे देश की नजरें दो शहरों पर टिकी हुई हैं पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई... दोनों ही जगहों पर मुख्यमंत्री तय होना था.. और कोलकाता से आज ये तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई कि शुभेंदु अधिकारी ही पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे. TVK के थलापति विजय को बहुमत के लिए जरूरी नंबर मिल गया.. उन्हें लेफ्ट की दोनों पार्टियों और वीसीके ने कुल 6 विधायक दे दिये हैं.. और अब वो बहुमत के लिए जरूरी 118 का नंबर पार कर चुके हैं.
तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी हलचल के बीच थलपति विजय को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला है. वामपंथी दलों कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), सीपीएम, IUML और वीसीके ने विजय की टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है. इस तरह विजय को सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा मिल गया है.
तमिलनाडु चुनाव नतीजों के बाद DMK और कांग्रेस के रिश्तों में बड़ी दरार सामने आई है. DMK ने लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठने की मांग की है. विवाद की वजह कांग्रेस का विजय की TVK को समर्थन देना माना जा रहा है.
तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके सरकार गठन को लेकर पॉलिटिकल संकट जारी है. गवर्नर ने टीवीके से 118 विधायकों के समर्थन का हस्ताक्षर मांगा है, जिससे विवाद बढ़ा है. इस बीच, 32 साल पुराने एसआर बोम्मई सुप्रीम कोर्ट फैसले का जिक्र हो रहा है, आखिर क्यों?
तमिलनाडु में चुनाव बाद सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. खबर है कि AIADMK बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन से अलग होने पर विचार कर रही है. इसके पीछे विजय की पार्टी TVK के साथ संभावित राजनीतिक समझौते की चर्चा तेज हो गई है. वहीं DMK भी सत्ता बचाने के लिए नए समीकरण तलाश रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि AIADMK आखिर विजय के साथ जाएगी या फिर स्टालिन के साथ नई रणनीति बनाएगी.
तमिलनाडु की राजनीतिक बिसात पर विजय की पार्टी TVK बहुमत के आंकड़े से कुछ कदम दूर ठिठक गई है, जिससे सरकार बनाने का पेंच फंस गया है. गठबंधन के पेचीदा समीकरणों ने राज्य को एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां पर्दे के पीछे की सौदेबाजी तेज़ हो गई है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन आवश्यक है.
तमिलनाडु की सियासत में पल-पल गेम बदल रहा है, क्योंकि किसी भी दल को बहुमत का नंबर नहीं मिल सका. बीजेपी से साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली AIADMK अब एनडीए से अलग होने पर विचार कर रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि AIADMK किसके साथ जाएगी?
तमिलनाडु में विजय की राजनीतिक जीत के बाद उनके फैन्स और रजनीकांत फैन्स के बीच राइवलरी फिर तेज हो गई है. लेकिन इस फैन वॉर के बीच 1996 का वो किस्सा बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है, जब ट्रैफिक में फंसे रजनीकांत ने, मुख्यमंत्री जयललिता की राजनीति का पूरा खेल बदल दिया था.
थलपति विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच खटपट चल रही है. दोनों का तलाक होने वाला है. संगीता किस बैकग्राउंड से आती हैं, क्या करती हैं. चलिए जानते हैं.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद त्रिशंकु स्थिति बन गई है, जहां सबसे बड़ी पार्टी टीवीके के पास बहुमत साबित करने का संकट है. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद के लिए 118 विधायकों के हस्ताक्षर मांगे हैं, जिससे सरकार गठन में देरी हुई है.
तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस के बीच थलपति विजय की पार्टी TVK ने बड़ा दांव चला है. 108 विधायकों वाली इस पार्टी ने धमकी दी है कि अगर डीएमके और एआईएडीएमके ने मिलकर सरकार बनाई, तो उनके सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे.
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों में बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिले. जिसमें तमिलनाडु भी शामिल है. यहां महज दो साल पहले सियासत में कदम रखने वाले जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके ने कमाल कर दिया. DMK को पछाड़कर विजय कैसे बन गए तमिलनाडु के थलपति, देखें सो सॉरी की ये ताजा और गुदगुदाने वाली पेशकश.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पेच फंसा हुआ है. 108 सीटें हासिल करने वाली अभिनेता विजय की पार्टी से राज्यपाल ने बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा है. विजय की पार्टी के पास 113 विधायक हैं, जो बहुमत से 5 कम है. तमिलनाडु में विजय की शपथ में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. पूछा जा रहा है कि सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए क्यों नहीं बुलाया जा रहा? देखें...
'INDIA गठबंधन अब खत्म हो चुका है', यह प्रतिक्रिया नाराज DMK की तरफ से आई, जब कांग्रेस ने एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली पार्टी से नाता तोड़कर अभिनेता-नेता विजय की TVK के साथ हाथ मिला लिया और तमिलनाडु में सरकार बनाने की कोशिश में उनका समर्थन करने का फैसला किया.