महंगाई दर
मुद्रास्फीति, इंफ्लेशन या महंगाई (Inflation) उन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के स्तर में वृद्धि है जो एक घर चलाने के लिए जरुरी है. इसे उन कीमतों के परिवर्तन की दर के रूप में मापा जाता है. आमतौर पर, कीमतें समय के साथ बढ़ती हैं (Inflation Rate), लेकिन कीमतें भी गिर सकती हैं.
इंफ्लेशन का संकेतक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) है, जो घरों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमत में अतर को प्रतिशत में मापता है (Measurement of Inflation Rate).
मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि है. जब सामान्य मूल्य स्तर बढ़ता है, मुद्रा की प्रत्येक इकाई कम सामान और सेवाएं खरीदती है. इंफ्लेशन (Inflation) के विपरीत अपस्फीति यानी डिफ्लेशन है (Deflation), वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में निरंतर कमी को दर्शाता है. मुद्रास्फीति का सामान्य उपाय मुद्रास्फीति दर है. एक सामान्य मूल्य सूचकांक में वार्षिक प्रतिशत परिवर्तन है. कीमतें एक ही दर से नहीं बढ़ती हैं इसलिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अक्सर इस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है (Inflation Rate).
8वें वेतन आयोग के लागू होने में अभी समय लगने वाला है. ऐसे में कर्मचारियों को इससे पहले सैलरी में बढ़ोतरी का तोहफा दिया जा सकता है.
10 साल में महंगाई तेजी से बढ़ी है. मई 2026 में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 3.93% हो गई, जो अप्रैल में 3.5% थी. वहीं, खाद्य महंगाई 4.8% तक पहुंच गई.
Iran-Israel Attack के चलते ग्लोबल टेंशन चरम पर है और दुनिया में तेल-गैस का पहले से जारी संकट बढ़ता नजर आ रहा है. ईरान ने होर्मुज के बाद अब बाब-अल-मंदेब समुद्री रास्ते को लेकर वॉर्निंग दी है, वहीं तेल की कीमतें अचानक उछल गई हैं.
US-Iran Peace Deal के बाद आखिरकार होर्मुज ओपन हो गया है और कच्चे तेल की कीमतें क्रैश नजर आ रही हैं, जो बीते कुछ समय से महंगाई का जोखिम बढ़ा रही थीं. लेकिन सिर्फ तेल ही नहीं बल्कि भारतीय परिवारों के लिए एक और बड़ा जोखिम सामने है.
कंपनी को 10 रुपये का कैरी बैग देना भारी पड़ गया है. आयोग ने फैसला सुनाया है कि रेड टेप को 10 रुपये के बदले 8000 रुपये का भुगतान करना होगा.
US-Iran के बीच शांति समझौते का असर भारत में देखने को मिलने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने महंगाई का जोखिम कम किया है, तो शेयर बाजार का जोश हाई कर दिया है, यही नहीं भारतीय रुपया भी मजबूती पकड़ता नजर आ रहा है.
Stock Market में बीते सप्ताह की तेजी जारी रहेगी, या फिर इस पर ब्रेक लगेगा. अगले सप्ताह सेंसेक्स-निफ्टी की चाल चार प्रमुख कारणों पर निर्भर करेगी. इनमें महंगाई के आंकड़ों से लेकर कच्चे तेल की कीमत तक शामिल है.
Retail Inflation Surge: देश की आम जनता को एक बार फिर से महंगाई का झटका लगा है. सरकार ने मई महीने के आंकड़े जारी किए हैं और रिटेल महंगाई 3.93% पर पहुंच गई है.
US-Iran War: अमेरिका और ईरान में फिर से शुरू हुई जंग ने तेल की कीमतों में एक बार फिर उबाल ला दिया है और इन बढ़ती कीमतों ने दुनिया के तमाम देशों में महंगाई को जोखिम फिर से बढ़ा दिया है.
Trump Tension: अमेरिका और ईरान में जंग फिर तेज हो गई है और ये दुनिया की टेंशन बढ़ाने वाली है. इस बीच जंग से अमेरिका भी झुलस रहा है औऱ बढ़ती महंगाई डोनाल्ड ट्रंप की सिरदर्दी बनती जा रही है.
World Bank के आंकडे बताते हैं कि मिडिल ईस्ट युद्ध से ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. शिपिंग कंपनियों की लागत बढ़ती जा रही है. इसके साथ ही अर्थशास्त्री महंगाई व धीमी आर्थिक ग्रोथ को लेकर चिंतित हैं.
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बजट पर असर पड़ सकता है. तेल कंपनियों द्वारा किए गए इस संशोधन के बाद कई शहरों में रसोई गैस महंगी हो गई है. सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का असर कीमतों पर पड़ा है. इस बदलाव पर उपभोक्ताओं की नजर बनी हुई है.
मई महीने में थाली की लागत वाली खबर आई है. टमाटर के दाम में बड़ी बढ़ोतरी के कारण थाली और खाना पकाने की लागत बढ़ गई है. नॉनवेज और वेज दोनों तरह की थाली की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. हालिया महंगाई आंकड़ों के आधार पर डीए में संशोधन को लेकर चर्चाएं तेज हैं. यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मासिक आय में इजाफा हो सकता है. यह संभावित फैसला ऐसे समय में चर्चा में है जब आठवें वेतन आयोग को लेकर भी उम्मीदें बनी हुई हैं.
आज यानी 1 जून से कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हो गया है. दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 42 रुपये महंगा हुआ है. इसके हिसाब से कमर्शियल सिलेंडर जो कल तक 3071.50 रुपये में मिल रहा था, वो आज से 3113.50 प्रति सिलेंडर मिल रहा है. देखें वीडियो.
LPG Price Hike 1st June: जून महीने की शुरुआत कई बदलावों के साथ हुई है और इसमें सबसे बड़ा झटका कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगा है. पहली तारीख से 19 Kg LPG Cylinder और महंगा कर दिया गया है. इस साल ये सातवीं बढ़ोतरी है.
ईरान-अमेरिका जंग के कारण सिर्फ एनर्जी प्राइस ही नहीं, बल्कि खाने वाले तेल की कीमते भी बढ़ चुकी हैं. सरसो से लेकर रिफाइंड तेल की कीमत 4 महीने में चार गुना हो चुकी हैं.
दिल्ली एनसीआर में रहने वालों की लिविंग कॉस्ट इतनी हाई हो चुकी है कि अब ये मिडिल क्लास की कमाई से भी ऊपर जा चुकी है. ज्यादातर लोग अफोर्ड नहीं कर पा रहे हैं.
Sri Lanka Rate Hike: पश्चिम एशिया संकट का असर श्रीलंका पर ऐसा पड़ा कि देश के सेंट्रल बैंक को ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हुए कर्ज महंगा करना पड़ा है. श्रीलंका केंद्रीय बैंक ने ऐसा तीन साल में पहली बार किया है.
Petrol-Diesel Price Hike Impact: एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि सिर्फ 10 दिन में भारत में पेट्रोल-डीजल चार बार बढ़ चुका है. फ्यूल प्राइस में दनादन इजाफे ने आम लोगों के लिए महंगाई के जोखिम को बढ़ा दिया है.
Petrol-Diesel Price Hike Today: अमेरिका-ईरान के बीच सुलह के संकेत भले ही मिल रहे हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल पर महंगाई की मार लगातार पड़ रही है. सोमवार को फिर से तेल कंपनियों ने इनकी कीमतों में बढ़ोतरी कर झटका दिया है.