महंगाई दर
मुद्रास्फीति, इंफ्लेशन या महंगाई (Inflation) उन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के स्तर में वृद्धि है जो एक घर चलाने के लिए जरुरी है. इसे उन कीमतों के परिवर्तन की दर के रूप में मापा जाता है. आमतौर पर, कीमतें समय के साथ बढ़ती हैं (Inflation Rate), लेकिन कीमतें भी गिर सकती हैं.
इंफ्लेशन का संकेतक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) है, जो घरों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमत में अतर को प्रतिशत में मापता है (Measurement of Inflation Rate).
मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि है. जब सामान्य मूल्य स्तर बढ़ता है, मुद्रा की प्रत्येक इकाई कम सामान और सेवाएं खरीदती है. इंफ्लेशन (Inflation) के विपरीत अपस्फीति यानी डिफ्लेशन है (Deflation), वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में निरंतर कमी को दर्शाता है. मुद्रास्फीति का सामान्य उपाय मुद्रास्फीति दर है. एक सामान्य मूल्य सूचकांक में वार्षिक प्रतिशत परिवर्तन है. कीमतें एक ही दर से नहीं बढ़ती हैं इसलिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अक्सर इस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है (Inflation Rate).
Petrol-Diesel Price Hike Signal: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं. एक के बाद एक इनमें बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं. पीएम मोदी की अपील और पेट्रोलियम मंत्री के बयान के बाद अब आरबीआई गवर्नर ने इसे लेकर बड़ी बात कही है.
एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बड़ी कटौती की है और इसके पीछे का बड़ा कारण अमेरिका-ईरान युद्ध से पैदा हुई रुकावट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बताया है.
Donald Trump के सामने एक बड़ी टेंशन खड़ी हो चुकी है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद US National Debt पहली बार देश की जीडीपी के भी पार निकल गया है. एक्सपर्ट इसे लेकर बड़ी चेतावनी देते हुए नजर आ रहे हैं.
UBS Cuts India Growth Rate: विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की है और इसमें India GDP Rate के पूर्वानुमान में बड़ी कटौती की है.
US-Iran War का बुरा असर लगातार देखने को मिल रहा है. तेल-गैस की सप्लाई बाधित होने के चलते यूरोप के 21 देशों में महंगाई का बम (Europe Inflation Rise) फूटा है. इसके साथ ही यूरोजन की ग्रोथ रेट भी काफी धीमी हो गई हैं.
कमर्शियल एलपीजी 19 किलो सिलेंडर की कीमत में इजाफा हुआ है. इसमें करीब 1000 रुपये प्रति सिलेंडर की बड़ी बढ़ोतरी की गई है. यह बढ़ोतरी शादी के सीजन के दौरान हुई है. ऐसे में शादी के खर्च में भी बड़ा इजाफा हो सकता है.
India's New Inflation Risk: भारत में महंगाई बढ़ने का जोखिम है. एक्सपर्ट ने आशंका जताई है कि देश की महंगाई दर RBI के तय दायरे से ऊपर निकलकर 5 फीसदी का स्तर पार कर सकती है.
US-Iran तनाव से क्रूड की कीमत में उछाल आ रहा है और ग्लोबल टेंशन बढ़ती जा रही है. इस बीच ईरान के लिए लगातार संकट बढ़ रहा है और डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज नाकाबंदी के चलते उसके पास सिर्फ 22 दिन या इससे कम का तेल रिजर्व बचा है.
Iran War Impact On US: एक सर्वे में सामने आया है कि अगले साल के लिए महंगाई को लेकर उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं का पैमाना मार्च के 3.8% से बढ़कर 4.7% हो गया. वहीं अगले 5 साल में महंगाई को लेकर भी अनुमान में बढ़ोतरी हुई है.
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 2 फीसदी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है, जिसका मतलब है कि अब अप्रैल की सैलरी के साथ बढ़े हुए डीए का भी पैसा आएगा.
सातवें वेतन आयोग के तहत जनवरी से होने वाली महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान अभी तक नहीं किया गया है, लेकिन कर्मचारियों को उम्मीद है कि इसमें जल्द ही सरकार इजाफा कर सकती है. अगर ये बढ़ोतरी होती है तो 4 फीसदी तक इजाफा हो सकता है.
केंद्र सरकार ने अभी तक 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जानकारी नहीं दी है, जिसका इंतजार सरकारी कर्मचारियों को है. ऐसे में आइए जानते हैं इसमें देरी क्यों हो रही है और महंगाई भत्ता कितना बढ़ सकता है?
Iran War अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के लिए लगातार मुसीबत का सबब बनता हुआ नजर आ रहा है. मिडिल ईस्ट टेंशन के चलते अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में उबाल जारी है, जो हाल-फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं. वहीं ये वॉर ट्रंप की राजनीति के लिए भी चुनौती बन रहा है.
केंद्र सरकार के इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिली है. महंगाई भत्ते और डियरनेस रिलीफ में 2% की बढ़ोतरी से उनकी आय में इजाफा होगा और बढ़ती महंगाई का असर कुछ हद तक कम होगा. जनवरी 2026 से लागू यह बढ़ोतरी एरियर के साथ मिलेगी, जिससे कर्मचारियों को एकमुश्त लाभ भी मिलेगा. यह कदम आर्थिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है
केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है.
केंद्र सरकार के ताजा फैसलों ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ आर्थिक दबाव कम होने की उम्मीद है. वहीं, कैबिनेट ने समुद्री फंड और सड़क योजना विस्तार जैसे अहम कदमों को भी मंजूरी दी है. इन फैसलों से न सिर्फ कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की संभावना है
सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है. अनुमान है कि डीए में 2 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा. हालांकि यह वृद्धि सीमित होगी, लेकिन महंगाई के दौर में यह राहत देने वाली साबित हो सकती है और सालभर में अच्छा आर्थिक फायदा देगी
वेतन बढ़ाने को लेकर नोएडा के मजदूर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि 8 घंटे की ड्यूटी पर 10 से 12 घंटे काम कराया जाता है और सैलरी 10 से 11 हजार रुपये महीने दिए जा रहे हैं. इस महंगाई के दौर में क्या इतने कम पैसे में गुजर बसर किया जा सकता है?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बाधा और अल-निनो की वजह से महंगाई का खतरा बढ़ गया है. साथ ही आरबीआई ने जीडीपी को लेकर भी अनुमान कम कर दिया है.
Pakistan Crisis: पाकिस्तान का संकट कम नहीं हो रहा है. मिडिल ईस्ट युद्ध ने हाल-बेहाल कर दिया है. हालात ये है कि अब सरकार ने 8 बजे के बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में बाजार और शॉपिंग मॉल बंद करने के कोरोना काल जैसे आदेश दे दिए हैं.
Iran War का बुरा असर अमेरिका पर महंगाई के रूप में दिखना शुरू हो गया है. अमेरिका में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है. एक्सपर्ट भी डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ाने वाली चेतावनी देते हुए नजर आ रहे हैं.