दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर पुलिस फायरिंग की अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस ने सख्ती की है. एक पोस्ट में दावा किया गया कि राहुल गांधी की रैली में गोलीबारी से पांच कार्यकर्ताओं की मौत हो गई. पोस्ट में लोगों से सड़कों पर उतरकर दिल्ली जाम करने की अपील भी की गई थी. पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अफवाह फैलाने या लोगों को भड़काने वाली करीब 300 पोस्ट हटाई गई हैं.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, एक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की रैली में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें पांच कार्यकर्ताओं की मौत हो गई. पोस्ट में लोगों से सड़कों पर उतरकर दिल्ली जाम करने की अपील भी की गई थी. पुलिस ने इस पोस्ट को लेकर X पर चेतावनी जारी की. पुलिस का कहना है कि संबंधित हैंडल से पहले भी एडिट किए गए वीडियो, पुराने फुटेज और मनगढ़ंत दावे साझा किए जाते रहे हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें, न ही उन्हें आगे फैलाएं.
इसे लेकर पुलिस ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर भ्रामक खबरें फैलाना दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
AI से बनाए गए फर्जी वीडियो के मामले में गिरफ्तारी
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले पुलिस ने AI टूल की मदद से फर्जी वीडियो बनाने और उसे फैलाने के आरोप में एक 24 साल के युवक को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, वीडियो में एक पुलिसकर्मी को महिला पत्रकार के साथ आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाया गया था. इसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान का बताया गया था. पुलिस का कहना है कि वीडियो में पुलिसकर्मी को गलत तरीके से पेश किया गया.
इस मामले की जांच महिला पत्रकारों की ओर से पुलिसकर्मियों पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से अलग की जा रही है. पुलिस इन दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है.
सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रख रही पुलिस
प्रदर्शन से जुड़ी भ्रामक पोस्ट हटाने के लिए पुलिस ने X से संपर्क किया है. सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पर नजर रखी जा रही है, जिसमें पुराने वीडियो का गलत इस्तेमाल किया गया हो, झूठे दावे किए गए हों या लोगों को भड़काने की कोशिश की गई हो. इस निगरानी का मकसद गलत जानकारी को फैलने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. ऐसी भ्रामक या लोगों को उकसाने वाली सामग्री मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल, अफवाह फैलाने या लोगों को भड़काने वाली करीब 300 सोशल मीडिया पोस्ट हटाई गई हैं. दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर ऐसे दावों पर नजर रख रही है, जिनसे लोगों के बीच गलत जानकारी फैल सकती है या कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है.