हनी त्रेहान की जसवंत सिंह खालरा पर बनी बायोपिक 'सतलुज' (जिसका पहले नाम 'पंजाब '95' था) पिछले दिनों काफी विवादों में रही. इसे Zee5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में हटा लिया गया. दिलजीत दोसांझ स्टारर इस फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मंजूरी नहीं मिली क्योंकि मेकर्स ने जरूरी कट नहीं किए, और इस वजह से फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई. फिल्ममेकर ने अब बताया है कि लोग फिल्म के आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए पैसे इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं.
शुक्रवार को हनी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट शेयर किया. इसमें उन्होंने उस प्यार का ज़िक्र किया जो 'सतलुज' को तब मिला था, जब इसे 3 जुलाई को Zee5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन 5 जुलाई को हटा लिया गया. उन्होंने कहा कि यह फिल्म जसवंत सिंह खालरा के जीवन को सम्मान देने का एक मौका थी. फिल्ममेकर ने आगे कहा, 'तब से हमें कई मैसेज, कॉल, इंस्टाग्राम DM और ट्वीट मिल रहे हैं. लोग हमसे, खालरा परिवार से और दिलजीत भाई से संपर्क करके अपना सपोर्ट देना चाहते हैं और नुकसान की भरपाई के लिए पैसे से मदद करना चाहते हैं.'
हनी त्रेहान ने क्या कहा?
उनके नोट के एक हिस्से में आगे लिखा था, 'हमें यह भी पता चला है कि गुरुद्वारों में गुल्लक रखे गए हैं, जहां शुभचिंतक 'सतलुज' के नुकसान की भरपाई में मेरे प्रोड्यूसर्स की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं - ऐसा भारत और विदेशों में भी हो रहा है. हम इस भावना के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं. यह सच में बहुत खास है और हम आपकी भावनाओं का सम्मान करते हैं. लेकिन आपका प्यार और समर्थन ही काफी है, और पूरे सम्मान के साथ हम अपनी फिल्म के लिए कोई पैसा, तोहफा या दान स्वीकार नहीं कर सकते.'
हनी ने कहा कि उन्होंने और उनके प्रोड्यूसर्स (RSVP) ने यह मान लिया है कि आर्थिक नुकसान के बावजूद 'सतलुज' की अपनी एक पहचान बनेगी. उन्होंने दर्शकों से यह भी कहा कि वे इस फिल्म को सच्चाई, मानवाधिकारों और खालरा की याद में अपनी सेवा के तौर पर देखें. उन्होंने लिखा, 'यह हमारे अपनों और उन लोगों के सामूहिक दुख को शेयर करने की एक छोटी सी कोशिश है जिन्हें हमने अंधेरे में खो दिया - चाहे उनकी जाति, धर्म या सामाजिक स्थिति कुछ भी रही हो.'
फिल्ममेकर ने नोट के आखिर में लिखा, 'हम इस सेवा का हिस्सा बनकर खुद को खुशकिस्मत मानते हैं. एक टीम के तौर पर हम पूरे सम्मान के साथ यह साफ करना चाहते हैं और रिकॉर्ड पर लाना चाहते हैं कि फिल्म या किसी सेवा या दान के नाम पर किसी के भी द्वारा इकट्ठा किए गए पैसे का 'सतलुज' टीम से कोई लेना-देना नहीं है. आइए, हम दया, हिम्मत और प्यार के साथ एक-दूसरे की मदद करें ताकि जब जरूरत हो, तो हम सब मिलकर 'अंधेरे को चुनौती' दे सकें.'
48 घंटे के अंदर हटाया गया
जब 48 घंटों के भीतर 'सतलुज' को Zee5 से हटा दिया गया, तो I&B मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया था, 'सतलुज के पास थिएट्रिकल रिलीज के लिए जरूरी सर्टिफिकेशन नहीं था. सर्टिफिकेशन प्रोसेस का पालन करने के बजाय, मेकर्स ने फिल्म का टाइटल बदल दिया और इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया.' इसे हटाए जाने के बाद, कई लोगों ने फिल्म को गैर-कानूनी तरीके से डाउनलोड किया और इसकी पब्लिक स्क्रीनिंग की ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें.