'सतलुज' (Satluj Movie) साल 2026 में रिलीज हुई एक ड्रामा फिल्म है. फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है. इसका निर्माण रॉनी स्क्रूवाला, अभिषेक चौबे और हनी त्रेहान ने आरएसवीपी मूवीज और मैकगफिन पिक्चर्स के बैनर तले किया है. यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है.
फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ की भूमिका निभाई है. गीतिका विद्या ओहल्यान उनकी पत्नी परमजीत के किरदार में नजर आती हैं. अर्जुन रामपाल ने सीबीआई अधिकारी समुद्र सिंह की भूमिका निभाई है. इसके अलावा कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की, सौरभ सचदेवा, वरुण बडोला, नासर, ज्योति डोगरा और अमरदीप झा भी अहम भूमिकाओं में हैं.
फिल्म 3 जुलाई 2026 को ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर डिजिटल रूप से रिलीज हुई. फिल्म की पटकथा हनी त्रेहान, नीरेन भट्ट और उत्सव मैत्रा ने लिखी है.
पहले ये फिल्म थिएटर में रिलीज नहीं हो रही थी. सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म में कई सारे कट्स लगाने की मांग की थी. सालों तक अटकाने के बाद, जब सतलुज फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया, तब इसे दो दिनों में ही वहां से हटा दिया गया.
फिल्म की कहानी 1990 के दशक के शुरुआती पंजाब की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है. इसमें दिखाया गया है कि अमृतसर के एक बैंक कर्मचारी जसवंत सिंह खालड़ अपने परिचित लोगों के अचानक लापता होने के बाद मामले की सच्चाई जानने की कोशिश शुरू करते हैं. जांच के दौरान उन्हें स्थानीय श्मशान घाटों और मुर्दाघरों में बड़ी संख्या में लावारिस शवों की जानकारी मिलती है. जैसे-जैसे वे तथ्यों तक पहुंचने का प्रयास करते हैं, उन्हें कई तरह की चुनौतियों और दबावों का सामना करना पड़ता है. उनके लापता होने के बाद मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों तक पहुंचती है.
फिल्म सतलुज पर बढ़ते विवाद के बीच एक्टर अन्नू कपूर ने दिलजीत पर कुछ बातें कही हैं. एक्टर ने कहा है कि किसी भी कलाकार का पॉलिटिकल मुद्दों पर अपना विचार होना चाहिए. चूंकि दिलजीत ये कह चुके थे कि उन्हें पॉलिटिक्स से दूर रखा जाए, इसलिए अन्नू कपूर ने ऐसी बात कही.
हाल ही में बिना सेंसर सर्टिफिकेट के रिलीज होने और फिर Zee5 से हटाए जाने के विवादों में फंसी फिल्म 'सतलुज' को लेकर डायरेक्टर ने बड़ा खुलासा किया है.
दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटा दिया गया है. लेकिन अब जानकारी सामने आ रही है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ZEE5 पर कार्रवाई कर सकता है.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर विवाद खत्म नहीं हो रहा है. फिल्म भले ही जी5 से हट गई है. लेकिन तब भी कई जगहों पर इसकी स्क्रीनिंग की जा रही है. राज्य सरकार ये मूवी दिखाने वालों पर एक्शन लेने की तैयारी में है.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद जारी है. कथित अवैध स्क्रीनिंग और सेंसर प्रमाणपत्र को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार कार्रवाई की तैयारी में है. हालांकि, कई दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. फिलहाल इस मामले में आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है.
फिल्म सतलुज ओटीटी से तो हट गई है, लेकिन कई लोग इसे किसी ना किसी तरीके से देख रहे हैं. पाकिस्तानी एक्ट्रेस बुशरा अंसारी ने हाल ही में इसे देखा और इमोशनल भी हो गईं. उनका कहना है जबसे उन्होंने फिल्म देखी है, वो ठीक से सो नहीं पाई हैं.
पंजाब में 1980 और 1990 के दशक के उग्रवाद के दौर को लेकर बनी फिल्म 'सतलुज' को लेकर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बयान ने बीजेपी की प्रदेश इकाई में मतभेद उजागर कर दिए हैं. बिट्टू ने फिल्म में दिखाए गए 25 हजार अवैध अंतिम संस्कार के दावे की जांच और तथ्यों के सत्यापन की मांग की है, जबकि पार्टी के अन्य नेताओं ने अलग रुख अपनाया है.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज कथित पुलिस ज्यादती से पंजाब में मारे गए अनाम लोगों के लिए न्याय मांगती है. जबकि, इसके दूसरी ओर कई आवाजें हैं जो खालिस्तानी आतंकवाद का शिकार हुए लोगों के लिए यही गुहार लगाती हैं. लेकिन, न्याय की इस लड़ाई में भुला दिए जाते हैं पंजाब के कुत्ते. जिनका कत्लेआम खालिस्तानी आतंकवाद का बेहद क्रूर और अमानवीय चेहरा है.
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब की फिल्म 'सतलुज' में दिखाए गए 25,000 लापता या अवैध दाह-संस्कार किए गए शवों के दावे को चुनौती दी है. उन्होंने फिल्म मेकर्स से पुख्ता दस्तावेज और प्रमाणित डेटा पेश करने को कहा है. बिट्टू ने आरोप लगाया कि फिल्म में पंजाब के उग्रवाद के दौर को एकतरफा तरीके से दिखाया गया है और आतंकवाद के शिकार निर्दोषों के बलिदान को कमतर आंका गया है.
दिलजीत की फिल्म सतलुज इंडिया में तो बैन कर दी गई थी. लेकिन अब उसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म से भी हटा दिया गया है. कई यूजर्स ने सोशल मीडिया के जरिए दावा किया है कि ये फिल्म जी5 से हर जगह हटा दी गई है.
जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के दोषी पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह के लापता होने को लेकर नाभा ओपन जेल प्रशासन ने पंजाब पुलिस से उनके पते का सत्यापन करने को कहा, लेकिन होशियारपुर में वे नहीं मिले.
पंजाब में ओटीटी प्लेटफॉर्म से पंजाबी फिल्म 'सतलुज' हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अमृतसर में फिल्म पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला.
थलपति विजय की फिल्म जन नायगन तो अब सेंसर बोर्ड से पास हो गई है, लेकिन दिलजीत की सतलुज पर बड़ा विवाद अभी भी जारी है. अब सवाल यही है कि सेंसरबोर्ड कैसे काम करता है, आपको विस्तार से समझाते हैं.
दिलजीत की फिल्म सतलुज पर तो बवाल चल ही रहा था. अब सिंगर एक और कारण से सुर्खियों में आ गए हैं. उनसे एक फैन ने लाइव सेशन के दौरान यूएस नागरिकता को लेकर सवाल किया, जिससे दिलजीत ने बचने की कोशिश की.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म Punjab '95 (सतलुज) ने जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को फिर चर्चा में ला दिया है. लेकिन कुछ साल पहले सिद्धू मूसेवाला ने अपने विवादित गाने SCAPEGOAT में खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर (बीबी खालड़ा) का नाम लेकर नई बहस छेड़ दी थी.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को जी5 से हटाए जाने के बाद भी फिल्म के कलाकारों को भरपूर सराहना मिल रही है. फिल्म में सीनियर पुलिस ऑफिशियल का क्रूर किरदार निभाने वाले एक्टर कंवलजीत सिंह ने खुलासा किया है कि उन्हें इस रोल के लिए सबसे बड़ी तारीफ सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह से मिली.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. जी5 से अचानक हटाए जाने के बाद अब पॉपुलर फिल्म रेटिंग वेबसाइट IMDb से सतलुज की दमदार 9.5 रेटिंग भी गायब हो गई है. इस पर बॉलीवुड डायरेक्टर संजय गुप्ता ने तीखा रिएक्शन देते हुए IMDb को 'फर्जी' बता दिया है.
पंजाब में आतंकवाद के दौर की एक कहानी दिलजीत दोसांझ ने अपनी फिल्म सतलुज में कही है. ये दास्तान है पंजाब पुलिस की ज्यादती के चलते मारे गए लोगों और उनकी गुमनामी की. लेकिन, जिस तरह हर नदी के दो किनारे होते हैं, उसी तरह इस सतलुज का भी दूसरा किनारा है. जहां हजारों बेगुनाहों का खून बिखरा है. आतंकवादियों के शिकार लोगों की लाशें हैं.
रवनीत सिंह बिट्टू ने ओटीटी से फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने के पीछे बीजेपी या केंद्र सरकार का हाथ होने से साफ इनकार किया है. उन्होंने कहा कि विरोधियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद हैं.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' भले ही रिलीज के 48 घंटों के भीतर जी5 से हटा दी गई हो, लेकिन इस शॉर्ट-रिलीज ने मेकर्स और स्टारकास्ट को कई बड़े फायदे पहुंचा दिए हैं. सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि फिल्म का बिना किसी कट-छांट वाला ओरिजिनल वर्जन जनता तक पहुंच चुका है
फिल्म सतलुज को लेकर हो रहे बवाल के बीच पाकिस्तान से एक हैरान करने वाला रिएक्शन सामने आ रहा है. वहां की एक पॉलिटिकल पार्टी के लीडर ने सोशल मीडिया पर पूछा है कि वो सतलुज जैसी पिक्चर को कहां देख सकते हैं. उनकी बात सुनकर वहां के कई लोगों ने दिलजीत की विवादित फिल्म देखने का मन बनाया है.