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Meta के बाद अब दूसरे प्लेटफॉर्म भी सरकार के रडार पर, कंपनियों से होगी बात और इसकी होगी जांच

भारत सरकार अब Meta के बाद दूसरे प्लेटफॉर्म से भी बातचीत करने की योजना बना रही है. सूत्र के मुताबिक, सरकार यह जांच करेगी कि भारतीय कानून के तहत वे इंटरमीडियरी की परिभाषा में आते हैं या नहीं.

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मेटा के बाद दूसरे प्लेटफॉर्म को बुलाएगी सरकार. (File Photo: Unsplash)
मेटा के बाद दूसरे प्लेटफॉर्म को बुलाएगी सरकार. (File Photo: Unsplash)

भारत सरकार मेटा के बाद अब अन्य प्लेटफॉर्म को भी बुलाने की योजना बना रही है. सरकार जांच करेगी कि वह अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं या नहीं. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक वीडियो को हटाने वाले मामले में मेटा को माफी मांगनी पड़ी है. अब सरकार अन्य प्लेटफॉर्म्स को भी बुलाने की योजना बना रही है.  

सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बुलाकर यह जांच करेगी कि भारतीय कानून के तहत वे इंटरमीडियरी की परिभाषा में आते हैं या नहीं. ये जानकारी सूत्र के हवालों से मिली है. 

अगर Meta या अन्य प्लेटफॉर्म यह तय करते हैं कि कौन-सा कंटेंट किसे दिखाया जाए, तो यह पब्लिशिंग के कंटेंट के तहत आते हैं. ऐसे में प्लेटफॉर्म को अपने काम की जिम्मेदारी लेनी होगी. 

प्लेटफॉर्म तय करता है कि यूजर्स क्या देखें?

सूत्र के मुताबिक, जब किसी प्लेटफॉर्म का रिकमेंडेशन सिस्टम यह तय करता है कि किस यूजर को कौन-सा कंटेंट दिखाया जाए, या वह पेड कंटेंट को प्रमोट करता है, तो उसके इंटरमीडियरी स्टेटस पर सवाल खड़े होते हैं. 

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मेटा ऑफिसर ने कहा, जो हुआ गलत हुआ 

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हाल ही में अमेरिका से भारत आए मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कैपलन ने लिखित बयान में माफी मांगी. उन्होंने नरेंद्र मोदी के फेसबुक पोस्ट पर लगी पोस्ट रिमूव होने पर खेत जताया. साथ ही मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कुछ मामलों के लेकर खेत जताता है. 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई थी मीटिंग 

मेटा अधिकारियों की ये मीटिंग केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई. मेटा से पूछा गया कि क्या कंपनी पैसे लेकर कुछ अलग तरह के कंटेंट को प्रमोट करती है. 

यह भी पढ़ें: Meta के एल्गोरिदम में खामियां? केंद्र के साथ बैठक में कंपनी ने मानी गलती

नियम ना मानने पर खत्म होगा अधिकार  

मेटा के साथ बातचीत के दौरान सरकार ने  सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79 का जिक्र किया है. अगर कोई प्लेटफॉर्म मीडिएटर के रूप में अपनी कानूनी जिम्मेदारी का पालन नहीं करते हैं तो उनको मिलने वाली सेफ हार्बर सुविधा को खत्म किया जाएगा. सेफ हार्बर एक तरह की कानूनी सुरक्षा होती है. 

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