मेटा
मेटा प्लेटफॉर्म्स, इंक. (Meta Platforms, Inc.), जो मेटा (Meta) के नाम से बिजनेस करता है, एक अमेरिकी मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी ग्रुप है (American Multinational Technology Conglomerate). इसे पहले फेसबुक, इंक. और फेसबुक डॉट कॉम इंक के नाम से जाना जाता था (Meta Formerly Known as Facebook). इसका मुख्यालय मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है (Headquarters of Meta). यह मूल रूप से सोशल मीडिया, सोशल नेटवर्क एडवरटाइजिंग, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज से संबंध रखता है. मेटा फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसी अन्य सहायक कंपनियों का मूल संगठन है. मेटा दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक है. यह Google, Amazon, Apple और Microsoft के साथ पांच बड़ी अमेरिकी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है. इसके सह-संस्थापक और सीईओ मार्क जकरबर्ग हैं (CEO of Meta).
मेटा के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज में फेसबुक, मैसेंजर, फेसबुक वॉच और फेसबुक पोर्टल शामिल हैं. इसने ओकुलस, गिफी, मैपिलरी, कस्टोमर का भी अधिग्रहण किया है और जियो प्लेटफॉर्म्स में इसकी 9.99% हिस्सेदारी है (Meta Products and Srevices).
जकरबर्ग ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर 4 जनवरी 2004 को कैंब्रिज, मेसाचुसेट्स, अमेरिका में फेसबुक की स्थापना की थी. अक्टूबर 2021 में, फेसबुक की मूल कंपनी ने "मेटावर्स के निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित करने" के लिए अपना नाम बदलने की योजना बनाई थी. मेटा के मुताबिक "मेटावर्स" एकीकृत वातावरण को बताता है और यह कंपनी के सभी उत्पादों और सेवाओं को जोड़ता है. फेसबुक ने 28 अक्टूबर 2021 को कंपनी को मेटा के रूप में ब्रांडेड किया (History of Meta).
31 दिसंबर 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, मेटा ने लगभग 118 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व उत्पन्न किया. इसमें लगभग 47 अरब अमेरिकी डॉलर उसका ऑपरेटिंग इनकम और 39.37 अरब डॉलर उसका नेट इनकम था. 2021 में, कंपनी ने अपने राजस्व का 97.5% विज्ञापन से पैदा किया. (Meta Income and Revenue).
दुनिया भर में कई लोग अब अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर अपने जुनून को करियर बना रहे हैं. सिंगापुर के एल्विन टैन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. वह मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, लेकिन नौकरी में अनिश्चितता, लगातार बढ़ता तनाव और कॉर्पोरेट जीवन से ऊब के कारण उन्होंने अलग रास्ता चुना. एल्विन ने नौकरी छोड़कर नूडल्स की दुकान खोल ली. भले ही उनकी कमाई पहले से कम हो गई हो, लेकिन उनका कहना है कि अब वह पहले से ज्यादा खुश और संतुष्ट हैं.
WhatsApp का सबसे चर्चित Username फीचर लॉन्च होने से पहले भारत में मुश्किल में फंस गया है. भारत सरकार ने Meta को नोटिस भेजकर इस फीचर पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सरकार का कहना है कि अगर मोबाइल नंबर छिपाकर सिर्फ Username के जरिए चैटिंग शुरू होगी, तो साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम बढ़ सकते हैं. आखिर WhatsApp का Username फीचर पर सरकार को क्या खतरा दिख रहा है और Meta ने इस पर क्या जवाब दिया है? देखें वीडियो.
इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने हाल ही में एक यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. भारत सरकार की तरफ से इस फीचर पर रोक लगाने को कहा गया. फिलहाल भारत में ये फीचर नहीं आएगा. हालांकि सरकार और मेटा की बातचीत जारी है और इस फीचर का रिव्यू किया जा रहा है.
मेटा ने विवादों में घिरने के बाद अपने AI इमेज जनरेटर फीचर को वापस लेने का फैसला किया है. इस फीचर का नाम म्यूज इमेज है, जिसकी मदद से किसी भी इंस्टाग्राम यूजर्स का इमेज तैयार किया जा सकता था. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
इंस्टाग्राम पिछले कुछ समय से अपने प्लेटफॉर्म से एक एक करके प्राइवेसी और सेफ्टी फीचर हटाता जा रहा है. पहले मैसेज से एंड टु एंड एन्क्रिप्शन खत्म किया गया. अब कंपनी एक ऐसा फीचर लेकर आई है जिससे बवाल मच गया है.
वॉट्सऐप यूजरनेम पर सरकार आज कोई बड़ा फैसला ले सकती है. दरअसल मेटा से इस फीचर पर जवाब मांगा गया था. मोहलत भी बढ़ाई गई. आज इसका आखिरी दिन है. कंपनी के जवाब पर और सरकार पर डिपेंड करेगा कि ये फीचर भारतीय यूजर्स को मिलेगा या नहीं.
वॉट्सऐप में ऑनलाइन स्टेटस फिलहाल चैटिंग के दौरान यूजर के नाम के नीचे दिखता है. आने वाले समय में ग्रीन डॉट के जरिए ये बताया जाएगा कि यूजर ऑनलाइन है. लेकिन इसमें भी बदलाव किया जाएगा.
अमेरिकी कंपनी मेटा पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया है. दिलचस्प ये है कि कंपनी की वैल्यूएशन 1.5 ट्रिलियन डॉलर्स मानी जाती है. यानी कंपनी की वैल्यू के लगभग बराबर. लेकिन मामला क्या है? आइए जानते हैं.
अमेरिका के कई राज्यों ने मेटा पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर की पेनाल्टी की मांग की है. आरोप है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के डिजाइन से बच्चों में सोशल मीडिया की लत बढ़ी. हालांकि, ये मामला अमेरिकी मुकदमे से अलग है. फिलहाल अदालत में सुनवाई और जांच की प्रक्रिया जारी है.
वॉट्सऐप के अपकमिंग यूजरनेम फीचर पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. भारत के बाद अब सोमालिया भी इस फीचर के खिलाफ आ गया है. फिलहाल भारत में मेटा को जवाब देने के लिए कुछ दिनों की और मोहलत मिल गई है.
WhatsApp Username: वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर आने से पहले ही विवादों में है. सरकार ने मेटा से भारत में इस फीचर को रोकने को कहा है. पहले तीन दिन में सरकार ने जवाब मांगा था, अब रिपोर्ट है कि इसे बढ़ा कर 9 जुलाई तक का समय दे दिया गया है.
मेटा को सरकार ने वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर पर रोक लगाने के लिए हाल ही में नोटिस भेजा है. तीन में तीन में कंपनी से जवाब मांगा गया है. इसी बीच मेटा ने सरकार से मुलाकात की है.
इंस्टाग्राम को अगर सॉफ्ट पोर्न का ग्राम कहा जाए तो अतिश्योक्ती नहीं होगी. इंस्टाग्राम कुछ सालों से अश्लील कंटेंट का अड्डा बनता जा रहा है. BBC की एक इन्वेस्टिगेशन में पाया गया है कि इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण के ऐड्स चल रहे हैं. भारत सरकार की तरफ से इस मामले पर इंस्टा की पेरेंट कंपनी मेटा को समन भेजा गया है.
वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर लॉन्च होने से पहले ही बवाल हो गया. सरकार ने कंपनी को नोटिस भेज दिया है. लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे वॉट्सऐप और सरकार दोनों ही वॉट्सऐप यूजर्स के हितों का नहीं सोच रही हैं. मेटा की नजर यूजर डेटा पर है, वहीं सरकार साइबर फ्रॉड रोकने के लिए आसान तरीके ढूंढती नजर आ रही है. लेकिन क्या यूजरनेम फीचर नहीं लॉन्च होगा तो फ्रॉड कम हो जाएंगे?
सिक्योर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को हाल ही में भारत में कुछ दिनों के लिए बैन किया गया था. अब सरकार ने इस ऐप को नोटिस भेज कर यूजरनेम फीचर के बारे में जवाब देने को कहा है. हाल ही में वॉट्सऐप को भी सरकार का नोटिस गया है. इसकी भी वजह यूजरनेम फीचर बना.
इंस्टैंस मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप में एक यूजरनेम फीचर जुड़ा है. हालांकि अभी ये काम नहीं कर रहा है, लेकिन इसे लेकर बवाल मच चुका है. सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा को नोटिस भेज कर इस फीचर को रोकने के लिए कहा है. लेकिन ऐसा क्यों? क्या है ये फीचर, काम कैसे करता है और बवाल क्यों मचा है? आइए जानते हैं.
WhatsApp के नए फीचर यूजरनेम को लेकर बवाल हो रहा है. भारत सरकार ने मेटा को नोटिस भेजकर 3 दिनों में जवाब देने का निर्देश दिया है और यूजरनेम फीचर का रोलआउट फिलहाल भारत में रोकने को कहा है. सरकार ने यूजरनेम फीचर के खतरों को लेकर चिंता जाहिर की है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
WhatsApp ने बड़ा ऐलान किया है. अब ऐप में यूजरनेम का फीचर ऐक्टिव होगा. यूजरनेम फीचर के आने के बाद बिना अपना नंबर शेयर किए हुए किसी से बातचीत कर सकते हैं. कंपनी ने कहा है कि लोग अपना यूजरनेस रिजर्व कर सकते हैं.
WhatsApp पर यूजरनेम रिजर्व कर सकते हैं. कंपनी के सीईओ कुणाल शाह ने कहा है कि उन्हें ये फीचर लॉन्च से पहले मिल गया. हम आपको यूजरनेम रिजर्व करने का तरीका बताते हैं.
मार्क जकबर्ग ने जब WhatsApp खरीदा था तो एक वादा किया था. उन्होंने कहा था कि वो ऐप का डेटा नहीं बेचेंगा और ना ही मेटा के साथ शेयर करेंगे. ये वादा कुछ ही साल टिका. भारतीय फिनटेक ऐप क्रेड में उन्हेंने 900 मिलियन डॉलर लगाए हैं. क्रेड का वादा है कि डेटा शेयर नहीं होगा.
मेटा ने नए स्मार्ट ग्लासेस लॉन्च किए हैं. ये एआई स्मार्ट ग्लास MetaRayBan से थोड़े अलग हैं और इनकी कीमत भी कम है. हालांकि फीचर्स कमोबेश एक जैसे ही हैं. आइए जानते हैं क्या कुछ है इसमें खास.