भारतीय क्रिकेट टीम में अब किसी खिलाड़ी को फिट घोषित करने में BCCI कोई भी जल्दबाजी नहीं करेगा. बोर्ड ने खिलाड़ियों की चोट और फिटनेस को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने का फैसला किया है. अब किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने से पहले उसकी फिटनेस को पूरी तरह जांचा जाएगा.
दरअसल, हाल के समय में कई खिलाड़ी टीम में चुने जाने के बाद चोट या फिटनेस की वजह से बाहर हो गए. ऐसे मामलों के बाद BCCI, चयनकर्ता और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं.
हर्षित राणा के मामले से मिली सीख
तेज गेंदबाज हर्षित राणा की फिटनेस का मामला भी चर्चा में रहा. लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टीम में वापसी की थी, लेकिन वापसी के कुछ ही समय बाद उन्हें फिर फिटनेस की समस्या का सामना करना पड़ा और वह दौरा पूरा नहीं कर सके. अब BCCI नहीं चाहता कि किसी खिलाड़ी को फिट घोषित करने के बाद उसे कुछ दिनों में ही टीम से बाहर करना पड़े.
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बुमराह समेत कई खिलाड़ियों पर नजर
बीसीसीआई ने 1 सितंबर (मंगलवार) को अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से होने वाली 3 टी20 मैच की सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया. इस बार टीम में कई बदलाव देखने को मिले. संजू सैमसन की दोबारा टीम में वापसी हुई. हार्दिक पंड्या अनफिट होने के कारण अभी भी टीम से बाहर हैं.
जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा की फिटनेस पर नजर रखी जा रही है. इन खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने का फैसला उनकी अंतिम फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर होगा.
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जसप्रीत बुमराह के सीरीज के लिए उपलब्ध रहने की उम्मीद है. वहीं नीतीश कुमार रेड्डी भी अपनी चोट से उबरने के बाद लगातार मेहनत कर रहे हैं और फिटनेस हासिल करने के करीब हैं. हालांकि, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर की स्थिति पर अभी पूरी तरह फैसला नहीं हुआ है.
अब फिटनेस पर होगा खास फोकस
BCCI का साफ मानना है कि किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में फिट घोषित करने से बेहतर है कि उसे पूरी तरह ठीक होने का समय दिया जाए. इसलिए अब खिलाड़ियों की फिटनेस की बारीकी से जांच होगी और पूरी तरह फिट होने के बाद ही उन्हें टीम के लिए उपलब्ध माना जाएगा. यानी आने वाले समय में भारतीय टीम में खिलाड़ियों की एंट्री के लिए सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि 100 फीसदी फिटनेस भी बेहद जरूरी होगी.