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How to Make Multigrain Atta: गेहूं के आटे में इस तरह मिलाएं सोयाबीन और बेसन, रोटियां बनेंगी हेल्दी और टेस्टी

How to Make Multigrain Atta: रोजाना खाई जाने वाली गेहूं की रोटी को आप कुछ आसान तरीकों से ज्यादा हेल्दी और पौष्टिक बना सकते हैं. आज हम आपको रोटी को हेल्दी बनाने का एक आसान तरीका बताएंगे, जिससे उसका पोषण बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

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इस तरीके से बनाएं मल्टीग्रेन आटे की रोटियां (Photo- ITG)
इस तरीके से बनाएं मल्टीग्रेन आटे की रोटियां (Photo- ITG)

How to Make Multigrain Atta: हेल्दी और फिट रहने के लिए सिर्फ सब्जियां और फल खाना ही काफी नहीं है, बल्कि रोजाना की डाइट में छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना भी जरूरी है. भारतीय घरों में रोटी लगभग हर दिन खाई जाती है और ज्यादातर घरों में गेहूं की रोटियां बनती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गेहूं के आटे में कुछ पौष्टिक चीजें मिलाकर रोटी को और हेल्दी और टेस्टी बनाया जा सकता है. आज हम आपको रोजाना की रोटी को हेल्दी बनाने का आासन तरीका बताएंगे, जिससे आपके खाने का पोषण भी बढ़ेगा और स्वाद भी.

कैसे तैयार करें परफेक्ट और हेल्दी आटा?

इसके लिए आप घर पर सही अनुपात में मल्टीग्रेन आटा तैयार कर सकते हैं. इसके लिए 10 किलो गेहूं के आटे में 1 किलो सोयाबीन का आटा और 1 किलो बेसन मिलाकर रख सकते हैं. अगर आप एक बार में 10 किलो आटा नहीं बनाना चाहते हैं तो कम मात्रा में भी इसी अनुपात में आटा तैयार कर सकते हैं. सोयाबीन प्रोटीन का बेहतर सोर्स है, जबकि बेसन में भी प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है. इन्हें मिलाकर रोटियां बनाने से खाने का स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं.

इसके अलावा, आटा गूंथते समय उसमें पालक या मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां भी मिला सकते हैं. हालांकि, सब्जियों की मात्रा 25% से ज्यादा न रखें, क्योंकि ज्यादा सब्जियां मिलाने से रोटी बेलने में परेशानी हो सकती है. इन्हें मिलाने से रोटियों का स्वाद बढ़ेगा और उनमें फाइबर, विटामिन समेत कई जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा भी बढ़ सकती है.

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मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने के क्या फायदे हैं?

इस मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियां खाने से शरीर को प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं. गेहूं के आटे के साथ सोयाबीन का आटा और बेसन मिलाने से रोटियों में प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है जो मसल्स को मजबूत बनाने और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. वहीं, फाइबर डाइजेशन को बेहतर रखने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है. आटा गूंथते समय पालक या मेथी मिलाने से रोटियों में विटामिन, मिनरल्स और फाइबर की मात्रा बढ़ सकती है.

इन बातों का रखें ध्यान
मल्टीग्रेन आटा बनाते समय सभी चीजों की मात्रा अपनी जरूरत के हिसाब से रखें. आटे में बहुत ज्यादा सब्जियां मिलाने से रोटी बेलना मुश्किल हो सकता है, इसलिए शुरुआत कम मात्रा से करें. 

अगर आपको सोयाबीन या गेहूं से एलर्जी है तो इनका इस्तेमाल न करें. सीलिएक रोग या ग्लूटेन से जुड़ी समस्या होने पर गेहूं के आटे की जगह डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार आटा चुनें.

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