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गेहूं

गेहूं

गेहूं

गेहूं (Wheat) भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसलों में से एक है. यह देश के करोड़ों लोगों के दैनिक भोजन का हिस्सा है और मुख्य रूप से रोटी, ब्रेड, बिस्कुट, पास्ता और अन्य खाद्य उत्पादों के निर्माण में उपयोग किया जाता है. भारत दुनिया के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देशों में शामिल है और इसकी खेती देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर की जाती है.

गेहूं एक रबी फसल है, जिसकी बुवाई आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच की जाती है. फसल की कटाई मार्च से अप्रैल के दौरान होती है. इसके लिए ठंडा मौसम और मध्यम तापमान उपयुक्त माना जाता है. फसल के विकास के दौरान हल्की ठंड और पकने के समय शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है.

भारत में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार गेहूं उत्पादन के प्रमुख राज्य हैं. इनमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का योगदान सबसे अधिक माना जाता है. हरित क्रांति के बाद देश में गेहूं उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई, जिससे भारत खाद्यान्न के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बना.

गेहूं की कई किस्में विकसित की गई हैं, जिन्हें अलग-अलग जलवायु और मिट्टी की परिस्थितियों के अनुसार उगाया जाता है. कृषि वैज्ञानिक समय-समय पर नई किस्मों का विकास करते हैं, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन मिल सके.

गेहूं का व्यापार भी देश की कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है. किसान अपनी उपज को मंडियों में बेचते हैं, जबकि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के माध्यम से गेहूं की खरीद करती है. इसके बाद इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य योजनाओं के तहत लोगों तक पहुंचाया जाता है.

भारत में गेहूं केवल एक फसल नहीं, बल्कि कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद है, जो देश की खाद्य व्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है.

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