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रोटी

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रोटी

रोटी (Roti) भारतीय खानपान में लंबे समय से शामिल एक प्रमुख खाद्य पदार्थ है. इसे आमतौर पर गेहूं के आटे से बनाया जाता है और भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग नाम और तरीके से तैयार किया जाता है. घरों में रोटी रोजाना के भोजन का हिस्सा होती है और इसे सब्जी, दाल, दही या अचार के साथ खाया जाता है.

रोटी बनाने के लिए गेहूं के आटे में पानी मिलाकर आटा गूंथा जाता है. इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें बेलन की मदद से गोल आकार दिया जाता है. फिर इसे गर्म तवे पर सेंका जाता है. कुछ लोग रोटी को सीधे आंच पर भी फुलाते हैं. रोटी बनाने का तरीका घर और क्षेत्र के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है.

भारत में रोटी की कई किस्में देखने को मिलती हैं. सामान्य गेहूं की रोटी के अलावा बाजरे की रोटी, ज्वार की रोटी, मक्के की रोटी, रागी की रोटी और मल्टीग्रेन रोटी भी बनाई जाती है. अलग-अलग अनाज से तैयार होने वाली इन रोटियों का स्वाद, बनावट और पकाने का तरीका अलग होता है.

उत्तर भारत में गेहूं की रोटी रोजमर्रा के भोजन में काफी आम है. पंजाब में मक्के की रोटी को पारंपरिक भोजन के रूप में जाना जाता है, जबकि राजस्थान में बाजरे की रोटी का खास स्थान है. मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भी अलग-अलग अनाजों से रोटी तैयार करने की परंपरा है.

रोटी का आकार भी क्षेत्र और परिवार की पसंद के हिसाब से अलग हो सकता है. कहीं पतली रोटी बनाई जाती है तो कहीं थोड़ी मोटी. कुछ जगहों पर रोटी में घी या मक्खन लगाया जाता है, जबकि कई लोग इसे बिना किसी अतिरिक्त सामग्री के खाते हैं.

रोटी के लिए इस्तेमाल होने वाला आटा भी अलग-अलग तरह का हो सकता है. बाजार में गेहूं का आटा, चक्की का आटा और मल्टीग्रेन आटा आसानी से उपलब्ध है. घरों में कई लोग अपनी पसंद के अनुसार आटे में अलग-अलग अनाज मिलाकर रोटी तैयार करते हैं.

आज रोटी केवल घर के भोजन तक सीमित नहीं है. रेस्तरां, ढाबों और भोजनालयों के मेन्यू में भी कई तरह की रोटियां मिलती हैं. तंदूरी रोटी, मिस्सी रोटी, रुमाली रोटी और विभिन्न अनाजों की रोटियां भारतीय भोजन की पहचान का हिस्सा बन चुकी हैं.
 

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