महाराष्ट्र की सियासत में बीते कुछ समय से शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकातें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं. सोमवार को एक बार फिर दोनों नेता साथ नजर आए, लेकिन इस बार मौका सियासी नहीं बल्कि पारिवारिक था. दिल्ली में एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और सारंग लखानी के वेडिंग रिसेप्शन में पीएम मोदी पहुंचे, जहां वह शरद पवार के साथ बैठे और बातचीत करते नजर आए. खास बात यह रही कि इस समारोह में अमित शाह से लेकर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी तक कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हुए.
राजधानी दिल्ली में सोमवार को एनसीपी (एसपी) नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की शादी का रिसेप्शन आयोजित किया गया था. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों की कई हस्तियां शामिल हुईं. समारोह से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के साथ बैठे और उनसे बातचीत करते नजर आ रहे हैं.
रिसेप्शन के दौरान पीएम मोदी ने नवविवाहित जोड़े और परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की. वहीं, वीडियो में रिसेप्शन स्थल पर बड़ी संख्या में मेहमान दिखाई दे रहे हैं. पीएम मोदी कार्यक्रम के दौरान लोगों से मुलाकात और अभिवादन करते भी नजर आए. बता दें कि रेवती सुले एनसीपी (एसपी) की बारामती से सांसद सुप्रिया सुले की बेटी और शरद पवार की नातिन हैं. शादी के रिसेप्शन में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी और शरद पवार के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद चर्चा में हैं.
पीएम मोदी से आठ सदस्यों के साथ मिली थीं सुप्रिया सुले
रेवती सुले की शादी सारंग लखानी से हुई है. रिसेप्शन में शरद पवार ने खुद सभी अतिथियों का स्वागत किया. रिसेप्शन कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी भी पहुंची थीं.
इससे पहले सोमवार को सुप्रिया सुले ने पार्टी के आठ सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. करीब 20 मिनट तक चली इस बातचीत के बाद एक बार फिर डिलिमिटेशन बिल को लेकर NCP-SP के रुख को लेकर चर्चा होने लगी है. बता दें, कि सुप्रिया पहले ही साफ कर चुकी हैं कि उनकी पार्टी किसी भी परिसीमन विधेयक का समर्थन तभी करेगी, जब उनकी सभी जरूरी मांगों को विधेयक के ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा.
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई इस बैठक को लेकर INDIA गठबंधन के भीतर हलचल मच गई है. हालांकि इस पूरी बैठक के दौरान डीलिमिटेशन का मुद्दा नहीं उठा. NCP-SP सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास और जनहित के कई अहम मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे. बीड से सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर के उजनी बांध से बीड जिले तक पानी पहुंचाने की मांग उठाई.
वहीं शिरूर के सांसद अमोल कोल्हे ने नासिक-पुणे रेलवे लाइन से जुड़े विवाद का मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने रखा. भिवंडी के सांसद बालू मामा म्हात्रे ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम स्थानीय नेता डीबी पाटील के नाम पर रखने की मांग की. इसके अलावा सांसदों ने किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा की.
महाराष्ट्र की सियासत में बयानबाजी तेज
इस पूरी बैठक के बाद महाराष्ट्र की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रिया सुले और NCP-SP सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए किसी भी पार्टी के सांसदों का उनसे मिलना गलत नहीं है.
वहीं, दूसरी तरफ शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सांसदों को प्रधानमंत्री से निजी मुलाकात इसलिए करनी पड़ रही है, क्योंकि संसद के भीतर प्रधानमंत्री आसानी से उपलब्ध नहीं होते. कांग्रेस नेताओं का दावा है कि NCP-SP सांसदों ने प्रधानमंत्री के सामने डीलिमिटेशन बिल को लेकर अपनी आपत्तियां भी रखी होंगी.
हालांकि, सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के रुख को लेकर एक अन्य अहम मुद्दे पर स्पष्टता दिखाई. उन्होंने प्रस्तावित FCRA बिल का विरोध करते हुए इसे वापस लेने या संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की मांग दोहराई.