Student Protest Ranchi रांची में JPSC परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने सोमवार को बड़ा प्रदर्शन किया. बीते कई दिनों से प्रोटेस्ट कर रहे छात्र विधानसभा का घेराव करने पहुंचे. सोमवार दोपहर छात्रों को पहले बैरिकेडिंग के जरिये रोका गया, फिर उन पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, इसके बाद छात्रों पर लाठीचार्ज भी हुआ. इस बीच राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट के जरिये छात्रों पर हुए बलप्रयोग को गलत बताया. उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग से नहीं बल्कि बातचीत से समस्या का समाधान निकालना होगा.
इसके बाद शाम को एक बार फिर पुलिस फोर्स एक्शन में आ गया. इस दौरान विधानसभा के सामने से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए फिर से लाठीचार्ज किया गया.
इससे पहले विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. नया विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (झारखंड उच्च न्यायालय को छोड़कर) BNS की धारा 163 लागू कर दी गई थी.
हल्की लाठी चार्ज और आंसू गैस छोड़ने के बाद भगदड़ की स्थिति हुई, तो ठीक उसके बाद छात्र म्यूजिक पर डांस करने लगे. मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में कटीले तार और बैरिकेड लगाए थे. प्रदर्शन के दौरान छात्र इन कटीले तारों को उठाकर ले गए थे.
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देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
रांची एसपी पारस राणा की तरफ से जानकारी दी गई है कि विधानसभा मार्च कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया है.
रांची में छात्रों के प्रदर्शन का 17वां दिन खत्म हो गया. छात्रों ने विधानसभा तक मार्च किया. प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर छात्र विधानसभा परिसर से वापस लौट गए. हालांकि, रिफॉर्म मंच और महतो गुट के कुछ छात्र अभी भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं. प्रदर्शनकारी अब जयपाल सिंह स्टेडियम लौट रहे हैं. वहीं, जेएसएससी-सीजीएल को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध जारी है. छात्र संगठनों ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है.
देर रात तक भी छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारी छात्र ने बताया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं पर जमकर लाठियां बरसाईं. उन्हें शर्म आनी चाहिए. अगर वहां महिला पुलिसकर्मी मौजूद होतीं तो बात अलग होती. हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी पुलिस ने हमारे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया. महिलाओं पर लाठीचार्ज किया गया, उनके कपड़े फाड़े गए और उन्हें पीटा गया. इस सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हम पुलिस प्रशासन का बहुत सम्मान करते थे, लेकिन यहां बहुत बड़ा अन्याय हुआ है.'
रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एक बार फिर लाठीचार्ज हो गया है. छात्र दोपहर से ही विधानसभा के सामने जुटे हुए थे. रांची में झारखंड सरकार का विधानसभा सत्र चल रहा था. शाम को पुलिस बलों ने छात्रों को हटाने के लिए उन पर लाठी चार्ज किया. इसका वीडियो भी सामने आया है. इस दौरान पुलिस कर्मी प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसके पहले राहुल गांधी ने कहा था कि रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग गलत है.
झारखंड के रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि 'अब तक सरकार की ओर से बातचीत के लिए कोई नहीं आया है.'
प्रदर्शन से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि वे यहीं पले-बढ़े हैं और झारखंड के आंदोलन में भी शामिल हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विद्यार्थियों के हक की बात नहीं कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सहायक शिक्षक के लिए उनसे चार परीक्षाएं ली गई थीं. चारों परीक्षाएं पास करने के बाद जेएसएससी कार्यालय में उनके प्रमाणपत्रों की जांच हुई, जिसमें सब कुछ सही पाया गया. इसके बाद उन्हें दूसरे जिले में भेजा गया, लेकिन अभी तक उनकी जॉइनिंग नहीं हुई है. छात्र ने कहा, 'हम लोग भगवान बिरसा मुंडा के वंशज हैं. जब वह झारखंड के लिए लड़ सकते हैं, तो हम लोग भी लड़ सकते हैं.'
रांची में विधानसभा के गेट पर पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्र, भारी पुलिसबल तैनात है. छात्रों का प्रदर्शन जारी, वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
रांची में आज छात्रों का विधानसभा मार्च था. मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में कटीले तार और बैरिकेड लगाए थे. प्रदर्शन के दौरान छात्र इन कटीले तारों को उठाकर ले गए.
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अब सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि ये सरकार कायर है.
रांची में मार्च के दौरान जमकर बवाल हो गया है. प्रदर्शनकारी और पुलिस की भिडंत हो गई है और इस दौरान पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़ दिए हैं.
रांची में मार्च के दौरान जमकर बवाल हो गया है. प्रदर्शनकारी और पुलिस की भिडंत हो गई है और इस दौरान पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़ दिए हैं.
रांची में छात्रों के प्रदर्शन के बीच झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है. उन पर 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराने के लिए ब्लैकलिस्ट में डाली गई कंपनी TDPL को पैनल में शामिल करने सहित कई आरोप हैं.
डुमरी MLA जयराम महतो विधानसभा से निकलकर छात्रों से मिले. उन्होंने कहा वो छात्रों के साथ हैं और उनकी आवाज को विधानसभा और सड़क पर भी उठायेंगे. छात्रों ने जयराम महतो को गोद में उठा लिया. वो विधानसभा परिसर में जमीन में बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
CM आवास के बाहर धरना दे रहे बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी को पुलिस ने डिटेन कर लिया था. डिटेन होने के बाद उन्होंने कहा, 'झारखंड के छात्र पिछले 15 दिनों से सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इसी मुद्दे पर आज हम सभी मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर छात्रों की मांगों पर कार्रवाई की मांग करने जा रहे थे. लेकिन हमें आवास के बाहर ही रोक दिया गया और फिर खेलगांव स्थित कैंप जेल में डिटेन कर दिया गया. सरकार की इस तानाशाही का करारा जवाब देंगे. झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा.'
छात्र प्रदर्नकारियों के सातवें और आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंचते ही पुलिस ने उनपर वाटर कैनन एक्शन शुरू कर दिया. ऐसे में छात्र पानी में जमकर डांस करने लगे और कहने लगे- 'और चलाओ, और चलाओ.'
विधानसभा की सुरक्षा में 7 बैरिकेडिंग होती है, जिसमें से छात्र प्रदर्शनकारियों ने अब तक 6 तोड़ दिए हैं. अब सातवां और आखिरी बैरिकेड बाकी है जिसे प्रदर्शनकारी तोड़ रहे हैं, अगर ये टूटी तो वो सीधे विधानसभा चले जाएंगे.

झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्र सीएम हेमंत सोरेन से अपनी मांगें पूरी करने की अपील कर रहे हैं. प्रोटेस्ट में शामिल एक छात्र ने कहा कि आज सीएम सोरेन का बर्थडे है और वो अपनी मांगों के रूप में उनसे रिटर्न गिफ्ट चाहते हैं.
9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो भी मार्च में शामिल हो गए हैं. अनशन की वजह से वो कमजोर हो गए हैं और चलने की स्थिति में नहीं हैं. ऐसे में महतो को छात्रों ने अपने कंधे पर उठा लिया और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने तिरंगा लहराकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.

रांची में विधानसभा के आस-पास प्रदर्शनकरियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स का सहारा लिया जा रहा है. पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक के रास्ते में 6 जगह बैरिकेडिंग की गई है. छात्र पहली बैरिकेडिंग पार करके आगे बढ़ गए हैं.
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देवेंद्र नाथ मेहतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना हो गए हैं. वो बाकी छात्रों के साथ मार्च में शामिल होंगे.
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर झारखंड बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास का घेराव किया. इस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया जिनमें प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू शामिल हैं.
प्रदर्शन में शामिल एक छात्र गुलाब लेकर पहुंचा. आजतक से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं ये फूल हमारे प्रिय सीएम हेमंत सोरेन के लिए हैं, जिनके कानों पर 16 दिन से जूं नहीं रेंग रही है. हम हर कांटे का जवाब फूल से देंगे.'
रांची में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे छात्रों को पुलिस ने बैरिकेड से रोकने की कोशिश की. लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग लांघकर आगे बढ़ गए. छात्र शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे हैं.

एक तरफ रांची में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ राज्य की विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सीएम आवास को घेर लिया है. पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं को हटा रही है, इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की हेमंत सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी है.

रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है. इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स से छात्रों को रोकने की कोशिश की.
रांची में जारी प्रदर्शन में कई छात्र अनशन पर बैठे हैं. विधानसभा का घेराव करने से पहले मेडिकल टीम हड़ताल पर बैठे छात्रों का चेकअप करने पहुंची.

रांची में छात्र आज विधानसभा तक मार्च करने जा रहे हैं. छात्र सुबह 10 बजे पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च करेंगे. ऐसे में छात्र पुरानी विधानसभा पहुंचने लगे हैं. उनके हाथों में पोस्टर्स हैं जिनपर लिखा है- 'जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं.'
(इनपुट- आशुतोष मिश्रा)


स्टूडेंट लीडर संजय मेहता ने सरकार से बातचीत के बाद बताया था कि सरकार उनकी सारी मांगें नहीं मान रही है. उन्होंने कहा था, 'उन सभी कैंडिडेट्स के लिए जो इस मूवमेंट को लगातार जारी रखे हुए हैं: तीन राउंड की बातचीत के बाद भी, सरकार ने हमारी 100% मांगें नहीं मानी हैं. कल (10 अगस्त) होने वाले लेजिस्लेटिव असेंबली तक मार्च के बारे में, झारखंड के सभी जिलों के कैंडिडेट्स और हमारे साथी सपोर्टर्स- अपना मोरल सपोर्ट दे रहे हैं. हम बड़ी संख्या में पुरानी असेंबली बिल्डिंग से नई बिल्डिंग तक मार्च करेंगे, इसे पूरी तरह से शांतिपूर्ण मार्च के तौर पर करेंगे. हमारी सबसे जरूरी मांगें हैं कि CGL एग्जाम कैंसिल किया जाए, CGL मामले की CBI जांच हो, सरकार हमारे सुझाए गए रिफॉर्म मॉडल को माने, और हमारे बताए गए रिक्रूटमेंट कैलेंडर को माने. अगर सरकार इनमें से एक भी मांग पूरी नहीं करती है, तो मूवमेंट तब तक जारी रहेगा जब तक वो पूरी नहीं हो जातीं.'
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को उनके आवास में नरबंद करने को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है. प्रदेश महामंत्री ने कहा है कि ये राज्य की डरी सहमी एक तानाशाही सरकार की दमनात्मक कार्रवाई है. पुलिसिया पहरा बिठा देने से सरकार की मंशा कामयाब होने वाली नहीं है. राज्य सरकार की इस प्रकार की गीदड़भभकी से छात्र आंदोलन रुकने वाला नहीं है. बीजेपी पुलिसिया कार्रवाई से पहले भी ना डरी है और ना कभी डरेगी. राज्य सरकार छात्रों की मांग को पूरा करे. सरकार लाख कोशिश कर ले विधानसभा घेराव कार्यक्रम में लाखों छात्र भाग लेंगे ही. बाउरी ने आगे कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते बीजेपी राज्य के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती है. बीजेपी ने इस मामले को नैतिक समर्थन डंके की चोट पर दिया है. बीजेपी छात्रों के इस न्याय की लड़ाई में हर कदम साथ है. छात्र पिछले 6 साल से ठगे जा रहे हैं. स्वाभाविक है कि उनके अंदर आक्रोश का तूफान है और सरकार इस तूफान को जितना दबाएगी, वो उतना ही उभर कर सामने आएगा, जिसमें राज्य सरकार का भस्म होना तय है. राज्य सरकार को अपनी ऊर्जा गैर जरूरी कार्यों में खपत करने की बजाय सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए और छात्रों की जो मांग है उसे बिना शर्त माननी चाहिए. राज्य सरकार को छात्रों के आंदोलन को दबाने का या डायवर्ट करने के प्रयास से बाज आनी चाहिए.
CBI जांच की मांग पर सरकार ने विकल्प के तौर पर रुपयों के लेन-देन की जांच ईडी को सौंपने का ऑफर दिया है. साथ ही रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव दिया गया है. लेकिन छात्रों ने इन प्रस्तावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. छात्र नेताओं ने बताया कि जब तक TDPL की आयोजित सभी परीक्षाएं और JSSC-CGL परीक्षा रद्द नहीं की जातीं और पूरे मामले की CBI जांच का लिखित आदेश जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.
विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने जबरदस्त तैयारी की है. विधानसभा के आस पास के इलाकों में धारा 163 लगाई गई है. धरनास्थल से लेकर विधानसभा के तेरह किलोमीटर मार्ग पर पांच जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं. 2 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है. झारखंड पुलिस आईआरबी और QRT को भी तैनात किया गया है. विधानसभा के मेन गेट के आस पास के इलाके में कंटीले तारों से बाउंड्री बनाई गई है. इसके साथ ही विधानसभा से एक किलोमीटर की दूरी पर किसी भी तरह की धरना प्रदर्शन जमावड़े पर रोक लगाई गई है. धरना स्थल से विधानसभा मार्ग के इलाके में सभी स्कूलों को बंद को भी बंद कर दिया गया है.
प्रशासन ने विधानसभा का घेराव करने जा रहे छात्रों को चेतावनी दी है कि किसी भी गैर-कानूनी या उग्र प्रदर्शन में शामिल होने पर छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस वेरिफिकेशन में हंगामा करता पाए जाने पर भविष्य में मिलने वाली सरकारी नौकरियों, निजी कंपनियों के अवसरों और ठेकों पर असर पड़ेगा.
इस बीच, JPSC के तीन सदस्यों- अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ होगी.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. उन्होंने कहा कि अगर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन हिंसा की कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 'पैलेट गन' की खबरों का खंडन करते हुए उन्होंने बताया कि वो दरअसल 'पेंटबॉल गन' है. इसका इस्तेमाल आपात स्थिति में हुड़दंगियों पर सॉफ्ट कलर बॉल मारकर उनकी पहचान करने के लिए किया जाता है.
रविवार को सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद छात्र नेता कुणाल ने बताया कि प्रदर्शनकारी CBI जांच पर समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैं साफ कर दूं कि हमारा विधानसभा घेराव का जो कार्यक्रम है, वो शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा. हमारी मांग CBI जांच की है, हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे.ट