शरद पवार, राजनेता
शरद गोविंदराव पवार (Sharad Govindrao Pawar) एक बड़े राजनेता हैं, जिनके पास महाराष्ट्र की क्षेत्रीय राजनीति का महारत है. वह 1999 में स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा NCP) के संस्थापक और अध्यक्ष हैं (Founder and President of the Nationalist Congress Party, NCP). पवार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) से अलग होने के बाद से राज्य सभा में एनसीपी की अगुवाई करते हैं.
अपने लंबे राजनैतिक कार्यकाल में, वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Maharashtra) रहने के अलावा केंद्र में रक्षा मंत्री, कृषि मंत्री (Minister of Defence and Minister of Agriculture) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे. पवार 3 अप्रैल 2014 से संसद में राज्य सभा के सदस्य हैं.
शरद पवार का जन्म 12 दिसंबर 1940 को हुआ था (Date of Birth). वह गोविंदराव पवार और शारदाबाई पवार के ग्यारह बच्चों में एक हैं (Sharad Pawar family). वह पुणे (Pune) जिला के बारामती (Baramati) शहर के तेरह सदस्यों वाले बड़े परिवार (Thirteen member family) से आते हैं. शरद पवार के सबसे बड़े भाई वसंत राव (Vasant Rao) की भूमि विवाद में हत्या हो गई थी. प्रताप पवार (Pratap Pawar) उनके छोटे भाई हैं. पवार ने पढ़ाई बृह्न महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पुणे से की है (Brihan Maharashtra College of Commerce (BMCC).
उन्हें यशवंतराव चव्हाण का शागिर्द (protégé of Yashwantrao Chavan) माना जाता है, वे राजनीति में बेहद कम उम्र में, 1956 में, गोआ की स्वतंत्रता के लिए प्रवरनगर में प्रदर्शन ( Goa independence in Pravaranagar in 1956) करते हुए आए, जिसके बाद वे 1962 में पूना जिला यूवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने (president of Poona district youth Congress in 1962).
शरद पवार ने 1 अगस्त 1967 को टेस्ट क्रिकेटर सदाशिव शिंदे की बेटी प्रतिभा से शादी की (Sharad Pawar Wife). उनकी एक बेटी सुप्रिया सूले (Daughter Supriya Sule) हैं. राजनीति के अलावा वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई BCCI) के अध्यक्ष रह चुके हैं. साल 2017 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @PawarSpeaks है और फेसबुक पेज का नाम @PawarSpeaks है. वे इंस्टग्राम पर @PawarSpeaksयूजरनेम से एक्टिव हैं.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पुणे के पवार ट्रस्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता देने की तैयारी की है, जिससे महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण में बदलाव की अटकलें लगने लगी हैं.
भाजपा उन पार्टियों में है जो मौजूदा सियासत से ज्यादा भविष्य के राजनीतिक संदेशों पर ध्यान केंद्रित करती है. प्रधान के इस्तीफे से एक उदाहरण बन सकता था, जिसका आगे हवाला दिया जाता. इसी वजह से पार्टी इससे पीछे हट रही थी लेकिन बड़े संसदीय लक्ष्यों को देखते हुए प्रधान की कुर्बानी अपेक्षाकृत छोटी दिखती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बैठक ने मानसून सत्र से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है. शरद पवार ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन किया, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री से मुलाकात कर विपक्षी दलों में मतभेदों को बढ़ा दिया.
CJP के विरोध-प्रदर्शन के बीच एक बड़ी सियासी तस्वीर सामने आई है. एनसीपी (SP) अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. मुलाकात में किस विषय पर बातचीत हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. लेकिन तस्वीरें सामने आईं हैं. देखें...
NCP प्रमुख शरद पवार ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की है. इस मुलाकात के दौरान उकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थी. यह मुलाकात लंबे समय बाद हो रही है और इसकी राजनीतिक दुनिया में काफी अहमियत मानी जा रही है. हालांकि इस मुलाकात में क्या चर्चा हुई है इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.
जंतर-मंतर पर जारी CJP के प्रदर्शन के बीच एनसीपी (SP) के प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की है. शरद पवार और सुप्रिया सुले मंगलवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और आंदोलनकारी छात्रों के प्रदर्शन स्थल पहुंचे थे.
महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय को लेकर हलचल तेज है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी चाहती है कि दोनों गुट पहले आपस में विलय करें, तभी उन्हें एनडीए में शामिल किया जाएगा. इसकी बड़ी वजह परिसीमन बिल है, जिसके लिए एनसीपी एसपी के नौ सांसदों का समर्थन जरूरी माना जा रहा है.
मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल को अप्रैल में संसद के विशेष सत्र में लाई थी, लेकिन पास नहीं करा सकी. अब सरकार दोबारा से मॉनसून सत्र में लाने की तैयारी में है. अप्रैल से जुलाई आते-आते सिर्फ मौसम का मिजाज ही नहीं बल्कि संसद का सियासी गणित भी बदल गया है.
एक ओर शरद पवार के नेतृत्व वाला NCP (SP) गुट अंदरूनी दबाव से जूझ रहा है. शरद पवार सार्वजनिक रूप से चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके करीबी सहयोगी जयंत पाटिल और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच देर रात हुई बैठक ने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है.
तटकरे ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली अपनी पार्टी के भीतर मतभेदों की खबरों को भी खारिज कर दिया. खबर आ रही थी कि पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. इसके अलावा उन्होंने पार्टी के मर्जर की खबरों पर भी बात की.
पिछले कुछ महीनों में देश के बदले राजनीतिक हालात ने NDA को अपने एक अहम मकसद के करीब कर दिया है. NDA सरकार को देश में परिसीमन सुनिश्चित करने के लिए 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में दो तिहाई बहुमत से पास कराना पड़ेगा. पिछले कुछ महीनों में हालात ऐसे बने हैं कि 240 सीटें जीतने वाली बीजेपी दो तिहाई बहुमत से 6 सांसद ही दूर है. हालांकि इसके लिए DMK की सहमति जरूरी है.
मॉनसून सत्र से पहले बड़ा पावर गेम खेला जा रहा है. शरद पवार की पार्टी ने लोकसभा में परिसीमन बिल का समर्थन करने के संकेत दिए हैं. अगर ऐसा हुआ तो फिर शरद पवार के 8 सांसदों से मोदी सरकार के लोकसभा में दो तिहाई बहुमत के मिशन को मजबूती मिलेगी. देखें खबरदार.
सूत्रों का कहना है कि शरद पवार की पार्टी NCP (SP) ने संसद में डिलिमिटेशन बिल को समर्थन देने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है. शरद पवार की पार्टी का ये फैसला राजनीतिक गलियारों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि NCP (SP) विपक्षी खेमे की प्रमुख पार्टियों में शामिल है.
महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक गुप्त बैठक की है. इसके बाद शरद पवार के अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने इस बैठक को सांगली के विकास कार्यों से जोड़ा है.
पुणे की एक सत्र अदालत ने कहा कि सरकार या मुख्यमंत्री की आलोचना करना अपने आप में देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना या भारत की संप्रभुता को खतरे में डालना नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने कहा कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा है.
महाराष्ट्र सरकार ने कृषि कर्जमाफी योजना की पात्रता शर्तों में बड़ी राहत दी है, जिसका शरद पवार ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से लाखों किसान योजना के लाभ से वंचित होने से बच जाएंगे. सरकार ने 2019 की कर्जमाफी योजना के लाभार्थियों के लिए 50 हजार रुपये की सीमा हटाकर 2 लाख रुपये तक की राहत देने और नियमित ऋण भुगतान से जुड़ी शर्तों में भी ढील देने का फैसला किया है.
महाराष्ट्र में शरद पवार और एकनाथ शिंदे की बैठक को लेकर ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने तीखा हमला किया था. अब शिंदे ने इस पर पलटवार करते हुए संजय राउत को आड़े हाथों लिया है. शिंदे ने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता का सम्मान करना जरूरी है. शिंदे ने इस पूरे विवाद को 'छोटी मानसिकता' बताया और कहा कि वो ऐसे आलोचकों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हैं.
ठाकरे ग्रुप के MP संजय राउत ने कहा कि शरद पवार एक बड़े नेता हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे, जिन्होंने महाराष्ट्र को करप्शन और धोखे के कीड़े से इंफेक्टेड कर दिया है, उनके कैबिन में मीटिंग करना ठीक नहीं है. संजय राउत ने कहा, आप गद्दारों को इज्जत दे रहे हैं.
देवेंद्र फडणवीस का ताजा बयान के बाद महाराष्ट्र 'ऑपरेशन लोटस' जैसी आशंकाओं पर तत्काल प्रभाव से विराम लग गया है. अव्वल तो यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का छवि सुधार कार्यक्रम ही लगता है, लेकिन तब क्या होगा जब दिल्ली से कोई फरमान आ गया? जैसे एक बार डिप्टी सीएम बनना पड़ा था.
शरद पवार की पार्टी NCP (SP) पर भी हाल फिलहाल वैसा ही खतरा महसूस किया जा रहा है, जैसे खतरों को उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी झेल चुके हैं. ऐसे में बचाव के रास्ते तलाशे जा रहे हैं. और, बचाव का एक रास्ता है शरद पवार की पार्टी का कांग्रेस में विलय - लेकिन क्या यह संभव भी है?
दिल्ली में देश के लिए जरूरी बिल पास कराने के लिए केंद्र का जो मिशन दो तिहाई शुरू हुआ है...उसकी बानगी बंगाल से महाराष्ट्र तक दिख रही है...महाराष्ट्र में उद्धव की पार्टी पहले टूटी...फिर टूटी हुई पार्टी दोबारा टूटी...इसी तरह पवार की एनसीपी पहले टूटी है...और अब टूटी एनसीपी में भी दोबारा टूट की चर्चा हो रही है...पिछले महीने 8 में से 5 सांसदों की टूट की जो अफवाह की हवा उडी थी वो दिल्ली से और मजूबत होकर लौटी है. देखें दंगल.