केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई. बैठक में संगठन विस्तार, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और विभिन्न राज्यों में पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक के बाद चिराग पासवान ने बताया कि एलजेपी (रामविलास) आगामी उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है. पार्टी ने फिलहाल दोनों विकल्प खुले रखे हैं. यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सम्मानजनक सीट बंटवारा होता है तो गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा जाएगा, अन्यथा पार्टी स्वतंत्र रूप से भी मैदान में उतर सकती है.
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की चर्चा में उत्तर प्रदेश को संगठन विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य माना गया. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बिहार से बाहर अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश में सक्रिय भूमिका निभाना आवश्यक है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी राज्य में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सामाजिक आधार बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है.
बातचीत के बाद निर्णय लिया जाएगा
हालांकि, पार्टी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. सीटों की संख्या और गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय आगे की राजनीतिक बातचीत और परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा.
चिराग पासवान ने दिया संगठन मजबूत करने का संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत, प्रभावी और जनोन्मुख बनाना समय की आवश्यकता है. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को तेज करने और कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
चुनावी तैयारी और बूथ स्तर की रणनीति
बैठक में सदस्यता अभियान, संगठनात्मक विस्तार, बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई. पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे जमीनी स्तर पर पार्टी की मौजूदगी बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चलाएं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने यह भी समीक्षा की कि जिन राज्यों में पार्टी की मौजूदगी सीमित है, वहां संगठन को कैसे मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके.
एलजेपी (रामविलास) का उत्तर प्रदेश और पंजाब चुनाव लड़ने का फैसला एनडीए की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी दलित और कुछ अन्य सामाजिक वर्गों में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही है और खुद को केवल बिहार तक सीमित दल के बजाय व्यापक राष्ट्रीय पहचान देने की रणनीति पर काम कर रही है. अब राजनीतिक नजरें इस बात पर होंगी कि आने वाले महीनों में एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर क्या बातचीत होती है और क्या एलजेपी (रामविलास) उत्तर प्रदेश और पंजाब में गठबंधन के साथ उतरती है या स्वतंत्र चुनावी रास्ता चुनती है.