सुप्रिया सुले (Supriya Sule) कांग्रेस पार्टी की राजनीतिज्ञ हैं (Congress Leader). वह 17वीं लोकसभा की सांसद हैं, जो बारामती का प्रतिनिधित्व करती हैं. उन्होंने पहले 15वीं और 16वीं लोकसभा में सांसद के रूप में भी कार्य किया है (Supriya Sule MLA Maharashtra).
सुले सितंबर 2006 में महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए चुनी गईं. 2012 में सुले के नेतृत्व में युवा लड़कियों को राजनीति में मंच देने के लिए राष्ट्रवादी युवती कांग्रेस नाम की शाखा का गठन किया गया. 2011 में, उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ एक राज्यव्यापी अभियान शुरू किया था. उन्हें सामाजिक सेवा के लिए ऑल लेडीज लीग द्वारा मुंबई वूमेन ऑफ द डिकेड अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है (Supriya Sule Political Career).
सुप्रिया सुले का जन्म 30 जून 1969 को पुणे (Pune) में हुआ था (Supriya Sule Born). वह कांग्रेस नेता शरद पवार (Sharad Pawar) की बेटी हैं उनकी मां प्रतिभा पवार हैं (Supriya Sule Parents). उन्होंने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की, बी.एससी की (Supriya Sule Education).
उन्होंने 4 मार्च 1991 को सदानंद भालचंद्र सुले से शादी की (Supriya Sule Husband). उनका एक बेटा - विजय और एक बेटी - रेवती है (Supriya Sule Children). शादी के बाद, उन्होंने कुछ समय कैलिफोर्निया में बिताया. इसके बाद, वह इंडोनेशिया और सिंगापुर चली गईं और फिर मुंबई लौट आईं.
पिछले दो साल सुनेत्रा पवार के लिए बड़े उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. 61 साल की उम्र में राजनीति में कदम रखने, लोकसभा चुनाव हारने, राज्यसभा पहुंचने और अब महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने तक उनका सफर तेजी से बदला है.
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मां आशा पवार से मुलाकात की. बजट सत्र शुरू होने से पहले सुप्रिया सुले ने दिल्ली रवाना होने से पहले आशा पवार से अनुमति ली और संसद में अपनी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता जताई.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया. इस दुर्घटना में दोनों पायलटों समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई. गुरुवार को बारामती में अजित पवार का अंतिम संस्कार किया गया. सुप्रिया सुले पूरी तरह परिवार की जिम्मेदारी संभालती नजर आईं.
Ajit Pawar Funeral News LIVE Updates: 28 जनवरी को बारामती में लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई. सूबे की सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. बारामती में हुए अंतिम संस्कार में अजित पवार की एक झलक के लिए लोगों का हुजूम नजर आया.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बुधवार सुबह एक विमान हादसे में निधन हो गया. मुंबई से बारामती जाते हुए उनका विमान लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया. विमान खेतों में गिरा और आग लग गई, जिससे उसमें सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई. घटना के पीछे घना कोहरा और कम दृश्यता की वजह से विमान क्रैश बताया जा रहा है. अजित पवार के निधन पर फूट-फूटकर रोईं सुप्रिया सुले. देखें...
एनसीपी (एसपी) और एनसीपी के द्वारा पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों से पहले संयुक्त मेनिफेस्टो जारी किया गया है. सांसद सुप्रिया सुले और अजित पवार एक साथ मंच साझा करते हुए नज़र आए.
सुप्रिया सुले ने कहा कि एमएनएस के साथ गठबंधन कर दोनों ठाकरे भाइयों ने नया कदम उठाया है. कांग्रेस के कुछ नेता इस फैसले से नाराज हैं और पुणे तथा पिंपरी चिंचवाड़ में भी इसका विरोध हो रहा है. हालांकि इन नेताओं के साथ राजनीतिक बातचीत भी हुई है. अजित पवार की पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा हुई थी. चुनाव के निर्णय कार्यकर्ताओं पर छोड़े गए हैं क्योंकि नेता माइक्रो मैनेजमेंट से बचना चाहते हैं. बीजेपी और कांग्रेस ने अमरनाथ क्षेत्र में अपना गठबंधन बना लिया है, लेकिन हमारा पक्ष बिना पूछे कोई फैसला नहीं लेता. कार्यकर्ताओं को अपनी जगह और अधिकार मिलने चाहिए.
सुप्रिया सुले ने बताया पिछली दिवाली पवार परिवार में अजित पवार की गैरहाजिरी पहली बार हुई. उस दिवाली के समय महाराष्ट्र में भारी बारिश और किसानों की कई आत्महत्या हुई थी, जिससे दिवाली का माहौल उदास हो गया था. साथ ही भारती पवार जी का भी निधन हुआ था, जिसके कारण पवार परिवार ने दिवाली नहीं मनाई.
सुप्रिया सुले ने कहा कि BMC चुनाव को कार्यकर्ताओं का चुनाव कहा जाता है, जो पहली बार कॉर्पोरेशन इलेक्शन में बड़ी भूमिका निभाते हैं. महाराष्ट्र में इस बार गठबंधन का नया मॉडल देखने को मिला है जो देश में अनूठा है. यह चुनाव कार्यकर्ताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सीधे पार्टी के लिए लड़ते हैं. इस चुनाव में दो महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं. पहला, हर शहर में अलग-अलग एलायंस और मॉडल बनाना जो कहीं और नहीं देखा गया. दूसरा, बिना विरोध के चुनाव में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव, जो चिंता का विषय है. महाराष्ट्र में कुछ उम्मीदवार इतने लोकप्रिय हैं कि उनके खिलाफ कोई लड़ने को तैयार नहीं. यह स्थिति लोकतंत्र के लिए एक चुनौती है और जरूरी है कि इसे समझकर उचित कदम उठाए जाएं.
सुप्रिया सुले ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन कमिटी में आपकी भागीदारी महत्वपूर्ण है. भारत में विभिन्न स्तरों जैसे बीएमसी, राज्य और लोकसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं. इस व्यवस्था को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है ताकि चुनाव प्रक्रिया सरल और प्रभावी बन सके. हालांकि, देश की संख्या अधिक होने के कारण इसे लागू करना इतना आसान नहीं होगा.
सुप्रिया सुले से भारत गठबंधन के नेताओं की ईवीएम मशीनों और वोटर लिस्ट के मुद्दों पर चर्चा की गई. उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे ईवीएम में संभावित गड़बड़ी के सवाल उठाते हैं, हालांकि उन्होंने खुद कहा कि वे इन मशीनों पर संदेह नहीं करते क्योंकि उन्होंने इन्हीं से चुनाव जीतकर संसद तक पहुंचा है. इसके बावजूद, वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता पर अनेक सवाल उठाए गए हैं.
महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के बीच मुंबई में आजतक के कार्यक्रम 'मुंबई मंथन' का मंच सज गया है. इस आयोजन का राजनीति के कद्दावर चेहरे हिस्सा बनेंगे. 'हम होंगे कामयाब' सेशन में NCP (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने शिरकत की. सुप्रिया ने कहा कि उनकी पार्टी उद्धव ठाकरे के साथ है और राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) से गठबंधन करना उद्धव का अपना फैसला होगा. सुले ने कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर भी बात की. सुनिए.
मुंबई में आजतक के ‘मुंबई मंथन’ कार्यक्रम में एनसीपी शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने बीएमसी और आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर कहा कि यह कार्यकर्ताओं के सम्मान और संघर्ष की लड़ाई है, लेकिन महाराष्ट्र में बने अलग-अलग और असामान्य गठबंधनों ने उन्हें चिंतित किया है. उन्होंने निर्विरोध चुनावों को बढ़ते परिवारवाद का नतीजा बताया और बीजेपी पर कांग्रेस व एनसीपी के नेताओं से भरे होने का आरोप लगाया.
शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की टी पार्टी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, सुप्रिया सुले समेत तमाम विपक्षी नेता भी पहुंचे. पीएम की इस टी मीटिंग में क्या-क्या बातें हुईं?
महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव को लेकर सियासी तपिश गर्म है, लेकिन शरद पवार मुंबई से दूरी बनाए हुए हैं. कांग्रेस के EVM के मुद्दे से पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने एक तरफ किनारा कर लिया और अपने सांसदों के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलीं. ऐसे में सवाल उठता है कि शरद पवार की पार्टी के मन में चल क्या रहा है?
सुप्रिया सुले ने कहा कि देश में हर उस व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए जो भारत में रहता है. यह देश किसी की मनमर्जी से नहीं चलेगा बल्कि भारत रत्न डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के अनुसार चलेगा. हर भारतीय का सम्मान और मान रखना बहुत जरूरी है.
NCP नेता और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने बिहार चुनाव के नतीजों के बाद सवाल उठाए थे और गंभीर आरोप भी लगाए. इन आरोपों का जवाब अब बीजेपी ने देते हुए कहा है कि लालू यादव जी की पार्टी को जो ज्यादा वोट मिले हैं उसका यह मतलब नहीं कि वे सत्ता में हैं.
बीएमसी चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है. एनसीपी (अजित पवार गुट) के विधायक संग्राम जगताप ने लोगों से सिर्फ हिंदू दुकानदारों से दिवाली का सामान खरीदने की अपील कर विवाद खड़ा कर दिया है. इस बयान पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इसे गलत बताया और जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया.
NCP सांसद सुप्रिया सुले ने कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखी है, जिसमें मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मारपीट, बिहार चुनाव में महागठबंधन की रणनीति और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल शामिल हैं. सुले ने हालिया 'वोट चोरी' के आरोपों पर अपनी सबसे बड़ी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, 'इलेक्शन कमीशन को सवाल पूछने को अच्छा नहीं लगता क्योंकि हमारा विश्वास था एक इन्स्टिट्यूशन पे, लेकिन आज जिस तरह से ये वोट चोरी या नंबर्स का जो आ रहा है ये बहुत चिंताजनक है और सशक्त लोकतंत्र के लिए ये अच्छी बात नहीं है.'
सुप्रिया सुले ने एक मीडिया हाउस में कुछ छात्रों से बात करते हुए आरक्षण के प्रति अपने दिल के उदगार को व्यक्त कर दिया. जाहिर है कि उन्हें नई पीढ़ी का सपोर्ट तो मिल रहा है पर उनकी बात पर उन्हें न परिवार में सपोर्ट मिलने वाला है न ही पार्टी का.
एनसीपी (SP) सांसद सुप्रिया सुले अपने एक बयान के कारण विवादों में घिर गई हैं. हालांकि, उन्होंने अपने बयान पर सफाई जारी कर दी है. उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा है कि वह सिर्फ अपने बच्चों की बात कर रही थीं. साथ ही उन्होंने एक पार्टी नेता के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग भी की है.