दिल्ली के नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. रेलवे सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल किसी और ट्रेन को रद्द करने की योजना नहीं है. रेलवे अधिकारी कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं.
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से जुड़ी 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी थीं. यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर बुलाया गया था. बड़े पैमाने पर ट्रेनें रद्द किए जाने के फैसले की रेलवे विशेषज्ञों, यात्री संगठनों और मान्यता प्राप्त रेलवे कर्मचारी संगठनों ने आलोचना की थी.
रद्द की गई ट्रेनों में 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली ट्रेनें और 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनें शामिल थीं. इन दोनों स्टेशनों से आगे के लिए रवाना होने वाली ट्रेनें और लोकल ट्रेनें भी रद्द की गई थीं.
हुई थी आलोचना
रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (इंजीनियरिंग) सुबोध जैन ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द करना प्रदर्शनकारियों के सामने झुकने जैसा है. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. जैन के मुताबिक, पहले आंदोलनों के दौरान एक-दो ट्रेनें रद्द की जाती थीं, लेकिन एक साथ इतनी सेवाएं कभी रद्द नहीं की गईं.
ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भी इस फैसले को अभूतपूर्व और यात्रियों के लिए नुकसानदेह बताया था. उन्होंने कहा कि अचानक ट्रेनें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी हुई, जिनमें इलाज, काम और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए यात्रा करने वाले लोग भी शामिल थे. रेलवे सूत्रों के ताजा अपडेट के मुताबिक, अब दोनों स्टेशनों पर स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है और फिलहाल अतिरिक्त ट्रेनें रद्द करने की कोई योजना नहीं है.