राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को हुए 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कनॉट प्लेस और दिल्ली के कई इलाकों में निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में कई FIR दर्ज की हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बार-बार अपील करने के बाद भी कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ एकत्रित हुई. इलाके में BNSS की धारा 163 लागू थी, इसका उल्लंघन करने पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
पुलिस ने यह भी कहा है कि आगे भी अगर ऐसा हुआ तो कार्रवाई की जाएगी. साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बरती जाएगी. यह कार्रवाई शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन के बाद हुई. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध करने वहां पहुंचे थे.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' रैली के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की थी. अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिया. अभिजीत दिपके को भी शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था. पुलिस ने बताया कि उन्हें हिरासत में लेने के बाद अब गिरफ्तार कर लिया है.
अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई की गई है. उन्हें शनिवार को स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा. कोर्ट में दिल्ली पुलिस यह मुद्दा उठाएगी कि अभिजीत दिपके ने पीस बॉन्ड की शर्तों को तोड़ा है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने से पहले दो नोटिस दिए गए थे. उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क जाने से मना किया गया था लेकिन वे नहीं माने. जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया.