अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक माने जाते हैं. यह एक व्यंग्यात्मक (satirical) राजनीतिक आंदोलन है, जो मई 2026 में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सामने आया.
NEET परीक्षा 2026 पेपर लीक मामले में सीजेपी ने जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खिलाफ प्रदर्शन किया. एक महीने से अधिक समय तक प्रदर्शन के बाद ने 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया.
अभिजीत दिपके का जन्म 29 सितम्बर 1995 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) में हुआ था. उन्होंने पुणे में पत्रकारिता (Journalism) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय से जनसंपर्क (Public Relations) में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.) की डिग्री हासिल की.
अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने राजनीति और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम किया. वर्ष 2020 से 2023 के बीच उन्होंने आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया टीम के साथ स्वयंसेवक के रूप में काम किया. इस दौरान उन्होंने डिजिटल कैंपेन और मीम-आधारित प्रचार अभियानों पर काम किया, खासकर 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय, जिसमें आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी. बाद में 2023 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चले गए.
मई 2026 में एक घटना के बाद उनका नाम फिर चर्चा में आया. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक टिप्पणी में “तिलचट्टे जैसे युवा” शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसमें उन्होंने बेरोजगारी और सोशल मीडिया से जुड़े युवाओं का उल्लेख किया था. इसके अगले ही दिन अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा “अगर सभी तिलचट्टे एक साथ आ जाएं तो क्या होगा?”
इसके बाद उन्होंने एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन शुरू किया, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी नाम दिया गया. यह कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं थी, बल्कि एक डिजिटल और प्रतीकात्मक (symbolic) समूह था. उन्होंने इसके लिए एक वेबसाइट बनाई और सदस्यता के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म भी जारी किया.
कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके और पुलिस के बीच विवाद का वीडियो सामने आया है. छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके घर पर तैनात PSI से दिपके ने बहस की और उसे हटाने की मांग की. दिपके का आरोप है कि पुलिसकर्मी उनसे मिलने आने वालों को रोक रहे थे और बदसलूकी कर रहे थे. उन्होंने सादे कपड़ों में CID कर्मियों की मौजूदगी का भी दावा किया.
दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम तक... जहां छात्र आंदोलन, वहां मोहम्मद जुनैद. खाना बांटने वाले इस चेहरे से आजतक.इन ने जाना कि दोनों आंदोलनों में उन्हें क्या फर्क दिखा, फंडिंग के सवालों पर उनका जवाब क्या है, और क्यों उन्हें लगता है कि छात्र आंदोलन भाषा, धर्म और जाति से ऊपर होकर ही अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है.
जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक आंदोलनकारियों के लिए खाना-पानी जुटाने वाले मोहम्मद जुनैद आज उसी आंदोलन की भावुक कहानी बन गए हैं. CJP आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े जुनैद 25 जुलाई को कहां थे? अब उनको दो चीजों का बहुत अफसोस है.
CJP के आंदोलन के खत्म होते ही जश्न के कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गए. पार्टी के नेता और वॉलंटियर्स डांस करते नजर आए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा वीडियो के कमेंट सेक्शन की हो रही है.
झारखंड की राजधानी रांची में जारी स्टूडेंट प्रोटेस्ट में हर दिन नया मोड़ आ रहा है. एक तरफ देश भर से प्रोटेस्ट को सपोर्ट मिलने लगा है, वहीं दूसरी तरफ यहां बैठे प्रदर्शनकारी अपने कोड ऑफ कंडक्ट और प्रदर्शन की मूल भावना को जरा भी बदलना नहीं चाहते. आईसा के मार्च से मना करके और कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन देकर ये साफ कर दिया है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह...
आज का दंगल देश में शुरू होने जा रहे नए आंदोलन को लेकर है. सितंबर महीने से देश में एक बार फिर सीजेपी का आंदोलन शुरू होने जा रहा है. सीजेपी चीफ अभिजीत दिपके ने कहा है कि क्या बोलती पब्लिक नाम से ये राष्ट्रव्यापी अभियान फिलहाल देश की शिक्षा व्यवस्था, संवैधानिक जिम्मेदारी और बेरोजगारी के तीन बडे मुद्दों पर होगी. देखें दंगल.
काकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दो दिनों की बैठक के बाद अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति के औपचारिक ढांचे का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) से जुड़े मुद्दों पर वार्ता के लिए छात्र प्रतिनिधियों और अभिभावक संरक्षकों की सूची जारी कर विशेष निर्देश दिए हैं.
अभिजीत दिपके ने ऐलान करते हुए बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी अगले महीने सितंबर में 'क्या बोलती पब्लिक' नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी. अभिजीत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब लोग तानाशाही से डरते नहीं हैं और पार्टी संविधान के मूल्यों पर आधारित है.
CJP और उसके फाउंडर अभिजीत दिपके का आगे का प्लान क्या है? एक तरफ जब, झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर, जंतर मंतर जैसा आंदोलन चल रहा है. 7 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं. ऐसे में कॉकरोच जनता पार्टी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में यानी अभिजीत दिपके के घर पर दो दिन की बैठक कर रही है. आखिर इस बैठक का मकसद क्या है? देखें दस्तक.
एंटी पेपर लीक प्रोटेस्ट के बाद CJP अब देशभर में संगठन बढ़ाने की तैयारी में है. रणनीति बैठक में तय हुआ कि संगठन राजनीति से दूर रहकर शिक्षा सुधार और छात्र आंदोलनों पर ही फोकस करेगा.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपनी आगे की रणनीति को लेकर बैठक करने वाली है. बैठक से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया है कि उनकी इस बैठक में इथेनॉल और बेरोजगारी समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी.
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर साफ किया है कि उनकी राजनीतिक दल के गठन की कोई प्लानिंग नहीं है. दीपके का कहना है कि इस समय देश को प्रेशर ग्रुप की जरूरत है और सीजेपी प्रेशर ग्रुप की तरह की काम करेगी.
जंतर मंतर आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी अपनी आगे की रणनीति और संगठन के विस्तार पर मंथन करने जा रही है. संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नई राजनीतिक पार्टी बनाने की कोई योजना नहीं है. उनका कहना है कि संगठन प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगा और युवाओं, छात्रों, बेरोजगारी व अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा.
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर रांची में चल रहे छात्र आंदोलन को अब CJP का भी समर्थन मिल गया है. अभिजीत दिपके ने छात्रों से बात करने के बाद उनकी मांगों का समर्थन करने की बात कही.
पश्चिम बंगाल की वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने CJP आयोजकों सौरव दास और अभिजीत दीपके के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत शिकायत दी है. आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक 12 साल की बच्ची को लाया गया, जिसके साथ पुलिस लाठीचार्ज में बदसलूकी हुई.
जंतर-मंतर के Gen-Z आंदोलन में मंच से भाषण देकर चर्चा में आए उत्तराखंड पुलिस के सिपाही शेर सिंह को आखिरकार सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. विभाग का कहना है कि उन्होंने पुलिस सेवा के अनुशासन और आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन किया. शेर सिंह पहले से निलंबित थे और उन पर उगाही व जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आपराधिक आरोपों की भी जांच चल रही है.
JPSC-JSSC Student Protest रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनका कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 और 6 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में दो दिवसीय रणनीतिक बैठक बुलाई है. बैठक में आंदोलन के अगले चरण और देशभर में युवाओं से संवाद अभियान पर चर्चा होगी.
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा है कि वह अपनी पढ़ाई से जुड़े स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाने को तैयार हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं से उनकी डिग्री सार्वजनिक करने की मांग करते हैं. यह वीडियो सूरत के एक RTI कार्यकर्ता के द्वारा उनके पिता की आर्थिक स्थिति, CJP के लीगल डिफेंस फंड और कपिल सिब्बल द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये के योगदान की जांच की मांग के बाद आया.
अमित तिवारी की शिकायतों के बाद सीजेपी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि किसी की पढ़ाई के खर्च पर सवाल उठाने वालों को पीएम केयर्स फंड की भी जांच करनी चाहिए. इससे पहले अभिजीत दिपके ने भी स्कॉलरशिप, एजुकेशन लोन और आगे पारदर्शी क्राउडफंडिंग पर अपनी बात रखी है.
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने अमेरिका में हुई अपनी पढ़ाई को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है. उनका कहना है कि उनकी पढ़ाई का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरा हुआ था.