उत्तर प्रदेश में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने की कवायद में जुट गई है. विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर बीजेपी ने संगठन स्तर पर अपनी घेराबंदी तेज कर दी है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पश्चिम यूपी से मिशन-2027 का आगाज करने जा रहे हैं. मेरठ से लेकर सहारनपुर तक फैली पश्चिम यूपी की 71 विधानसभा सीटों पर चुनावी माहौल बनाने और सांगठनिक मशीनरी को धार देने के लिए यह बीजेपी का बड़ा दांव माना जा रहा है.
पश्चिमी यूपी को साधने के लिए एक तरह से सियासी शक्ति प्रदर्शन शुरू हो गया है. मुजफ्फरनगर में आरएलडी मुखिया चौधरी जयंत सिंह ने सामाजिक समरसता सम्मेलन किया, तो मेरठ के सरधना में सपा विधायक अतुल प्रधान इकरा हसन के साथ मुसलमानों को साधते नजर आए. दूसरी तरफ किठौर में पीडीए सम्मेलन के जरिए शाहिद मंजूर ने अपनी ताकत दिखाई. अब बीजेपी रणभूमि में उतर रही है.
सपा और आरएलडी के बाद अब सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से होते हुए मेरठ पहुंचेंगे. नितिन नवीन के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी रहेंगे. मंगलवार को नितिन नवीन सहारनपुर का दौरा कर सियासी माहौल बनाने की कवायद करते नजर आएंगे. इस तरह नितिन नवीन दो दिनों में पश्चिमी यूपी की सीटों की सियासी नब्ज को समझने के साथ-साथ सत्ता की हैट्रिक की बिसात बिछाने की कवायद करेंगे.
Gen-Z और संगठन को साधेंगे नितिन नवीन
नितिन नवीन सोमवार को मेरठ के सुभारती यूनिवर्सिटी के मांग्ल्य ऑडिटोरियम में 2 हजार छात्रों के साथ 'युवा संवाद' करेंगे, जिसके जरिए Gen-Z को साधने का प्लान है. इसमें यूनिवर्सिटी के 2 हजार छात्र-छात्राओं के साथ उनका सीधा संवाद होगा. वे युवाओं के सवालों के जवाब भी देंगे. पार्टी कार्यकर्ताओं या अन्य की इसमें दखलंदाजी नहीं होगी. एआई, शिक्षा, महंगाई और बेरोजगारी पर बातचीत होगी. इस आयोजन में मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ सीएम योगी और पंकज चौधरी होंगे.
युवाओं से संवाद के बाद नितिन नवीन पश्चिम क्षेत्र के 4800 शक्ति केंद्रों के संयोजकों को संबोधित करेंगे. सोमवार शाम को मेरठ के ब्रावुरा रिसोर्ट में पश्चिम क्षेत्र के पदाधिकारियों की अहम बैठक लेंगे, जिसमें नई क्षेत्रीय टीम के साथ मंथन करेंगे. इस बैठक में मंडल अध्यक्ष और शक्ति केंद्र संयोजक होंगे. बैठक में मंच पर नितिन नवीन, योगी और पंकज चौधरी होंगे. संभावना है कि प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े भी आयोजन में रहेंगे. यह बैठक लगभग ढाई घंटे तक चलेगी.
पश्चिमी यूपी की 71 सीटों को साधने का प्लान
उत्तर प्रदेश की सत्ता का रास्ता काफी हद तक पश्चिम यूपी से होकर गुजरता है. मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, बुलंदशहर और गाजियाबाद जैसे जिलों में फैली 71 सीटें किसी भी राजनीतिक दल के लिए बेहद निर्णायक होती हैं. यह इलाका किसान आंदोलन, सामाजिक-जातीय समीकरणों और मजबूत विपक्ष की वजह से काफी संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में बीजेपी इस क्षेत्र में किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है. इसीलिए नितिन नवीन पश्चिमी यूपी के सियासी समीकरण को साधने के लिए खुद मैदान में उतर रहे हैं.
पश्चिम क्षेत्र के 14 और भाजपा के 19 संगठनात्मक जिलों की 71 विधानसभा सीटों के 350 बूथों के 4800 शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को नितिन नवीन संबोधित करेंगे. बैठकों के बाद नितिन सुभारती यूनिवर्सिटी के मार्स रिसोर्ट में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन 22 सितंबर को सहारनपुर के लिए प्रस्थान करेंगे. नितिन नवीन के साथ पंकज चौधरी और सीएम योगी भी सहारनपुर में रहेंगे. इस दौरान वे सुबह औघड़नाथ मंदिर वाया कार जाएंगे, दर्शन के बाद वाया कार ही सहारनपुर की बैठकों के लिए निकलेंगे.
नितिन नवीन के एजेंडे में क्या-क्या है
नितिन नवीन बीजेपी के ऊर्जावान और सांगठनिक कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले नेता हैं. बीजेपी आलाकमान का लक्ष्य पश्चिम यूपी के सियासी समीकरण को दुरुस्त करने और पार्टी के बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को री-चार्ज करने का है. नितिन नवीन, पंकज चौधरी और सीएम योगी की तिकड़ी अपने इस विस्तृत दौरे के दौरान मेरठ और सहारनपुर मंडल के प्रमुख जिलों में मैराथन बैठकें करेगी. वे कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद के जरिए बूथ स्तर की कमियों को पहचानेंगे और उन्हें दूर करेंगे.
स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच आपसी समन्वय बनाना, केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच का जायजा लेना और पश्चिमी यूपी में किसान वर्ग व युवाओं के मूड को भांपते हुए उनसे सीधा जुड़ाव बनाना इस दौरे का मुख्य ध्येय है. इसीलिए संगठन के साथ-साथ युवाओं के साथ संवाद की रूपरेखा बनाई गई है.
विपक्ष की घेराबंदी को तोड़ने का प्लान
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जिस तरह से पश्चिम यूपी में सियासी समीकरण बदले हैं, उसे देखते हुए बीजेपी अपने परंपरागत वोट बैंक को एकजुट रखने के साथ-साथ नाराज वर्गों को साधने की कोशिश में है. राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के साथ गठबंधन के बावजूद कई सीटों पर बीजेपी को कड़ी चुनौती मिल रही है. ऐसे में नितिन नवीन का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और जमीनी स्तर पर फीडबैक तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन बीजेपी जिस तरह से अभी से 71 सीटों पर आक्रामक रणनीति अपना रही है, उससे साफ है कि पार्टी किसी भी सीट को हल्के में नहीं लेना चाहती. नितिन नवीन के इस दौरे से पश्चिम यूपी की सियासत में हलचल तेज हो गई है.
नितिन नवीन ब्रावुरा में पश्चिम क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्षों व पदाधिकारियों, पूर्व जिलाध्यक्षों, महानगर अध्यक्षों, सचिवों, पुरानी क्षेत्रीय टीम के पदाधिकारियों और मोर्चों के अध्यक्षों से डेढ़ घंटा बातचीत करेंगे. इसके बाद वे पश्चिम क्षेत्र की 14 संसदीय सीटों व 71 विधानसभा सीटों के जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, एमएलसी और राज्यसभा सदस्यों के साथ लंबी चर्चा करेंगे. ऐसे में साफ है कि पश्चिमी यूपी की सभी 71 सीटों के समीकरण को दुरुस्त करने की पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है.